मुर्शिदाबाद बमबाजी कांड: मुंबई क्राइम ब्रांच ने बोरीवली से दो फरार आरोपी दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक आश्रम के बाहर हुई बमबाजी की घटना में वांछित दो आरोपियों को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग आए थे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला बहरामपुर थाना क्षेत्र में 12 मई से शुरू हुआ, जब अज्ञात लोगों ने माजीहेरपाड़ा पोस्ट ऑफिस क्षेत्र स्थित मां दुर्गा मंदिर के सामने लगे बिजली के खंभे पर लगे फोटो फाड़ दिए। इसके अगले दिन 13 मई की रात करीब रात 10:45 बजे आरोपियों ने आश्रम के सामने खाली मैदान में सॉकेट बम फेंके, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सार्वजनिक शांति भंग हुई।
14 मई की सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी मोटरसाइकिल से किराना दुकानदार पशुपतिनाथ साहा की दुकान के बाहर पहुंचे और उन्हें धमकी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो दोबारा बमबाजी की जाएगी। साहा माजीहेरपाड़ा पोस्ट ऑफिस क्षेत्र के निवासी हैं और इसी मामले में शिकायतकर्ता हैं।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोकी खान (24) और सहादत सरकार (35) के रूप में हुई है। रोकी खान कंडी होटल पारा का निवासी है और पेशे से ड्राइवर है, जबकि सहादत सरकार ग्राम नतुन पुरा का निवासी और मजदूर है। शिकायत में नामित मुख्य आरोपी अली हुसैन उर्फ लादेन, हसन एसके और उनके तीन अन्य अज्ञात साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने 15 मई को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि वांछित आरोपी अपना घर छोड़कर गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग गए थे। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच को सूचना दी गई, जिसके आधार पर सीआईयू की टीम ने बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत की औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की। यह घटना उल्लेखनीय है क्योंकि यह पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ समय बाद हुई थी, जिससे इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल था। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।