ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: जॉर्डन में 8 बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद बोले — 'कड़ा प्रहार करेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 सितंबर को ईरान को कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी, यह कहते हुए कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी बलों पर ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों का जवाब दिया जाएगा। एक अमेरिकी सूत्र के अनुसार, ईरान ने रविवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ बताया जा रहा है।
ट्रंप का बयान और चेतावनी
एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'हम उन पर कड़ा प्रहार करेंगे। इसका जवाब दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी बताया कि रात में दागी गई ईरानी मिसाइलों में से एक को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने जानबूझकर नहीं रोका, क्योंकि आकलन में पाया गया था कि वह किसी लक्ष्य को नहीं लगेगी। बाकी आने वाली मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
हालाँकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत की संभावना अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उनके शब्दों में, 'वे बातचीत करना चाहते हैं। लेकिन मुझे नहीं पता कि उनके साथ किसी समझौते पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।' ट्रंप ने यह भी कहा कि 'प्रतिबंधों का असर अब बहुत मजबूती से दिखाई दे रहा है।'
हमले की पृष्ठभूमि
यह मिसाइल हमला अमेरिका की ओर से लारक द्वीप पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मिसाइल लॉन्चरों पर किए गए हवाई हमले के बाद हुआ। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लारक द्वीप पर की गई इस कार्रवाई को 'सीमित और सटीक' बताया और कहा कि यह ईरान की उन माइन बिछाने वाली सैन्य क्षमताओं के विरुद्ध की गई थी, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और वैश्विक व्यापार के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रही थीं।
गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है।
ईरान का दावा और पलटवार
ईरान की फर्स न्यूज एजेंसी ने IRGC के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित किंग हुसैन और अल-अजराक अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 'तकनीकी और रखरखाव ढाँचे' तथा उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जहाँ 'दुश्मन के लड़ाकू विमान' तैनात थे। ईरान का दावा है कि इस हमले से भारी नुकसान हुआ, जबकि अमेरिकी पक्ष ने किसी बड़े नुकसान से इनकार किया है।
हमले के बाद IRGC ने एक बयान में कहा कि लारक द्वीप पर हुई कार्रवाई में कथित तौर पर कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं, और इस हमले का जवाब 'आक्रमणकारी को सजा देकर' दिया जाएगा। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने अनौपचारिक रिपोर्टों के आधार पर कहा कि लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए।
आगे क्या होगा
दोनों पक्षों की ओर से जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। ट्रंप के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका सैन्य विकल्प को खुला रखे हुए है, जबकि कूटनीतिक रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी और तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधे पड़ सकता है।