राजस्थान एटीएस ने टोंक युवक वासित को आतंकी कनेक्शन के संदेह में हिरासत में लिया, जैश-ए-मोहम्मद लिंक की जांच
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने 9 अगस्त 2026 को टोंक निवासी वासित नामक युवक को कथित आतंकी संगठन से संबंध के संदेह में हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वासित का पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े किसी हैंडलर से संपर्क था या नहीं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सुरक्षा एजेंसियाँ संभावित आतंकी नेटवर्क की सक्रिय जाँच कर रही हैं।
हिरासत और तलाशी का घटनाक्रम
सूत्रों के मुताबिक वासित को प्रारंभिक पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है और आगे की जाँच के लिए उसे दिल्ली लाया जा सकता है। एटीएस की टीमों ने टोंक में वासित के आवास पर भी तलाशी ली, जिसमें डिजिटल डिवाइस तथा बैंक खातों व वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज़ जब्त किए गए। गौरतलब है कि राजस्थान एटीएस की ओर से अभी तक इस हिरासत या उस पर लगे आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जाँच का दायरा
जाँचकर्ता जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जाँच करेंगे और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालेंगे। अधिकारियों के अनुसार, उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि वासित का किसी प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क से संभावित संपर्क था या नहीं। संदिग्ध संबंधों की प्रकृति और दायरा अभी स्थापित किया जाना बाकी है।
पृष्ठभूमि: जून में बबीता धाकड़ की गिरफ्तारी
यह ऐसे समय में आया है जब इसी वर्ष जून में राजस्थान एटीएस ने सैन्य खुफिया जानकारी के आधार पर जयपुर निवासी बबीता धाकड़ — जिसे खदीजा के नाम से भी जाना जाता था — को पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था। जाँचकर्ताओं का आरोप था कि धाकड़ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के संपर्क में थी। मूल रूप से सवाई माधोपुर/गंगापुर सिटी की रहने वाली धाकड़ उस समय जयपुर में रह रही थीं, जब खुफिया इनपुट से भारत के बाहर स्थित चरमपंथी तत्वों से उनके संदिग्ध संपर्क का पता चला था।
राजस्थान में बढ़ती आतंकरोधी सक्रियता
वासित की हिरासत राजस्थान एटीएस की लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियाँ राज्य में संभावित कट्टरपंथी नेटवर्क को लेकर सतर्कता बढ़ा रही हैं। यह Nवीं ऐसी कार्रवाई है जिसमें डिजिटल संचार और वित्तीय निशान को जाँच का केंद्र बनाया गया है। जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।