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पश्चिम एशिया संकट के बीच फर्टिलाइजर का स्टॉक: सरकार का आश्वासन

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पश्चिम एशिया संकट के बीच फर्टिलाइजर का स्टॉक: सरकार का आश्वासन

सारांश

सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई में दिक्कतों के बावजूद, फर्टिलाइजर का स्टॉक 180 लाख मीट्रिक टन है। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या बढ़ी है।

मुख्य बातें

फर्टिलाइजर का स्टॉक 180 लाख मीट्रिक टन है।
सप्लाई नियंत्रण में है।
ग्लोबल फर्टिलाइजर मार्केट पर असर पड़ा है।
भारत विभिन्न देशों से फर्टिलाइजर खरीद रहा है।
किसानों को यूरिया और डीएपी रेगुलेटेड कीमतों पर मिल रही है।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने सोमवार को यह घोषणा की कि बढ़ते पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई संबंधी समस्याओं के बावजूद फर्टिलाइजर का स्टॉक लगभग 180 लाख मीट्रिक टन है, जबकि पिछले वर्ष यह 147 लाख मीट्रिक टन था।

फर्टिलाइजर विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि घरेलू यूरिया उत्पादन पर असर पड़ा है। उन्होंने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया कि हमारे पास काफी स्टॉक उपलब्ध है। यूरिया और डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) किसानों को रेगुलेटेड कीमतों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सप्लाई नियंत्रण में है, ऐसा उन्होंने उल्लेख किया।

अपर्णा शर्मा ने आगे बताया कि वैश्विक फर्टिलाइजर बाजार पर असर पड़ा है और मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात के चलते कीमतें बढ़ गई हैं। साथ ही, माल ढुलाई की लागत भी बढ़ी है।

भारत की कृषि क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए यूरिया और फॉस्फेटिक फर्टिलाइजर के आयात पर निर्भरता है। इस निर्भरता को देखते हुए, फर्टिलाइजर विभाग ने भारतीय कंपनियों कृभको, आईपीएल, और सीआईएल के बीच सऊदी अरब की मादेन के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक भारत को हर साल 31 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके की सप्लाई की जाएगी।

अपर्णा शर्मा ने बताया कि अप्रैल और मई आमतौर पर कम मांग वाले महीने होते हैं, जिनका उपयोग इन्वेंट्री बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सप्लाई का पहले ही इंतजाम कर लिया गया था। हम अपने सोर्सिंग बेस को विविधता दे रहे हैं और रूस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कनाडा आदि देशों से खरीदारी कर रहे हैं।

इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय में मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नियमित ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सभी उत्पादों की इन्वेंट्री पर्याप्त है और देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी का अच्छा स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की इन्वेंट्री भी संतोषजनक है। मंत्रालयों ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर जोर दिया।

पिछले दो दिनों में लगभग 1.04 करोड़ एलपीजी बुकिंग रिक्वेस्ट आईं, और 92 लाख डिलीवरी पूरी हुईं। सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि एनफोर्समेंट एक्शन भी तेज हो गया है। रविवार को 2,500 छापे मारे गए और 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार ने संकट के समय में फर्टिलाइजर के स्टॉक को स्थिर रखा है, जो किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव से सावधान रहना आवश्यक है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्टिलाइजर का वर्तमान स्टॉक कितना है?
फर्टिलाइजर का वर्तमान स्टॉक लगभग 180 लाख मीट्रिक टन है।
सरकार ने सप्लाई को कैसे नियंत्रित किया है?
सरकार ने सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ समझौते किए हैं।
क्या वैश्विक संकट का असर कीमतों पर है?
हां, वैश्विक संकट के कारण फर्टिलाइजर की कीमतों में वृद्धि हुई है।
भारत में फर्टिलाइजर की प्रमुख आपूर्ति कहाँ से होती है?
भारत में फर्टिलाइजर की आपूर्ति रूस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, और अन्य देशों से होती है।
किस प्रकार की फर्टिलाइजर किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है?
किसानों को यूरिया और डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उपलब्ध कराई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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