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बीपीएससी TRE-4: 5 लाख तक आवेदन पर एक दिन में परीक्षा, दो चरणों की व्यवस्था बरकरार

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बीपीएससी TRE-4: 5 लाख तक आवेदन पर एक दिन में परीक्षा, दो चरणों की व्यवस्था बरकरार

सारांश

बीपीएससी ने TRE-4 को लेकर फैले भ्रम को दूर किया — 5 लाख तक आवेदन पर एक दिन में परीक्षा, अधिक होने पर दो तिथियाँ। ईओयू और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर दो-चरणीय व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्य बातें

बीपीएससी ने 24 अगस्त को टीआरई-4 परीक्षा पैटर्न पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया।
आवेदन 5 लाख तक रहने पर परीक्षा एक दिन में; अधिक होने पर दो अलग-अलग तिथियों पर आयोजन।
दो-चरणीय परीक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं; ईओयू और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर आधारित।
सभी वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन लागू; हिंदी माध्यम भेदभाव के आरोप खारिज।
60% से अधिक अंक मिलने पर हेड एग्जामिनर द्वारा उत्तर पुस्तिका की दोबारा जाँच अनिवार्य।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 24 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 के परीक्षा पैटर्न को लेकर फैली अफवाहों और भ्रम को आधिकारिक तौर पर दूर किया। आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि आवेदनों की संख्या 5 लाख तक सीमित रहती है, तो परीक्षा एक ही दिन में संपन्न कराई जाएगी, अन्यथा दो अलग-अलग तिथियों पर आयोजन होगा।

परीक्षा की तारीख और ढाँचा

परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि दो चरणों में परीक्षा कराने के निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल बिहार तक सीमित नहीं है — उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई राज्य पहले से ही दो या तीन चरणों में परीक्षाएँ आयोजित करते हैं।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा विवाद के बाद गठित राधाकृष्णन समिति ने भी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए दो-चरणीय व्यवस्था की सिफारिश की थी। इसके अतिरिक्त, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भी पारदर्शिता और कदाचार रोकने के लिए यही सुझाव दिया था, जिसे आयोग ने स्वीकार किया।

नकारात्मक अंकन पर स्पष्टीकरण

नकारात्मक अंकन को लेकर उठ रहे सवालों पर राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बीपीएससी की सभी वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन का प्रावधान है और यह सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होता है। इसका उद्देश्य अनुमान के आधार पर उत्तर देकर चयन की संभावना को कम करना है।

हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों से जुड़े आरोप खारिज

हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को कम अंक दिए जाने के आरोपों को आयोग ने सिरे से नकार दिया। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि मुख्य परीक्षा का आवेदन भरते समय माध्यम संबंधी जानकारी ली ही नहीं जाती, इसलिए हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के आधार पर तुलना करने का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञ करते हैं और एक प्रश्न का मूल्यांकन एक ही परीक्षक करता है — चाहे उत्तर हिंदी में हो या अंग्रेजी में।

60% से अधिक अंक और दोबारा जाँच की व्यवस्था

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 60 प्रतिशत से अधिक अंक देने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालाँकि, ऐसे मामलों में उत्तर पुस्तिका की दोबारा जाँच हेड एग्जामिनर द्वारा की जाती है, ताकि मूल्यांकन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

टीआरई-3 की उत्तर पुस्तिकाओं पर उदाहरण

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग ने टीआरई-3 की उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर उठे सवालों पर ठोस उदाहरण प्रस्तुत किया। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि तीसरे स्थान पर रहे अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका में जीएस-1 के प्रश्न संख्या सात के दो उपभागों का उत्तर नहीं दिया गया था, जिसके कारण उन्हें उन दोनों में शून्य अंक मिले। उन्होंने कहा कि अंक उत्तर की गुणवत्ता से तय होते हैं, न कि केवल उत्तर पुस्तिका प्रस्तुत करने से।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों में गहरी चिंता है। आयोग के इस स्पष्टीकरण से लाखों अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि बिहार में पहले भी परीक्षा सुधारों की घोषणाएँ हुई हैं जो जमीन पर उतरते-उतरते कमज़ोर पड़ गईं। हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों की शिकायतों को डेटा के अभाव में खारिज करना पर्याप्त नहीं है — आयोग को माध्यम-वार पारदर्शिता सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनानी चाहिए।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीपीएससी TRE-4 परीक्षा एक दिन में कब होगी?
यदि आवेदनों की संख्या 5 लाख तक रहती है, तो परीक्षा एक ही दिन में आयोजित की जाएगी। 5 लाख से अधिक आवेदन आने पर परीक्षा दो अलग-अलग तिथियों पर होगी।
बीपीएससी TRE-4 में दो चरणों की परीक्षा क्यों रखी गई है?
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर पारदर्शिता और कदाचार रोकने के लिए दो-चरणीय व्यवस्था लागू की गई है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।
क्या बीपीएससी TRE-4 में नकारात्मक अंकन होगा?
हाँ, बीपीएससी की सभी वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन का प्रावधान है और यह सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होता है। इसका उद्देश्य अनुमान के आधार पर उत्तर देकर चयन की संभावना कम करना है।
क्या बीपीएससी में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को कम अंक मिलते हैं?
आयोग ने इस आरोप को खारिज किया है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, मुख्य परीक्षा में माध्यम की जानकारी नहीं ली जाती और एक ही परीक्षक एक प्रश्न का मूल्यांकन करता है — चाहे उत्तर हिंदी में हो या अंग्रेजी में।
बीपीएससी में 60% से अधिक अंक मिलने पर क्या होता है?
60 प्रतिशत से अधिक अंक दिए जाने पर उत्तर पुस्तिका की दोबारा जाँच हेड एग्जामिनर द्वारा अनिवार्य रूप से की जाती है। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है; यह प्रक्रिया मूल्यांकन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
राष्ट्र प्रेस
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