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बीपीएससी 70वीं परीक्षा: 2,027 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, सीएम सम्राट चौधरी बोले — लोक सेवा जनकल्याण का मार्ग

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बीपीएससी 70वीं परीक्षा: 2,027 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, सीएम सम्राट चौधरी बोले — लोक सेवा जनकल्याण का मार्ग

सारांश

बिहार में एक साथ 2,027 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र — यह महज एक समारोह नहीं, सम्राट चौधरी सरकार के उस बड़े दावे की परीक्षा है जिसमें 2030 तक एक करोड़ रोज़गार का वादा है। बीपीएससी की 70वीं परीक्षा का यह रिकॉर्ड वितरण बिहार की बदलती प्रशासनिक तस्वीर का संकेत देता है।

मुख्य बातें

सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार में बीपीएससी 70वीं परीक्षा के 2,027 सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र वितरण को मुख्यमंत्री ने नया रिकॉर्ड बताया।
2020–2025 के बीच 12 लाख सरकारी नौकरियाँ और 50 लाख रोज़गार उपलब्ध कराने का दावा।
2025–2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोज़गार देने का लक्ष्य।
बिहार का बजट बढ़कर ₹3.47 लाख करोड़ ; 12 नई टाउनशिप विकसित की जाएँगी।
राज्य में स्टील, सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 अगस्त 2025 को पटना के बापू सभागार में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के 2,027 सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को नवनियुक्त पदाधिकारियों के जीवन का 'ऐतिहासिक क्षण' बताया और कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र वितरण अपने आप में एक नया कीर्तिमान है।

मुख्यमंत्री का संदेश: सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता

सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि लोक सेवा महज एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा और जनकल्याण का माध्यम है। उन्होंने कहा, 'पदाधिकारी जितनी ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे, बिहार उतनी ही तेज़ी से विकास करेगा।' उनके अनुसार नवनियुक्त अधिकारियों के कार्यों से समाज के किसी न किसी व्यक्ति की उन्नति का रास्ता खुलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत नागरिकों की शिकायतों का निर्धारित 30 दिनों के भीतर समयबद्ध निवारण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि जनता का विश्वास जीतना और बिहार की उन्नति के लिए निरंतर कार्य करना उनका मूल उद्देश्य होना चाहिए।

रोज़गार और विकास के लक्ष्य

चौधरी ने बताया कि 2020 से 2025 के बीच राज्य में 12 लाख सरकारी नौकरियाँ और 50 लाख रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। आगामी पाँच वर्षों यानी 2025 से 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोज़गार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बिहार के युवाओं को विकास यात्रा का 'अहम सहभागी' बताया।

राज्य का बजट बढ़कर ₹3.47 लाख करोड़ हो गया है। शहरी विकास को गति देने के लिए 12 नई टाउनशिप विकसित की जाएँगी, जिनमें बड़े पैमाने पर निजी और सार्वजनिक निवेश आने की उम्मीद है। विभिन्न क्षेत्रों में पीपीपी (PPP) मॉडल अपनाकर राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति दी जाएगी।

औद्योगीकरण और बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगीकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बिहार को स्टील हब बनाने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में निवेश से रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था और मज़बूत होगी।

बुनियादी ढाँचे में सुधार का उदाहरण देते हुए चौधरी ने कहा कि सड़क संपर्कता में हुए सुधार के कारण अब पटना से बोधगया करीब डेढ़ घंटे में पहुँचना संभव हो गया है — जो पहले कहीं अधिक समय लेता था।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सफल अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ समारोह में शामिल हुए। यह आयोजन 'विकसित भारत, समृद्ध बिहार' की परिकल्पना के अनुरूप युवा शक्ति को सरकारी तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

027 नियुक्ति पत्रों का यह समारोह प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि 2020–2025 के बीच '12 लाख सरकारी नौकरियों' के दावे का स्वतंत्र सत्यापन कहाँ है — क्योंकि बिहार में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से लगातार ऊपर रही है। 2030 तक एक करोड़ रोज़गार का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर बिहार की संरचनात्मक चुनौतियाँ — पलायन, कृषि पर निर्भरता और सीमित औद्योगिक आधार — इसे कागज़ी लक्ष्य बनाए रखने का जोखिम उठाती हैं। स्टील हब और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों की घोषणाएँ नई नहीं हैं; निवेशकों की वास्तविक प्रतिबद्धता और ज़मीनी क्रियान्वयन ही इस बार कसौटी होगी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कितने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले?
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के कुल 2,027 सफल अभ्यर्थियों को पटना के बापू सभागार में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे एकल कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरण का नया रिकॉर्ड बताया।
बिहार सरकार का 2030 तक रोज़गार का लक्ष्य क्या है?
बिहार सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोज़गार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। सरकार के अनुसार 2020–2025 के बीच 12 लाख सरकारी नौकरियाँ और 50 लाख रोज़गार के अवसर पहले ही दिए जा चुके हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त अधिकारियों को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा केवल सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा और जनकल्याण का माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ काम करने का आग्रह किया और 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत 30 दिनों में शिकायत निवारण सुनिश्चित करने की बात कही।
बिहार के बजट और नई टाउनशिप योजना की क्या स्थिति है?
बिहार का वर्तमान बजट ₹3.47 लाख करोड़ हो गया है। शहरी विकास के लिए राज्य में 12 नई टाउनशिप विकसित की जाएँगी, जिनमें पीपीपी मॉडल के तहत बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है।
बिहार किन नए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दे रहा है?
राज्य सरकार बिहार को स्टील हब बनाने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में निवेश को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार इन क्षेत्रों में निवेश से रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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