1 सितंबर 2026
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सीटीईटी अभ्यर्थियों का बिहार शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन, टीआरई-4 में समान अवसर की मांग

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सीटीईटी अभ्यर्थियों का बिहार शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन, टीआरई-4 में समान अवसर की मांग

सारांश

बिहार में सीटीईटी अभ्यर्थियों का धैर्य टूट गया। शिक्षा मंत्री के दरवाज़े पर पहुँचकर उन्होंने एक ही सवाल पूछा — जब एसटीईटी वालों को टीआरई-4 में जगह मिली, तो हमारे साथ यह भेद क्यों? संविधान की दुहाई देते ये अभ्यर्थी सिर्फ मौका माँग रहे हैं, दया नहीं।

मुख्य बातें

सीटीईटी अभ्यर्थी 1 सितंबर 2026 को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के पटना आवास पर पहुँचे।
माँग: एसटीईटी 2026 उम्मीदवारों की तरह सीटीईटी 2026 अभ्यर्थियों को भी बीपीएससी टीआरई-4 में आवेदन का अवसर दिया जाए।
अभ्यर्थियों ने दलील दी कि बीपीएससी टीआरई 1.0 में सीटीईटी उम्मीदवारों को अनुमति दी गई थी — उसी नीति का पालन हो।
छात्र नेता नरेंद्र सिंह यादव सहित कई अभ्यर्थियों ने संविधान के समानता के अधिकार का हवाला दिया।
बिहार शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के पटना स्थित आवास पर मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को बड़ी संख्या में सीटीईटी अभ्यर्थी पहुँचे और माँग की कि उन्हें भी बीपीएससी टीआरई-4 में आवेदन का अवसर दिया जाए — ठीक वैसे ही जैसे एसटीईटी 2026 के उम्मीदवारों को हाल ही में दिया गया है। अभ्यर्थियों ने कहा कि यह भेदभाव संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

मुख्य घटनाक्रम

अभ्यर्थियों का यह समूह शिक्षा मंत्री से सीधे संवाद करने के उद्देश्य से उनके आवास पर पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि बीपीएससी टीआरई 1.0 में सीटीईटी उम्मीदवारों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी, और इसी नीति का पालन टीआरई-4 में भी होना चाहिए। अभ्यर्थी रोमा कुमारी ने कहा, 'जिस तरह से एसटीईटी वालों को मौका दिया गया, वैसे ही सीटीईटी वालों को भी मौका दिया जाए — हम लोगों को भी कुछ दिन की छूट दी जाए।'

अभ्यर्थियों की दलीलें

अभ्यर्थी शोभा कुमारी ने संवैधानिक आधार पर अपनी बात रखी: 'संविधान में समानता का अधिकार है — अगर एसटीईटी वालों को मौका मिल रहा है तो सीटीईटी वालों को भी मिलना चाहिए। हम लोग कई वर्षों से तैयारी करते आ रहे हैं।'

छात्र नेता नरेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट माँग रखी: 'बिहार शिक्षा विभाग को सीटीईटी 2026 के उम्मीदवारों को भी टीआरई-4 में शामिल होने का मौका देना चाहिए — यही नीति पहले लागू की गई थी, उसी का पालन हो।' अभ्यर्थी मोहम्मद यासीन ने कहा कि सीटीईटी अभ्यर्थियों के साथ 'गलत व्यवहार' किया जा रहा है और उनकी माँग 'सरल' है — समान नीति, समान अवसर।

आक्रोश की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने हाल ही में एसटीईटी 2026 के उम्मीदवारों को टीआरई-4 में आवेदन की अनुमति दी, जबकि सीटीईटी 2026 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को इस सूची से बाहर रखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पहले से ही कई विवादों के केंद्र में रही है। अभ्यर्थी धीरज कुमार ने तल्ख लहजे में कहा, 'हम सरकार से खाने की माँग नहीं कर रहे, हम मौका माँग रहे हैं — अगर योग्यता होगी तो हम खुद लेंगे।'

सरकार की प्रतिक्रिया

अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के शिक्षा मंत्री आवास पर पहुँचने के बाद तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। बिहार शिक्षा विभाग की ओर से इस विषय पर अब तक कोई स्पष्ट नीतिगत घोषणा नहीं की गई है।

आगे क्या होगा

अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँग नहीं मानी गई तो वे आंदोलन तेज़ करेंगे। टीआरई-4 की आवेदन प्रक्रिया की समयसीमा को देखते हुए, सीटीईटी उम्मीदवारों के पास समय सीमित है और वे जल्द निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो नीतिगत विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सीटीईटी एक केंद्रीय परीक्षा है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है; उसे राज्य-स्तरीय एसटीईटी से कमतर दर्जा देना नीतिगत दृष्टि से कमज़ोर तर्क है। बिहार में शिक्षक भर्ती पहले से ही अदालती विवादों और नीतिगत उलटफेरों से घिरी रही है — यह नया विवाद उसी पैटर्न की अगली कड़ी है। सरकार के पास अब दो ही रास्ते हैं: नीति में पारदर्शी संशोधन, या अदालत में इसका बचाव।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीटीईटी अभ्यर्थी बिहार शिक्षा मंत्री के आवास पर क्यों पहुँचे?
सीटीईटी 2026 अभ्यर्थी इसलिए पहुँचे क्योंकि बिहार सरकार ने एसटीईटी 2026 उम्मीदवारों को टीआरई-4 में आवेदन की अनुमति दी, लेकिन सीटीईटी अभ्यर्थियों को इससे बाहर रखा। उन्होंने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से समान अवसर देने की माँग की।
बीपीएससी टीआरई-4 क्या है और इसमें कौन आवेदन कर सकता है?
बीपीएससी टीआरई-4 बिहार में शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली चौथी शिक्षक पात्रता परीक्षा-आधारित भर्ती प्रक्रिया है। फिलहाल एसटीईटी 2026 उत्तीर्ण उम्मीदवारों को इसमें आवेदन की अनुमति दी गई है, जबकि सीटीईटी 2026 अभ्यर्थियों की पात्रता पर निर्णय अभी लंबित है।
क्या पहले सीटीईटी अभ्यर्थियों को बिहार शिक्षक भर्ती में मौका मिला था?
हाँ, बीपीएससी टीआरई 1.0 में सीटीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवारों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी। अभ्यर्थियों का तर्क है कि उसी नीति का पालन टीआरई-4 में भी होना चाहिए।
सीटीईटी और एसटीईटी में क्या अंतर है?
सीटीईटी (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) केंद्र सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जबकि एसटीईटी (राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा) बिहार सरकार द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय परीक्षा है। दोनों शिक्षक पात्रता के लिए मान्य हैं, लेकिन बिहार भर्ती नीति में इनके बीच भेद किया जा रहा है।
बिहार शिक्षा विभाग ने इस माँग पर क्या कहा?
1 सितंबर 2026 तक बिहार शिक्षा विभाग या शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से इस विशेष माँग पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज़ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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