मध्य प्रदेश: गेहूं खरीद में चार लाख किसानों ने कराया पंजीकरण, मंत्री कंषाना की जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- गेहूं खरीद की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी।
- 4 लाख अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।
- किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा।
- खरीद की दर 2625 रुपए प्रति क्विंटल होगी।
- खरीद केंद्रों में सुविधाजनक इंतजाम किए गए हैं।
भोपाल, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदारी का कार्य 1 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग चार लाख अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए हैं। प्रदेश में गेहूं खरीद कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
मंत्री कंषाना ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में यह 7 अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी। गेहूं खरीद का काम शासकीय कार्य दिवसों में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा, ताकि किसानों को सुविधाजनक समय मिल सके। राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए गेहूं खरीद पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अब किसानों से गेहूं की खरीद 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए प्रदेश के कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष के 15 लाख 44 हजार किसानों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह किसानों का सरकार की नीतियों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मंत्री कंषाना ने कहा कि सरकार किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सभी खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए ठंडे पेयजल, पंखे, छाया एवं आवश्यक सुविधाओं की उचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसानों को धूप में खड़े होकर किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।