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पुरी जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा: 3-4 लाख श्रद्धालुओं के लिए 729 पुलिसकर्मी तैनात, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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पुरी जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा: 3-4 लाख श्रद्धालुओं के लिए 729 पुलिसकर्मी तैनात, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सारांश

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा पर 3-4 लाख श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ के लिए प्रशासन ने 729 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। सेंट्रल आईजी सत्यजीत नायक के नेतृत्व में बहु-विभागीय समन्वय से सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

मुख्य बातें

पुरी जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा पर 729 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
अपेक्षित भीड़ 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं तक पहुँचने का अनुमान।
तैनाती में 15 एसपी , 30 डीएसपी , 87 इंस्पेक्टर और 350+ एएसआई/एसआई शामिल।
पुलिस कंट्रोल रूम और मेडिकल कंट्रोल कक्ष 24 घंटे सक्रिय।
मंदिर प्रांगण के भीतर कैमरे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित ।
राज्य, जिला, पुलिस, मंदिर प्रशासन और नगर निगम के बीच बहु-स्तरीय समन्वय।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा के अवसर पर 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने 729 पुलिसकर्मियों की तैनाती सहित व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित की है। सेंट्रल आईजी सत्यजीत नायक ने 27 जून को जानकारी देते हुए बताया कि महाप्रभु की स्नान यात्रा के दौरान भक्तों को निर्बाध दर्शन कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षा बल का विस्तृत ढाँचा

तैनात 729 पुलिसकर्मियों में 15 एसपी रैंक के अधिकारी, 30 डीएसपी रैंक के अधिकारी, 87 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी और 350 से अधिक एएसआई व एसआई रैंक के अधिकारी शामिल हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार से निकास द्वार तक बैरिकेडिंग का व्यापक इंतजाम किया गया है, और इस बार बैरिकेडिंग प्रणाली में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं ताकि भीड़ का प्रवाह सुगम रहे।

आपातकालीन और यातायात प्रबंधन

मंदिर परिसर में पुलिस कंट्रोल कक्ष और मेडिकल कंट्रोल कक्ष स्थापित किए गए हैं। यातायात प्रबंधन और वाहनों की पार्किंग के लिए भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास को परेशानी-मुक्त बनाने के लिए मंदिर के आसपास के क्षेत्र की निगरानी लगातार जारी है।

बहु-विभागीय समन्वय

आईजी नायक ने बताया कि स्नान यात्रा को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मंदिर प्रशासन और नगर निगम के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। यह समन्वित दृष्टिकोण इस आयोजन की विशालता और धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए अपनाया गया है। गौरतलब है कि मंदिर प्रांगण के भीतर कैमरे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील

सेंट्रल आईजी सत्यजीत नायक ने यहाँ पहुँचने वाले सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे पुलिस प्रशासन द्वारा जारी सभी एडवाइजरी का पालन करें, बैरिकेडिंग तथा प्रवेश-निकास नियमों का अनुसरण करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई संदिग्ध या असाधारण गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आगे क्या

स्नान पूर्णिमा हिंदू पंचांग में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके बाद भगवान जगन्नाथ अनासर काल में विश्राम करते हैं और फिर रथयात्रा के साथ पुनः दर्शन देते हैं। इस वर्ष की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी अप्रिय घटना के महाप्रभु के दर्शन कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जमीनी क्रियान्वयन की होगी जब 4 लाख तक श्रद्धालु एक साथ उमड़ेंगे। यह भी विचारणीय है कि तकनीकी निगरानी पर मंदिर प्रांगण में कैमरा प्रतिबंध के बीच भीड़ नियंत्रण मानव-संसाधन पर ही निर्भर रहेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी जगन्नाथ मंदिर में स्नान पूर्णिमा क्या है?
स्नान पूर्णिमा एक प्रमुख हिंदू पर्व है जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को औपचारिक स्नान कराया जाता है। इस अवसर पर पुरी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और यह रथयात्रा से पूर्व का महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है।
स्नान पूर्णिमा 2025 पर पुरी में कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं?
सेंट्रल आईजी सत्यजीत नायक के अनुसार कुल 729 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 15 एसपी, 30 डीएसपी, 87 इंस्पेक्टर और 350 से अधिक एएसआई व एसआई रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
स्नान पूर्णिमा पर पुरी में कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है?
अधिकारियों के अनुसार स्नान पूर्णिमा के अवसर पर पुरी जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या 3 से 4 लाख तक पहुँच सकती है। इसी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं को पुरी मंदिर में दर्शन के लिए क्या नियम पालने होंगे?
पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी एडवाइजरी का पालन करें, बैरिकेडिंग तथा प्रवेश-निकास नियमों का अनुसरण करें। मंदिर प्रांगण के भीतर कैमरे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी।
पुरी स्नान पूर्णिमा के दौरान आपातकालीन सहायता के लिए क्या व्यवस्था है?
मंदिर परिसर में पुलिस कंट्रोल कक्ष और मेडिकल कंट्रोल कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु तुरंत इन केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं और पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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