मध्य प्रदेश: गेहूं की खरीद के लिए एमएसपी में बदलाव पर कांग्रेस-भाजपा के बीच बहस
सारांश
Key Takeaways
- एमएसपी पर गेहूं की खरीद में बदलाव से किसान परेशान हैं।
- कांग्रेस और भाजपा के बीच तकरार बढ़ रही है।
- सरकार ने 2,625 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद का आश्वासन दिया।
- किसानों को ऋण चुकाने में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
- केंद्र सरकार ने जूट की बोरियों का अतिरिक्त आवंटन किया है।
भोपाल, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद की तारीखों में बदलाव को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
सोमवार को, राज्य सरकार ने एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की, जिसमें कहा गया कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम मंडलों में खरीद अब 10 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि पहले इसे 7 अप्रैल से शुरू होना था।
इसी प्रकार, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर मंडलों में खरीद की तारीख भी 15 अप्रैल कर दी गई है, जो पहले 7 अप्रैल तय की गई थी।
राज्य सरकार ने खरीद प्रक्रिया को दूसरी बार पुनर्निर्धारित किया है, जिसे पहले 16 मार्च से 1 अप्रैल तक स्थगित किया गया था।
कांग्रेस के नेता भाजपा सरकार के इस निर्णय की निंदा करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि इसकी वजह से किसान परेशान हो रहे हैं और उन्हें अपनी फसलें कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कई किसान बैंक ऋण चुकाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यदि देरी हुई तो उन्हें 31 मार्च से पहले अपनी फसलें कम दाम पर बेचनी पड़ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 31 मार्च के बाद लगभग 40 प्रतिशत किसान भुगतान न कर पाने की स्थिति में पहुंच जाएंगे, जबकि सरकार बार-बार तारीखें बदल रही है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रमुख जयपाल सिंह चावड़ा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी भी किसानों के हितों की सच्ची रक्षा नहीं की।
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अनाज की पैकेजिंग में उपयोग होने वाले पॉलीप्रोपाइलीन और हाई-डेंसिटी पॉलीइथीन बैग के लिए पॉलिमर की कमी आई है।
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को जूट की 50,000 अतिरिक्त बोरियों का आवंटन भी किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के गेहूं के हर दाने को 2,625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।