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बलूचिस्तान में केच, खरान और मस्तुंग के सैन्य काफिलों पर हमले, कई पाकिस्तानी सैनिक हताहत

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बलूचिस्तान में केच, खरान और मस्तुंग के सैन्य काफिलों पर हमले, कई पाकिस्तानी सैनिक हताहत

सारांश

बलूचिस्तान के केच, खरान और मस्तुंग में एक ही सप्ताह में पाकिस्तानी सेना के कई काफिलों पर हमले हुए। BLF का दावा है कि अक्टूबर में 25 अभियानों में 129 से अधिक सैन्यकर्मी मारे गए। डलबंदिन में राजमार्ग नाकाबंदी और वाहन में आग — प्रांत में बढ़ती अशांति का नया संकेत।

मुख्य बातें

केच, खरान और मस्तुंग जिलों में पाकिस्तानी सेना के कई काफिलों पर हमले, कई सैनिकों के हताहत होने की खबर।
डलबंदिन के पाशुक क्षेत्र में क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग पर अस्थायी नाकाबंदी, एक वाहन को आग लगाई गई।
खरान के लिजाय क्षेत्र में पिछली झड़पों में कथित तौर पर आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए; एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन भी मार गिराया गया।
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) का दावा — अक्टूबर में 25 अभियानों में 129 से अधिक सैन्य व खुफिया कर्मी मारे गए।
ऑपरेशन अलमास के तहत ग्वादर में 80 से अधिक सैन्यकर्मी मारे जाने का BLF का दावा; पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
अब तक किसी संगठन ने ताजा हमलों की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं ली है।

बलूचिस्तान के केच, खरान और मस्तुंग जिलों में पाकिस्तानी सेना के कई काफिलों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए, जिनमें कई सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की खबर है। इसके साथ ही डलबंदिन इलाके में हथियारबंद लड़ाकों ने क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। अब तक किसी भी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से नहीं ली है।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार को केच जिले के नोदुज क्षेत्र में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के दो वाहनों वाले काफिले पर हमला किया। शुरुआती जानकारी में सुरक्षाकर्मियों को नुकसान और हताहतों की बात कही गई है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सोमवार को मस्तुंग में मदीना होटल के निकट क्वेटा-कराची मुख्य राजमार्ग पर पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। इस हमले में हताहतों की संख्या की तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। उसी दिन खरान जिले के जोमी इलाके के निकट नौरोज कलात में एक अन्य काफिले पर भी हमला किया गया।

'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, डलबंदिन के पाशुक क्षेत्र में लड़ाकों ने क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग पर एक अस्थायी नाकाबंदी की और एक वाहन को रोककर उसमें आग लगा दी।

सप्ताह की शुरुआत में भी हमले

इससे पहले स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नुश्की जिले के अहमद वाल क्षेत्र में हथियारबंद लड़ाकों ने पैदल और वाहनों से यात्रा कर रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया। वहीं, खरान में एक सैन्य वाहन विस्फोट की चपेट में आ गया जिससे गंभीर नुकसान की बात कही गई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण सुरक्षा बलों की आवाजाही पहले से प्रभावित हो रही थी। ये घटनाएँ खरान के लिजाय क्षेत्र में हुई तीखी झड़पों के एक दिन बाद सामने आईं, जहाँ कथित तौर पर एक सैन्य वाहन के विस्फोट की चपेट में आने के बाद आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए। उन झड़पों के दौरान एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन को भी मार गिराए जाने की खबर है।

बीएलएफ का अक्टूबर का दावा

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने इस साल अक्टूबर में बलूचिस्तान भर में 25 अभियानों के दौरान 129 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मारा तथा 30 से ज्यादा को गंभीर रूप से घायल किया। ये दावे संगठन के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

रविवार को जारी मासिक रिपोर्ट में संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने बताया कि अक्टूबर की कार्रवाइयों में ग्वादर जिले में चलाया गया 'ऑपरेशन अलमास' भी शामिल था। संगठन का यह भी दावा है कि इस अभियान में 80 से अधिक सैन्य और खुफिया कर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। पाकिस्तानी सेना ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आम जनता पर असर

क्वेटा-तफ्तान और क्वेटा-कराची जैसे प्रमुख राजमार्गों की नाकाबंदी और हमलों से आम नागरिकों की आवाजाही व व्यापार प्रभावित हो रहा है। बलूचिस्तान में सैन्य ठिकानों और काफिलों पर बढ़ते हमले क्षेत्र में अस्थिरता की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में इस तरह के हमलों का सिलसिला लंबे समय से जारी है और पाकिस्तानी सरकार तथा सेना इन घटनाओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से आम तौर पर परहेज करती है। आने वाले दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और हताहतों की सटीक संख्या पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

129 से अधिक हताहत — चाहे आंशिक रूप से अतिरंजित हों, तब भी पैमाने और बारंबारता दोनों चिंताजनक हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि डलबंदिन जैसे इलाकों में राजमार्गों की नाकाबंदी सिर्फ सैन्य नुकसान नहीं — बल्कि आम नागरिकों की आजीविका और आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा प्रहार है। पाकिस्तानी सेना का हताहतों पर मौन और स्वतंत्र मीडिया की पहुँच पर पाबंदी इस संघर्ष की वास्तविक गहराई को अनुमान तक सीमित रखती है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में इस सप्ताह कहाँ-कहाँ हमले हुए?
केच जिले के नोदुज क्षेत्र, मस्तुंग में क्वेटा-कराची राजमार्ग, खरान के जोमी इलाके और डलबंदिन के पाशुक क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के काफिलों और राजमार्गों को निशाना बनाया गया। इन सभी घटनाओं में हताहतों की पुष्टि अधिकारियों की ओर से नहीं हुई है।
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) का अक्टूबर रिपोर्ट में क्या दावा है?
BLF ने दावा किया है कि उसने अक्टूबर 2026 में 25 अभियानों के दौरान 129 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मार गिराया और 30 से अधिक को गंभीर रूप से घायल किया। इनमें ग्वादर में चलाया गया 'ऑपरेशन अलमास' शामिल है, जिसमें 80 से अधिक हताहतों का दावा किया गया है। ये आँकड़े BLF के अपने हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
डलबंदिन में क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग पर क्या हुआ?
'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, डलबंदिन के पाशुक क्षेत्र में हथियारबंद लड़ाकों ने क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग पर अस्थायी नाकाबंदी की और एक वाहन को रोककर उसमें आग लगा दी। इस नाकाबंदी से आम नागरिकों और व्यापारिक आवाजाही प्रभावित हुई।
खरान के लिजाय क्षेत्र में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के अनुसार, खरान के लिजाय क्षेत्र में एक सैन्य वाहन विस्फोट की चपेट में आने के बाद आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच और झड़पें हुईं तथा एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन को भी मार गिराए जाने की खबर है।
इन हमलों की जिम्मेदारी किसने ली है?
अब तक किसी भी संगठन ने इस सप्ताह के ताजा हमलों की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं ली है। BLF ने अक्टूबर के अभियानों की जिम्मेदारी जरूर ली है, लेकिन नवंबर की इन घटनाओं को लेकर कोई दावा सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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