25 अगस्त 2026
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जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर मनोज झा की माँग: रूसी तेल और भू-राजनीतिक वार्ता का ब्योरा सार्वजनिक हो

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जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर मनोज झा की माँग: रूसी तेल और भू-राजनीतिक वार्ता का ब्योरा सार्वजनिक हो

सारांश

राजद सांसद मनोज झा ने जयशंकर-पुतिन मुलाकात को 'प्रोटोकॉल' तो माना, लेकिन रूसी तेल और भू-राजनीतिक वार्ता का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की माँग की। साथ ही NSA की बीजिंग यात्रा पर भी ठोस जवाब माँगा।

मुख्य बातें

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने 25 अगस्त को विदेश मंत्री एस.
जयशंकर और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की माँग की।
झा ने कहा कि अमेरिका के रुख को देखते हुए रूसी तेल पर भारत का संदेश स्पष्ट होना चाहिए।
NSA की बीजिंग यात्रा पर झा ने पूछा — चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में ढाँचा खड़ा करने पर क्या ठोस कदम उठाए गए?
झा ने एक केंद्रीय मंत्री पर पूर्णकालिक सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से विभाग बदलने की माँग की।
5 सितंबर के CJP विरोध प्रदर्शन को झा ने शिक्षक दिवस की महत्ता से जोड़ा।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने 25 अगस्त को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात पर सरकार से पारदर्शिता की माँग की। झा ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश को यह जानने का अधिकार है कि उस बैठक में क्या चर्चा हुई।

जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर क्या बोले मनोज झा

राजद सांसद ने कहा, 'यह प्रोटोकॉल का हिस्सा है। वे बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अहम बात यह है कि अमेरिका के रुख को देखते हुए हमने रूसी तेल के बारे में क्या संदेश दिया है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हाल के दिनों में हुए चिंताजनक घटनाक्रमों के संदर्भ में देश यह जानना चाहेगा कि वार्ता में क्या हुआ।

भारत-चीन वार्ता पर गंभीर सवाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) की बीजिंग यात्रा पर झा ने कहा कि केवल तस्वीरें जारी होने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने पूछा, 'क्या आपने इस बात पर चर्चा की कि वे हमारे इलाके में काफी अंदर तक आ गए हैं और वहाँ ढाँचे खड़े कर दिए हैं?' झा ने संसद में व्यापार से जुड़े एक सवाल का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के कथन और कार्य में एकरूपता होनी चाहिए।

सांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख

झा ने बिना नाम लिए एक केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा और कहा कि वे 'हिंदू-मुस्लिम की राजनीति' पूर्णकालिक रूप से करते हैं। उन्होंने माँग की कि यदि प्रधानमंत्री विभागों में फेरबदल करें, तो उस मंत्री का विभाग बदला जाए। पितृसत्ता के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा करना गलत नहीं है।

5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन पर राजद सांसद का बयान

सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के 5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन पर झा ने कहा कि इस तारीख का अपना महत्व है क्योंकि यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ा शिक्षक दिवस है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोग अपनी माँगें रख रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार की विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर एक साथ आक्रामक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

झा ने स्वयं कोई ठोस वैकल्पिक नीति प्रस्ताव नहीं रखा, जो इस आलोचना को आंशिक रूप से प्रतीकात्मक बनाता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज झा ने जयशंकर-पुतिन मुलाकात पर क्या माँग की?
राजद सांसद मनोज झा ने माँग की कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई वार्ता का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से रूसी तेल पर भारत के रुख और हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर हुई चर्चा की जानकारी माँगी।
भारत-चीन वार्ता पर मनोज झा ने क्या कहा?
झा ने NSA की बीजिंग यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल तस्वीरें जारी करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूछा कि चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में ढाँचा खड़े करने पर सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं और सरकार के कथन व कार्य में एकरूपता होनी चाहिए।
मनोज झा ने किस केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा?
झा ने बिना नाम लिए एक केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगाया कि वे पूर्णकालिक रूप से सांप्रदायिक राजनीति करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से माँग की कि अगले विभागीय फेरबदल में उस मंत्री का विभाग बदला जाए।
5 सितंबर के CJP विरोध प्रदर्शन पर झा का क्या रुख है?
झा ने 5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन को शिक्षक दिवस से जोड़ा, जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए लोग अपनी माँगें रखने के लिए एकत्र हो रहे हैं।
रूसी तेल पर भारत की नीति को लेकर विपक्ष की चिंता क्या है?
मनोज झा ने संकेत दिया कि अमेरिका के बदलते रुख के मद्देनजर भारत को रूसी तेल आयात पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका कहना है कि इस विषय पर जयशंकर-पुतिन वार्ता में क्या संदेश दिया गया, यह जनता को बताया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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