पुरी रथ यात्रा और स्नान पूर्णिमा का शेड्यूल लगभग तैयार, अंतिम मंजूरी का इंतज़ार: मुख्य अधिकारी अरविंद पाढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा और रथ यात्रा की तैयारियों ने निर्णायक मोड़ ले लिया है — मंदिर के मुख्य अधिकारी अरविंद पाढ़ी ने 1 जून को बताया कि दोनों प्रमुख धार्मिक पर्वों के लिए अनुष्ठानों का पूरा कार्यक्रम लगभग निर्धारित कर लिया गया है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में क्या हुआ
मंदिर प्रबंधन समिति की निति उप-समिति और सेवायतों के संगठन की संयुक्त बैठक विशेष रूप से इन दो आयोजनों की रूपरेखा तय करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में धार्मिक अनुष्ठानों की तिथियों के साथ-साथ प्रशासनिक और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पाढ़ी ने कहा कि पूरी तैयारी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को दर्शन और उत्सव में शामिल होने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समन्वय पर जोर
अरविंद पाढ़ी ने स्पष्ट किया कि इन विशाल आयोजनों की सफलता के लिए सेवायत, मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच निर्बाध समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित पक्ष मिलकर काम कर रहे हैं और प्रत्येक छोटी-बड़ी व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि दोनों पर्व शांतिपूर्ण और भव्य ढंग से संपन्न हों।
रत्न भंडार प्रक्रिया अस्थायी रूप से स्थगित
इस बीच, रत्न भंडार की सूची और गणना प्रक्रिया को फ़िलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पाढ़ी के अनुसार यह प्रक्रिया मंदिर प्रबंधन समिति के अगले निर्णय के बाद ही पुनः आरंभ होगी। गौरतलब है कि रत्न भंडार से जुड़ा मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है, और इसकी गणना प्रक्रिया को आयोजन की तैयारियों के मद्देनज़र अभी के लिए स्थगित किया गया है।
आगे क्या
धार्मिक अनुष्ठानों के शेड्यूल को मंदिर प्रबंधन समिति की अंतिम मंजूरी मिलते ही आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा। ओडिशा में रथ यात्रा और स्नान पूर्णिमा लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, और इस वर्ष भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्तों के पुरी पहुँचने की उम्मीद है।