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राजद छोड़ भाजपा में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी, तेजस्वी पर साधा निशाना

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राजद छोड़ भाजपा में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी, तेजस्वी पर साधा निशाना

सारांश

राजद में 20 साल बिताने के बाद पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने BJP का दामन थामा। तेजस्वी यादव पर विजन की कमी और विधानसभा सत्र में अनुपस्थिति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सम्मान की तलाश में यह फैसला लिया — पद की नहीं।

मुख्य बातें

राजद के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 24 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की।
तिवारी ने करीब 20 वर्षों के राजद के राजनीतिक सफर के बाद पार्टी छोड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा सत्र के दौरान अनुपस्थित हैं।
तिवारी ने कहा कि उन्हें पद की नहीं, सम्मान की तलाश है।
नीट पेपर लीक पर PM मोदी के वीडियो संदेश और सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 24 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के अपने फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि BJP हमेशा देशहित में निर्णय लेती है और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। करीब 20 वर्षों के राजद के राजनीतिक सफर को विराम देते हुए तिवारी ने कहा कि देश, धर्म और राज्य के हित में काम करने वालों के साथ खड़े रहना उनकी प्राथमिकता है।

राजद पर लगाए गंभीर आरोप

तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने देश को बाँटने, लूटने और धर्म के नाम पर जनता को भड़काकर राजनीति करने वालों की कार्यशैली को नकार दिया है। उनके अनुसार, जो नेता 80 प्रतिशत हिंदुओं की बात नहीं करते और केवल 20 प्रतिशत की पैरवी करते हैं, उनका साथ छोड़ने का निर्णय उन्होंने पूरी सोच-समझ के साथ लिया है। यह ध्यान देने योग्य है कि ये तिवारी के अपने दावे हैं और राजद ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

तेजस्वी यादव पर सीधा हमला

तिवारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि युवा नेता तेजस्वी यादव नई सोच और नई कार्यसंस्कृति के साथ राजद को आगे ले जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा का सत्र चल रहे होने के बावजूद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अनुपस्थित हैं। तिवारी के अनुसार, जिस नेता के पास स्पष्ट विजन और नीति न हो, ऐसी पार्टी में बने रहना समय की बर्बादी है।

पद नहीं, सम्मान की तलाश

तिवारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनका कहना है कि वे सम्मान चाहते हैं और इसी सम्मान की लड़ाई के लिए उन्होंने BJP को चुना है। गौरतलब है कि राजद में दो दशक बिताने के बाद यह पार्टी परिवर्तन बिहार की राजनीति में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है।

मोदी और सम्राट चौधरी की तारीफ

तिवारी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में देश और बिहार विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर जाति, धर्म और समाज के सभी वर्गों के हित में काम कर रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी तबकों तक पहुँच रहा है।

नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक का जिक्र

तिवारी ने नीट पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यदि समस्या है तो उसका समाधान भी प्रधानमंत्री के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करना एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है। उनके अनुसार, छात्रों और युवाओं का भविष्य BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हाथों में सुरक्षित है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर इस दलबदल का क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तेजस्वी युग में भी पूरी तरह थमी नहीं है। तिवारी के आरोप एकतरफा हैं और राजद की प्रतिक्रिया के बिना इनका मूल्यांकन अधूरा है। यह भी देखना होगा कि BJP उन्हें संगठन में कितनी जगह देती है — क्योंकि 'सम्मान की राजनीति' का असली इम्तिहान पार्टी बदलने के बाद शुरू होता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मृत्युंजय तिवारी कौन हैं और उन्होंने BJP क्यों ज्वाइन की?
मृत्युंजय तिवारी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व प्रवक्ता हैं, जिन्होंने करीब 20 वर्षों तक पार्टी की सेवा की। उन्होंने 24 जुलाई को BJP में शामिल होते हुए कहा कि राजद देशहित में काम नहीं करती और तेजस्वी यादव के पास स्पष्ट विजन नहीं है।
तिवारी ने तेजस्वी यादव पर क्या आरोप लगाए?
तिवारी ने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा सत्र चलने के बावजूद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अनुपस्थित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी के पास न स्पष्ट विजन है और न नीति, जिससे बिहार या देश का विकास संभव नहीं।
क्या मृत्युंजय तिवारी BJP में कोई पद लेंगे?
तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनके अनुसार वे सम्मान की तलाश में BJP में आए हैं, न कि किसी पद या लाभ के लिए।
तिवारी ने नीट पेपर लीक मामले पर क्या कहा?
तिवारी ने नीट पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 'मोदी हैं तो मुमकिन है' और PM ने छात्रों के हित में कठोर निर्णय लेने का ऐलान किया है।
बिहार की राजनीति पर इस दलबदल का क्या असर होगा?
एक वरिष्ठ राजद प्रवक्ता का BJP में जाना राजद की आंतरिक असंतुष्टि को उजागर करता है। हालांकि बिहार में ऐसे दलबदल नए नहीं हैं, लेकिन यह घटना विधानसभा चुनावों से पहले राजद के लिए एक संगठनात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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