महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे से ट्रक ड्राइवर को किया गिरफ्तार, लश्कर-जैश के आतंकियों के वीडियो शेयर करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने 14 अगस्त 2026 को ठाणे के पड़घा इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप के माध्यम से लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर फरहतुल्ला घोरी और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मोहम्मद मसूद अजहर के वीडियो प्रसारित करता था। एटीएस इस मामले में चार अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोहेल रज्जाक शेख के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है। एटीएस के अनुसार, उसे ठाणे के पड़घा क्षेत्र से हिरासत में लिया गया और बाद में स्थानीय पड़घा पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ में सोहेल ने स्वीकार किया कि उसे फरहतुल्ला घोरी और मसूद अजहर के वीडियो सुनना पसंद था, इसलिए वह उन्हें डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।
इंस्टाग्राम ग्रुप और वीडियो प्रसार का तरीका
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, सोहेल ने दो साल पहले इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप बनाया था, जिसमें उसने 200 से अधिक लोगों को जोड़ा था। इस ग्रुप के ज़रिए वह प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के प्रमुखों के वीडियो अपलोड करता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथी सामग्री के प्रसार को लेकर पहले से सतर्क हैं।
कानूनी कार्रवाई
एटीएस ने सोहेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है और आगे की जाँच जारी है। चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन चारों ने वीडियो देखे थे लेकिन उन्हें आगे शेयर नहीं किया था। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन व्यक्तियों के इरादे क्या थे।
पृष्ठभूमि: एटीएस का व्यापक अभियान
गौरतलब है कि पिछले महीने भी महाराष्ट्र एटीएस ने एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया था। उस अभियान में एटीएस की 14 यूनिटों की 58 टीमों ने 100 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह अभियान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आए संदिग्धों के खिलाफ था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को देश-विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा है।
आगे क्या होगा
फिलहाल जाँच एजेंसियाँ इंस्टाग्राम ग्रुप के सभी 200 सदस्यों की पहचान और उनके इरादों की जाँच में जुटी हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर आतंकी प्रचार-सामग्री के प्रसार को लेकर बढ़ती चिंताओं को और गहरा करता है।