16 जुलाई 2026
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अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा शुरू, अमित शाह ने परिवार संग की मंगला आरती

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अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा शुरू, अमित शाह ने परिवार संग की मंगला आरती

सारांश

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा भक्ति और परंपरा के संगम के साथ निकली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने परिवार समेत मंगला आरती में भाग लिया, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पहिंद विधि संपन्न की और 31 हज़ार जवानों की अभूतपूर्व सुरक्षा में 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर रथ रवाना हुए।

मुख्य बातें

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा 16 जुलाई 2026 को प्रारंभ हुई।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने परिवार के साथ सुबह चार बजे मंगला आरती में भाग लिया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने स्वर्ण झाड़ू से पहिंद विधि संपन्न की।
सुरक्षा में 31 हज़ार पुलिसकर्मी , 3,700 सीसीटीवी कैमरे , 100 ड्रोन और 12 कंट्रोल रूम तैनात।
यात्रा मार्ग की लंबाई 16 किलोमीटर ; एआई आधारित निगरानी प्रणाली भी सक्रिय।

अहमदाबाद के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से 16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ की 149वीं विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा पूर्ण धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ प्रारंभ हुई। तड़के सुबह से ही हज़ारों श्रद्धालु मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर उमड़ पड़े। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता एवं मंत्री भगवान के दर्शन के लिए पहुँचे।

मंगला आरती और दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

रथयात्रा के शुभारंभ से पूर्व सुबह चार बजे मंदिर में पारंपरिक मंगला आरती आयोजित की गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ मंदिर पहुँचे और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र तथा देवी सुभद्रा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। शाह ने मंगला आरती में भाग लेते हुए देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। उनके साथ अनेक संत-महंत, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।

पहिंद विधि: सेवा और समानता की परंपरा

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी प्रातःकाल मंदिर पहुँचे और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ रथयात्रा की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पारंपरिक रस्म 'पहिंद विधि' संपन्न की। इस परंपरा के अंतर्गत मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने स्वर्ण झाड़ू से भगवान के रथ के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की। यह परंपरा सामाजिक समानता, सेवा और विनम्रता का संदेश देती है तथा वर्षों से अहमदाबाद की रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण रही है। पहिंद विधि संपन्न होने के पश्चात भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों ने नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया।

अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था

रथयात्रा के दौरान प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुप सिंह गहलोत ने बताया कि लगभग 31 हज़ार पुलिसकर्मी, केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कर्मियों को यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है। 16 किलोमीटर लंबे पूरे मार्ग पर 3,700 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 100 ड्रोन, 12 अत्याधुनिक कंट्रोल रूम तथा एआई आधारित निगरानी प्रणाली सक्रिय है। गहलोत ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें और यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने में सहयोग दें।

पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक और आयुक्त गहलोत ने यात्रा से पूर्व मंदिर परिसर एवं मार्ग का स्वयं निरीक्षण किया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड की टीमों ने भगवान के रथों तथा मंदिर परिसर की गहन जाँच की। संयुक्त पुलिस आयुक्त नीरज बरगुजर ने बताया कि मंगला आरती शांतिपूर्वक संपन्न हुई और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रथयात्रा से पूर्व बताया कि रात करीब ढाई बजे से ही अहमदाबाद की गलियाँ 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूँज रही थीं। शहर के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भंडारे की व्यापक व्यवस्था की गई। कई भक्त सुबह साढ़े तीन बजे से ही मंदिर परिसर में पहुँच गए थे। पहली बार यात्रा देखने आए श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन को अपना सौभाग्य बताया।

राजनीतिक शुभकामनाएँ

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मयंक नायक ने रथयात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश पर बनी रहे और उनका आशीर्वाद 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में राष्ट्र का मार्गदर्शन करे। यह रथयात्रा आने वाले वर्षों में भी अपनी आस्था और सांस्कृतिक विरासत की परंपरा को इसी तरह जीवंत बनाए रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें मुख्यमंत्री झाड़ू लगाते हैं, सेवा और समानता का संदेश देती है — लेकिन यह भी उतना ही सच है कि यह आयोजन अब एक प्रमुख राजनीतिक मंच बन चुका है। 31 हज़ार जवानों की तैनाती सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाती है, जो इस आयोजन के विशाल पैमाने और संवेदनशीलता दोनों को उजागर करती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा 2026 कब निकली?
भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा 16 जुलाई 2026 को अहमदाबाद के श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा से पूर्व सुबह चार बजे मंगला आरती आयोजित की गई।
अमित शाह ने रथयात्रा में क्या भूमिका निभाई?
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ श्री जगन्नाथ मंदिर पहुँचे और मंगला आरती में भाग लिया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पहिंद विधि क्या होती है और इसे किसने संपन्न किया?
पहिंद विधि रथयात्रा की एक पारंपरिक रस्म है जिसमें स्वर्ण झाड़ू से भगवान के रथ के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की जाती है। इस बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने यह विधि संपन्न की।
रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए?
पुलिस आयुक्त अनुप सिंह गहलोत के अनुसार लगभग 31 हज़ार पुलिसकर्मी, केंद्रीय बल और RAF तैनात किए गए। 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 3,700 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 100 ड्रोन, 12 कंट्रोल रूम और एआई निगरानी प्रणाली सक्रिय रही।
अहमदाबाद की रथयात्रा का क्या महत्त्व है?
अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन है जो वर्षों से भक्ति, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। इस वर्ष यह अपने 149वें संस्करण में पहुँची है।
राष्ट्र प्रेस
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