जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर मनोज झा की माँग: रूसी तेल और भू-राजनीतिक वार्ता का ब्योरा सार्वजनिक हो
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने 25 अगस्त को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात पर सरकार से पारदर्शिता की माँग की। झा ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश को यह जानने का अधिकार है कि उस बैठक में क्या चर्चा हुई।
जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर क्या बोले मनोज झा
राजद सांसद ने कहा, 'यह प्रोटोकॉल का हिस्सा है। वे बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अहम बात यह है कि अमेरिका के रुख को देखते हुए हमने रूसी तेल के बारे में क्या संदेश दिया है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हाल के दिनों में हुए चिंताजनक घटनाक्रमों के संदर्भ में देश यह जानना चाहेगा कि वार्ता में क्या हुआ।
भारत-चीन वार्ता पर गंभीर सवाल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) की बीजिंग यात्रा पर झा ने कहा कि केवल तस्वीरें जारी होने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने पूछा, 'क्या आपने इस बात पर चर्चा की कि वे हमारे इलाके में काफी अंदर तक आ गए हैं और वहाँ ढाँचे खड़े कर दिए हैं?' झा ने संसद में व्यापार से जुड़े एक सवाल का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के कथन और कार्य में एकरूपता होनी चाहिए।
सांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख
झा ने बिना नाम लिए एक केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा और कहा कि वे 'हिंदू-मुस्लिम की राजनीति' पूर्णकालिक रूप से करते हैं। उन्होंने माँग की कि यदि प्रधानमंत्री विभागों में फेरबदल करें, तो उस मंत्री का विभाग बदला जाए। पितृसत्ता के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा करना गलत नहीं है।
5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन पर राजद सांसद का बयान
सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के 5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन पर झा ने कहा कि इस तारीख का अपना महत्व है क्योंकि यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ा शिक्षक दिवस है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोग अपनी माँगें रख रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार की विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर एक साथ आक्रामक है।