बलूचिस्तान में BLA के 16 हमले: कथित तौर पर दर्जनों पाकिस्तानी सैन्यकर्मी हताहत, समुद्री विंग भी सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 7 से 12 अक्टूबर 2026 के बीच बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर 16 अलग-अलग हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने सोमवार को जारी एक बयान में दावा किया कि इन अभियानों में कई पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और अनेक घायल हुए — हालाँकि पाकिस्तानी सरकार या उसके सुरक्षा बलों की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मुख्य घटनाक्रम: कहाँ-कहाँ हुए हमले
10 अक्टूबर को पंजगुर जिले के पांची इलाके में BLA लड़ाकों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर हमला किया, जिसमें चार जवान मारे गए और कई घायल हुए। संगठन के अनुसार सेना की दो गाड़ियों को सीधे निशाना बनाया गया।
उसी दिन BLA की एरियल और ड्रोन वॉरफेयर यूनिट QAHR ने किला अब्दुल्ला में सैनिकों को ले जा रहे एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया। बयान के अनुसार इसमें तीन लोग मारे गए और सात से अधिक घायल हुए। संगठन का दावा है कि यह वाहन एक ड्रोन हमले के बाद उस स्थान की ओर जा रहा था जिसे BLA ने 'डेथ स्क्वाड बेस' बताया।
अवरां जिले के गिशकौर इलाके में भी 10 अक्टूबर को पाकिस्तानी सेना और सरकार-समर्थित सशस्त्र समूह के सदस्यों पर हमले का दावा किया गया, जिसमें दो सदस्य मारे गए और दो अन्य घायल हुए। पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों के भी हताहत होने का उल्लेख किया गया, परंतु संख्या नहीं बताई गई।
11 अक्टूबर को मंगुचर के चोटंक इलाके में सड़क साफ कर रहे जवानों और एक सैन्य काफिले पर हमले में दो जवानों के मारे जाने का दावा किया गया। अवरां के ग्वारकोप इलाके में भी उसी दिन काफिलों की सुरक्षा में तैनात सैनिकों पर हमले की बात कही गई।
12 अक्टूबर को बासिमा के कलघाली इलाके में एक सैनिक को स्नाइपर हमले में मारे जाने का दावा किया गया। 8 अक्टूबर को खुजदार जिले के पीर उमर इलाके में हमजा घर चेकपोस्ट पर हमले और बाद में बम डिस्पोजल टीम पर IED हमले में एक जवान के मारे जाने और दो के घायल होने का दावा है। BLA ने यह भी कहा कि सेना के पीछे हटने के बाद उनके लड़ाकों ने चेकपोस्ट को उड़ा दिया।
समुद्री मोर्चे पर हमला: जिवानी में कोस्ट गार्ड की नावें निशाने पर
सबसे बड़े दावों में से एक ग्वादर जिले के तटीय क्षेत्र जिवानी से आया। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के अनुसार, संगठन की समुद्री शाखा हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने 11 अक्टूबर को पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की दो बड़ी नावों पर एक साथ हमला किया, जिसमें कथित तौर पर 13 जवान मौके पर ही मारे गए।
BLA ने इस हमले को जमीन और समुद्र दोनों मोर्चों पर अपनी बढ़ती क्षमता का प्रमाण बताया। संगठन ने कहा, 'यह हमला दिखाता है कि BLA ने अब एक मल्टी-डायमेंशनल कॉम्बैट स्ट्रक्चर बना लिया है, जहाँ जमीनी मोर्चे के साथ-साथ समुद्री मोर्चे पर भी कब्जा करने वाले देश के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।'
बलूच तट पर BLA का रणनीतिक दावा
संगठन ने बलूच तट को पाकिस्तान और उसके सहयोगियों के लिए 'आर्थिक और व्यापारिक जीवनरेखा' बताया। BLA ने आरोप लगाया कि स्थानीय मछुआरों की आजीविका की कीमत पर व्यापारिक परियोजनाओं और सैन्यीकरण के जरिए तटीय संसाधनों का शोषण किया जा रहा है।
संगठन ने चेतावनी दी कि समुद्री आवाजाही, सप्लाई लाइनें और सैन्य संपत्तियाँ आगे भी निशाने पर रहेंगी। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में BLA की सशस्त्र गतिविधियाँ पिछले कई वर्षों से जारी हैं और यह क्षेत्र पाकिस्तान के लिए एक दीर्घकालिक सुरक्षा चुनौती बना हुआ है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र सत्यापन
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों या सरकार की ओर से इन विशिष्ट हमलों या हताहतों की संख्या की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। BLA के दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए जा सके हैं और इन्हें संगठन के अपने बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
BLA को पाकिस्तान सरकार एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन मानती है। इस्लामाबाद लंबे समय से बलूचिस्तान में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाता रहा है, जबकि BLA इसे एक स्वतंत्रता आंदोलन बताता है। आने वाले दिनों में पाकिस्तानी सेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया और क्षेत्र में सुरक्षा घटनाक्रम पर नजर रहेगी।