राजद छोड़ भाजपा में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी, तेजस्वी पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 24 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के अपने फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि BJP हमेशा देशहित में निर्णय लेती है और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। करीब 20 वर्षों के राजद के राजनीतिक सफर को विराम देते हुए तिवारी ने कहा कि देश, धर्म और राज्य के हित में काम करने वालों के साथ खड़े रहना उनकी प्राथमिकता है।
राजद पर लगाए गंभीर आरोप
तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने देश को बाँटने, लूटने और धर्म के नाम पर जनता को भड़काकर राजनीति करने वालों की कार्यशैली को नकार दिया है। उनके अनुसार, जो नेता 80 प्रतिशत हिंदुओं की बात नहीं करते और केवल 20 प्रतिशत की पैरवी करते हैं, उनका साथ छोड़ने का निर्णय उन्होंने पूरी सोच-समझ के साथ लिया है। यह ध्यान देने योग्य है कि ये तिवारी के अपने दावे हैं और राजद ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
तिवारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि युवा नेता तेजस्वी यादव नई सोच और नई कार्यसंस्कृति के साथ राजद को आगे ले जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा का सत्र चल रहे होने के बावजूद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अनुपस्थित हैं। तिवारी के अनुसार, जिस नेता के पास स्पष्ट विजन और नीति न हो, ऐसी पार्टी में बने रहना समय की बर्बादी है।
पद नहीं, सम्मान की तलाश
तिवारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनका कहना है कि वे सम्मान चाहते हैं और इसी सम्मान की लड़ाई के लिए उन्होंने BJP को चुना है। गौरतलब है कि राजद में दो दशक बिताने के बाद यह पार्टी परिवर्तन बिहार की राजनीति में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है।
मोदी और सम्राट चौधरी की तारीफ
तिवारी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में देश और बिहार विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर जाति, धर्म और समाज के सभी वर्गों के हित में काम कर रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी तबकों तक पहुँच रहा है।
नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक का जिक्र
तिवारी ने नीट पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यदि समस्या है तो उसका समाधान भी प्रधानमंत्री के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करना एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है। उनके अनुसार, छात्रों और युवाओं का भविष्य BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हाथों में सुरक्षित है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर इस दलबदल का क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।