त्रिकोणासन: तनाव, पाचन और मांसपेशियों की कमज़ोरी से राहत का आयुष-अनुमोदित योगासन

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त्रिकोणासन: तनाव, पाचन और मांसपेशियों की कमज़ोरी से राहत का आयुष-अनुमोदित योगासन

सारांश

आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित त्रिकोणासन सिर्फ एक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ नहीं — यह मानसिक तनाव, कमज़ोर पाचन और मांसपेशियों की अकड़न तीनों से एक साथ निपटने का सरल उपाय है। डेस्क जॉब करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी यह आसन 20-30 सेकंड के अभ्यास में शरीर को नई ऊर्जा देता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने त्रिकोणासन को शरीर को लचीला, संतुलित और शक्तिशाली बनाने वाला महत्वपूर्ण योगासन बताया है।
इस आसन में हाथ, पैर और धड़ मिलकर त्रिभुज की आकृति बनाते हैं और शरीर को तीन दिशाओं में स्ट्रेच मिलता है।
पाचन सुधार, एकाग्रता वृद्धि और मांसपेशियों की मज़बूती इसके प्रमुख लाभ बताए गए हैं।
प्रत्येक तरफ 20 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहना आवश्यक है।
स्लिप डिस्क , साइटिका या हाल की पेट की सर्जरी की स्थिति में यह आसन वर्जित है।

त्रिकोणासन — जिसमें शरीर त्रिभुज की आकृति बनाता है — आयुष मंत्रालय के अनुसार आधुनिक जीवनशैली की तीन प्रमुख समस्याओं — मानसिक तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और कमज़ोर पाचन — से एक साथ निपटने में सहायक है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन को शरीर को लचीला, संतुलित और शक्तिशाली बनाने के साथ-साथ श्वसन क्षमता सुधारने में प्रभावी बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेस्क जॉब करने वालों के लिए यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है।

त्रिकोणासन क्या है और यह कैसे काम करता है

इस आसन में हाथ, पैर और धड़ मिलकर एक त्रिभुज का आकार बनाते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शरीर को तीन दिशाओं में एक साथ स्ट्रेच देने की यह प्रक्रिया मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ाती है और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय को बेहतर करती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब घंटों एक ही मुद्रा में बैठे रहने से रीढ़ और कूल्हे की मांसपेशियाँ अकड़ जाती हैं।

स्वास्थ्य लाभ: क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने की क्षमता में वृद्धि होती है। शरीर को मोड़ने और खिंचाव देने की प्रक्रिया पेट के अंगों को सक्रिय करती है, जिससे पाचन में सुधार होता है। जिन लोगों को गैस, अपच या पेट से जुड़ी अन्य समस्याएँ रहती हैं, उनके लिए यह आसन लाभकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, एकाग्रता बढ़ाने में भी इसकी भूमिका बताई जाती है।

त्रिकोणासन करने की सही विधि

योगा मैट पर खड़े होकर दोनों पैरों को 3 से 4 फीट की दूरी पर फैलाएँ। दाएँ पैर को 90 डिग्री बाहर की ओर घुमाएँ और बाएँ पैर को थोड़ा अंदर की ओर मोड़ें। दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएँ, हथेलियाँ नीचे की ओर रखें। धीरे-धीरे दाईं ओर झुकें और दाहिने हाथ से दाएँ पैर या टखने को छूने का प्रयास करें। बायाँ हाथ सीधा ऊपर की ओर रहे। इस स्थिति में 20 से 30 सेकंड तक रहें और सामान्य श्वास बनाए रखें। इसके बाद ताड़ासन में वापस आएँ और यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएँ।

सावधानियाँ: किन्हें नहीं करना चाहिए यह आसन

स्लिप डिस्क, साइटिका के गंभीर दर्द या हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो, ऐसे लोगों को त्रिकोणासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। किसी भी पुरानी शारीरिक समस्या की स्थिति में योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना उचित रहता है।

आगे की राह

आयुष मंत्रालय की ओर से योग को दैनिक जीवन में शामिल करने पर लगातार बल दिया जा रहा है। त्रिकोणासन जैसे आसन, जो न्यूनतम स्थान और उपकरण में किए जा सकते हैं, शहरी और ग्रामीण दोनों आबादियों के लिए एक सुलभ स्वास्थ्य विकल्प बनते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि मंत्रालय द्वारा उद्धृत लाभ मुख्यतः पारंपरिक योग-ग्रंथों पर आधारित हैं — इनकी पुष्टि के लिए बड़े पैमाने पर नैदानिक अध्ययन अभी भी सीमित हैं। शहरी भारत में जहाँ डेस्क जॉब संस्कृति तेज़ी से फैल रही है और मस्कुलोस्केलेटल विकार बढ़ रहे हैं, वहाँ ऐसे सरल आसनों को बढ़ावा देना सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से सकारात्मक कदम है। हालाँकि, व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियों की अनदेखी कर सामान्यीकृत सलाह देना जोखिम भरा भी हो सकता है — इसीलिए चिकित्सीय परामर्श को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिकोणासन क्या है और इसे यह नाम क्यों दिया गया है?
त्रिकोणासन एक योगासन है जिसमें हाथ, पैर और धड़ मिलकर त्रिभुज (त्रिकोण) की आकृति बनाते हैं, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह शरीर को तीन दिशाओं में एक साथ स्ट्रेच देता है और संतुलन, लचीलापन तथा शक्ति बढ़ाता है।
त्रिकोणासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
इस आसन के नियमित अभ्यास से मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, पाचन बेहतर होता है और एकाग्रता में सुधार आता है। यह गैस, अपच और पेट से जुड़ी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। साथ ही श्वसन क्षमता और शारीरिक संतुलन भी बेहतर होता है।
त्रिकोणासन करने की सही विधि क्या है?
पैरों को 3 से 4 फीट की दूरी पर फैलाएँ, दाएँ पैर को 90 डिग्री बाहर घुमाएँ और दोनों हाथ कंधों की सीध में रखें। दाईं ओर झुककर दाहिने हाथ से टखने को छूएँ और बायाँ हाथ ऊपर रखें। 20 से 30 सेकंड इस स्थिति में रहें, फिर दूसरी तरफ दोहराएँ।
किन लोगों को त्रिकोणासन नहीं करना चाहिए?
स्लिप डिस्क, साइटिका के गंभीर दर्द या हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो, ऐसे लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए। किसी भी पुरानी शारीरिक समस्या की स्थिति में पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श लें।
क्या त्रिकोणासन डेस्क जॉब करने वालों के लिए फायदेमंद है?
हाँ, त्रिकोणासन डेस्क जॉब करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। घंटों एक ही मुद्रा में बैठने से अकड़ी मांसपेशियों को यह आसन सक्रिय करता है और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच तालमेल बेहतर बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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