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मध्य प्रदेश: गेहूं की खरीद के लिए 19 लाख से अधिक किसानों ने की पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू

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मध्य प्रदेश: गेहूं की खरीद के लिए 19 लाख से अधिक किसानों ने की पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू

सारांश

मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद 9 अप्रैल से शुरू हो रही है। इस बार किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में सभी महत्वपूर्ण बातें।

मुख्य बातें

गेहूं की खरीद 9 अप्रैल से शुरू होगी।
19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।
खरीद मूल्य 2,625 रुपए प्रति क्विंटल है।
3,627 खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस मिलेगा।

भोपाल, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। 2026-27 सीजन के लिए किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्यभर में 19 लाख चार हजार 644 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो कि पिछले 2025-26 सीजन की तुलना में काफी अधिक है।

खरीद प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए, राज्य सरकार ने 3,627 खरीद केंद्रों की स्थापना की है। केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश सरकार ने 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देने की घोषणा की है, जिससे किसानों के लिए प्रभावी खरीद मूल्य बढ़कर 2,625 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खरीद की तैयारियों की समीक्षा की और इस सीजन के लिए पुख्ता व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया। जूट के बोरों (गनी बैग) का पर्याप्त स्टॉक पहले से ही जुटा लिया गया है, और सभी खरीद केंद्रों पर हेल्प डेस्क तथा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। इस प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय में बनाए गए विशेष नियंत्रण कक्ष के माध्यम से की जाएगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हम इसे बढ़ाकर 2,700 रुपए प्रति क्विंटल तक ले जाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया। उनका यह कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने आगे कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है, और इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, निर्धारित केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। 'किसान कल्याण वर्ष' (कृषि कल्याण वर्ष) 2026 के अंतर्गत, खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों को पैम्फलेट, होर्डिंग्स और प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे कृषि क्षेत्र में सुधार की संभावना नजर आती है। सरकार की योजनाएं किसान कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने का प्रयास करती हैं।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गेहूं की खरीद कब से शुरू होगी?
गेहूं की खरीद 9 अप्रैल से शुरू होगी।
कितने किसानों ने पंजीकरण कराया है?
19 लाख चार हजार 644 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
राज्य सरकार ने कितने खरीद केंद्र बनाए हैं?
राज्य सरकार ने 3,627 खरीद केंद्र बनाए हैं।
क्या किसानों को बोनस दिया जाएगा?
हाँ, किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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