त्रिपुरा: अगरतला में ऐतिहासिक दो किडनी ट्रांसप्लांट की सफलताएँ

Click to start listening
त्रिपुरा: अगरतला में ऐतिहासिक दो किडनी ट्रांसप्लांट की सफलताएँ

सारांश

अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत मेडिकल कॉलेज में दो लगातार किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता ने राज्य के स्वास्थ्य इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। यह ट्रांसप्लांट मुख्यमंत्री माणिक साहा की नेतृत्व में संपन्न हुआ है।

Key Takeaways

  • दो सफल किडनी ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड स्थापित हुआ।
  • मुख्यमंत्री माणिक साहा का महत्वपूर्ण योगदान
  • सभी मरीज और डोनर की स्थिति स्थिर है।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मिलकर यह उपलब्धि हासिल की।
  • राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत।

अगरतला, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अगरतला के सरकारी गोविंद बल्लभ पंत मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने राज्य के इतिहास में पहली बार लगातार दो किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बिधान गोस्वामी ने बताया कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री माणिक साहा के प्रयासों से संभव हो पाई है, जो स्वयं एक डेंटल सर्जन हैं और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सोमवार और मंगलवार को छठा और सातवां किडनी ट्रांसप्लांट पूरा होने से अब इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कुल 7 सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं।

सभी मामलों में डोनर और मरीज दोनों की हालत स्थिर और अच्छी बताई जा रही है।

हाल के दोनों ट्रांसप्लांट अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किए गए। इसमें मणिपुर के इंफाल स्थित एक निजी अस्पताल और रिसर्च संस्थान के विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया।

डॉ. गोस्वामी ने बताया कि पहले ट्रांसप्लांट अलग-अलग किए जाते थे, लेकिन राज्य में पहली बार लगातार दो दिनों में दो सफल ट्रांसप्लांट किए गए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है।

सोमवार को दक्षिण त्रिपुरा के बैखोरा के 36 वर्षीय व्यक्ति का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ, जिसमें उसे उसके 33 वर्षीय बचपन के दोस्त ने किडनी दान की।

मंगलवार को पश्चिम त्रिपुरा के चंपकनगर के 33 वर्षीय व्यक्ति का ट्रांसप्लांट किया गया, जिसे उसके 59 वर्षीय पिता ने किडनी दान की।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी डोनर और मरीज फिलहाल स्थिर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

ये ऑपरेशन नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों की टीम ने मिलकर किए, जिसमें मणिपुर के विशेषज्ञों का भी सहयोग रहा।

डॉ. गोस्वामी ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ और ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छठा ट्रांसप्लांट सोमवार सुबह शुरू हुआ और लगभग 6 घंटे में पूरा हुआ, जबकि सातवां ट्रांसप्लांट मंगलवार सुबह शुरू होकर लगभग 5 घंटे में संपन्न हुआ।

अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में पहला किडनी ट्रांसप्लांट 8 जुलाई 2024 को किया गया था, जबकि पांचवां ट्रांसप्लांट 4 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक हुआ था।

इस बीच, त्रिपुरा सरकार ने राज्य में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए एम्स, नई दिल्ली से मार्गदर्शन और सहयोग मांगा है।

पिछले साल जून में एम्स, नई दिल्ली के निदेशक एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज, गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा किया था, ताकि राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन किया जा सके। यह दौरा मुख्यमंत्री माणिक साहा के अनुरोध पर किया गया था।

Point of View

स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत देती है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

किडनी ट्रांसप्लांट कब और कहाँ किया गया?
अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत मेडिकल कॉलेज में 31 मार्च को दो किडनी ट्रांसप्लांट किए गए।
कितने किडनी ट्रांसप्लांट अब तक किए गए हैं?
अब तक इस अस्पताल में कुल 7 सफल किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
कौन-कौन से विशेषज्ञों ने ट्रांसप्लांट में मदद की?
इसमें अगरतला के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ मणिपुर के विशेषज्ञों ने भी सहयोग किया।
क्या डोनर और मरीज की हालत स्थिर है?
हाँ, सभी डोनर और मरीज की हालत वर्तमान में स्थिर बताई जा रही है।
इस उपलब्धि का महत्व क्या है?
यह उपलब्धि राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Nation Press