मुर्शिदाबाद बमबाजी कांड: मुंबई क्राइम ब्रांच ने बोरीवली से दो फरार आरोपी दबोचे

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मुर्शिदाबाद बमबाजी कांड: मुंबई क्राइम ब्रांच ने बोरीवली से दो फरार आरोपी दबोचे

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के ठीक बाद मुर्शिदाबाद में आश्रम के बाहर सॉकेट बम फेंकने और किराना दुकानदार को धमकाने के आरोप में दो आरोपी मुंबई तक भागे — लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच की सीआईयू ने बोरीवली रेलवे स्टेशन पर उन्हें दबोच लिया।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच सीआईयू ने बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर रोकी खान (24) और सहादत सरकार (35) को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपी मुर्शिदाबाद के बहरामपुर थाना क्षेत्र में आश्रम के बाहर 13 मई की रात सॉकेट बम फेंकने के मामले में वांछित थे।
घटना पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ समय बाद हुई थी।
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भागे थे।
अदालत ने आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी।
मुख्य आरोपी अली हुसैन उर्फ लादेन , हसन एसके और तीन अन्य अज्ञात साथी अभी भी फरार हैं।

मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक आश्रम के बाहर हुई बमबाजी की घटना में वांछित दो आरोपियों को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग आए थे।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला बहरामपुर थाना क्षेत्र में 12 मई से शुरू हुआ, जब अज्ञात लोगों ने माजीहेरपाड़ा पोस्ट ऑफिस क्षेत्र स्थित मां दुर्गा मंदिर के सामने लगे बिजली के खंभे पर लगे फोटो फाड़ दिए। इसके अगले दिन 13 मई की रात करीब रात 10:45 बजे आरोपियों ने आश्रम के सामने खाली मैदान में सॉकेट बम फेंके, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सार्वजनिक शांति भंग हुई।

14 मई की सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी मोटरसाइकिल से किराना दुकानदार पशुपतिनाथ साहा की दुकान के बाहर पहुंचे और उन्हें धमकी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो दोबारा बमबाजी की जाएगी। साहा माजीहेरपाड़ा पोस्ट ऑफिस क्षेत्र के निवासी हैं और इसी मामले में शिकायतकर्ता हैं।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोकी खान (24) और सहादत सरकार (35) के रूप में हुई है। रोकी खान कंडी होटल पारा का निवासी है और पेशे से ड्राइवर है, जबकि सहादत सरकार ग्राम नतुन पुरा का निवासी और मजदूर है। शिकायत में नामित मुख्य आरोपी अली हुसैन उर्फ लादेन, हसन एसके और उनके तीन अन्य अज्ञात साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

जांच और गिरफ्तारी

पुलिस ने 15 मई को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि वांछित आरोपी अपना घर छोड़कर गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग गए थे। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच को सूचना दी गई, जिसके आधार पर सीआईयू की टीम ने बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत की औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की। यह घटना उल्लेखनीय है क्योंकि यह पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ समय बाद हुई थी, जिससे इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल था। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मुख्य आरोपी — जिनमें 'अली हुसैन उर्फ लादेन' शामिल है — अभी भी फरार हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के तत्काल बाद हुई इस घटना का राजनीतिक संदर्भ नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — ऐसी हिंसा चुनाव-पश्चात तनाव का लक्षण है, जो बंगाल में कोई नई परिघटना नहीं है। जब तक मास्टरमाइंड पकड़े नहीं जाते और मंदिर-आश्रम क्षेत्र में सुरक्षा बहाल नहीं होती, यह सफलता आधी ही मानी जाएगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुर्शिदाबाद बमबाजी कांड क्या है?
यह मामला पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर थाना क्षेत्र में 13 मई की रात हुई बमबाजी से जुड़ा है, जब आरोपियों ने एक आश्रम के सामने खाली मैदान में सॉकेट बम फेंके। इससे पहले 12 मई को मां दुर्गा मंदिर के पास लगे फोटो भी फाड़े गए थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन्हें कहाँ से पकड़ा गया?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोकी खान (24) और सहादत सरकार (35) के रूप में हुई है। दोनों को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर सीआईयू की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा।
आरोपी मुंबई क्यों भागे थे?
पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना घर छोड़कर गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग गए थे। सूचना मिलने पर मुंबई क्राइम ब्रांच को सतर्क किया गया और बोरीवली स्टेशन पर दोनों को दबोचा गया।
इस मामले में अभी भी कौन-से आरोपी फरार हैं?
शिकायत में नामित मुख्य आरोपी अली हुसैन उर्फ लादेन, हसन एसके और उनके तीन अन्य अज्ञात साथी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश जारी बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के साथ आगे क्या होगा?
मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की है, जिसके तहत दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपा जाएगा। वहाँ उन पर बहरामपुर थाने में दर्ज मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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