बिहार के 1520 विद्यालय भवनों के लिए मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से माँगी वित्तीय मदद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भेंट की और बिहार में शैक्षिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार से व्यापक वित्तीय सहायता का अनुरोध किया। जोशी के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद तिवारी की यह पहली आधिकारिक मुलाकात रही। केंद्रीय मंत्री ने राज्य की सभी माँगों को ध्यानपूर्वक सुना और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
1520 भवनविहीन विद्यालयों के लिए निर्माण सहायता
तिवारी ने बैठक में बिहार के 1520 भूमिहीन एवं भवनविहीन विद्यालयों में नए भवन निर्माण के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन विद्यालयों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, केवल निर्माण के लिए केंद्रीय धनराशि की आवश्यकता है। उनके अनुसार, भवन निर्माण होते ही इन विद्यालयों के छात्रों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
आईसीटी लैब और डिजिटल शिक्षा के लिए धनराशि की माँग
डिजिटल शिक्षा को गति देने के लिए तिवारी ने 3818 आईसीटी लैब के निर्बाध संचालन हेतु ₹91.63 करोड़ की आवर्ती राशि तथा लंबित गैर-आवर्ती राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही पहले से संचालित 784 आईसीटी लैब के लिए ₹18.82 करोड़ की आवर्ती राशि की स्वीकृति भी माँगी। गौरतलब है कि बिहार में डिजिटल शिक्षा के प्रसार की गति अन्य राज्यों की तुलना में अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, और ये लैब राज्य के सुदूर जिलों में प्रौद्योगिकी-आधारित सीख का मुख्य आधार हैं।
पीएम श्री विद्यालयों में अवसंरचना सुधार
शिक्षा मंत्री ने पीएम श्री विद्यालयों में 227 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, 525 विद्यालयों में जर्जर शौचालयों की मरम्मत, तथा 836 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड एवं इंटरैक्टिव लर्निंग पैनल लगाने के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। बैंड यूनिफॉर्म के लिए भी अतिरिक्त धनराशि की माँग रखी गई।
विज्ञान प्रयोगशालाएँ, डायट केंद्र और उल्लास कार्यक्रम
तिवारी ने 1275 विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों को शीघ्र स्वीकृति देने की माँग की। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेसियल रिकॉगनेशन सिस्टम हेतु ₹8.29 करोड़ की राशि जारी करने का अनुरोध भी किया गया। इसके अलावा भोजपुर, गया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के छह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए ₹50.80 करोड़ की स्पिल ओवर राशि उपलब्ध कराने का आग्रह भी रखा गया। उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) की अवधि 2027-32 तक बढ़ाने की माँग भी इस बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक का महत्व और आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बिहार में शिक्षा सुधार की माँगें लंबे समय से लंबित हैं और राज्य की शैक्षणिक अवसंरचना पर बजट की सीमाएँ दबाव बनाए हुए हैं। तिवारी ने बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बधाई दी और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोशी को अपनी पुस्तक 'वन्दे मातरम्' की प्रति भी भेंट की। केंद्र सरकार के त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद अब राज्य को धनराशि की आधिकारिक स्वीकृति का इंतजार है।