जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: धर्मेंद्र प्रधान, CM माझी और संबित पात्रा ने शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद से लिया आशीर्वाद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार, 16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर पुरी स्थित श्री गोवर्धनमठ पुरीपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी जगद्गुरु के दर्शन किए।
धर्मेंद्र प्रधान ने जताई श्रद्धा
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर श्री गोवर्धनमठ पुरी पीठ के पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य जी के श्रीचरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनका स्नेह और आध्यात्मिक मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता है। सनातन परंपरा एवं श्री जगन्नाथ संस्कृति के इस महान आध्यात्मिक केंद्र में उपस्थित होकर मन श्रद्धा, शांति और आनंद से अभिभूत है।' यह मुलाकात रथ यात्रा के उत्सव के बीच आध्यात्मिक और राजनीतिक नेतृत्व के संगम का प्रतीक बनी।
मुख्यमंत्री माझी ने की अगुवाई
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधान से पहले ही श्री गोवर्धनमठ पहुँचकर जगद्गुरु शंकराचार्य के दर्शन किए। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, मानवीय मूल्यों की स्थापना और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए, परम पूज्य शंकराचार्य जी का अमूल्य जीवन-दर्शन और मार्गदर्शन सदैव एक प्रकाश-पुंज का कार्य करता है।' माझी ने यह भी कहा कि जगद्गुरु की उपस्थिति और मार्गदर्शन ने उन्हें राज्य की जनसेवा के लिए नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प से भर दिया है।
संबित पात्रा और अन्य नेताओं की उपस्थिति
पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी श्री जगन्नाथ धाम में जगद्गुरु के दर्शन कर पवित्र आशीर्वाद प्राप्त करने की जानकारी एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री माझी के साथ कैबिनेट मंत्री विभूति भूषण जेना, विधायक आश्रित पटनायक, ओम प्रकाश मिश्रा और अन्य नेता भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि रथ यात्रा के अवसर पर इस प्रकार की राजनीतिक-आध्यात्मिक भेंटें ओडिशा की सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा रही हैं।
जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व
पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा विश्व के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से शामिल होते हैं। श्री गोवर्धनमठ, जो आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख मठों में से एक है, इस पर्व के दौरान आस्था और राष्ट्रीय नेतृत्व के मिलन का केंद्र बनता है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा ओडिशा में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को और गहरा करने में जुटी है।
आगे की दिशा
रथ यात्रा के दौरान वरिष्ठ नेताओं की यह आध्यात्मिक यात्रा सनातन परंपरा के प्रति सत्तारूढ़ दल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का आशीर्वाद और मार्गदर्शन नेताओं के लिए सार्वजनिक जीवन में नैतिक दिशा का प्रतीक माना जाता है।