बीएलए ने जिवानी में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की 2 नावों पर हमले का दावा, 13 जवानों की मौत की जिम्मेदारी ली
सारांश
मुख्य बातें
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 12 अक्टूबर 2026 को बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के तटीय क्षेत्र जिवानी में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की दो नावों पर समन्वित हमले की जिम्मेदारी ली है। हथियारबंद संगठन ने दावा किया कि इस हमले में 13 पाकिस्तानी जवान मारे गए। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
हमले का विवरण
बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलूच की ओर से जारी बयान के अनुसार, संगठन की मैरीटाइम विंग — हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (एचएमडीएफ) — ने जिवानी के तट के निकट समुद्र में गश्त कर रही दो बड़ी कोस्ट गार्ड नावों पर एक साथ कोऑर्डिनेटेड हमला किया। बयान के अनुसार, आधुनिक हथियारों से लैस एक स्पीडबोट का उपयोग कर यह हमला अंजाम दिया गया।
बीएलए के आधिकारिक मीडिया चैनल पर दो मिनट का एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें नकाबपोश लड़ाके एक बोट पर दिखे। वीडियो में लड़ाके पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की कथित नाव की ओर बढ़ते और अंधाधुंध फायरिंग करते नजर आए। यह वीडियो बीएलए की मीडिया विंग हक्कल ने जारी किया, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।
एचएमडीएफ का गठन और रणनीतिक लक्ष्य
जीयंद बलूच ने बताया कि बीएलए ने अपनी मैरीटाइम यूनिट, एचएमडीएफ, की आधिकारिक घोषणा 13 अप्रैल 2026 को की थी। संगठन का कहना है कि इस विंग का उद्देश्य बलूचिस्तान के समुद्री क्षेत्र, तटरेखा और संसाधनों की रक्षा करना और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की समुद्री गतिविधियों में बाधा डालना है।
बयान में यह भी कहा गया कि बीएलए ने अब गहरे समुद्र में हमले की क्षमता हासिल कर ली है, जिसमें नौसैनिक ठिकाने और संपत्तियाँ भी शामिल हैं। यह पाकिस्तानी सेना के लिए एक सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
पिछला ऑपरेशन और पैटर्न
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 की शुरुआत में बीएलए ने ग्वादर के जिवानी इलाके में अपने पहले समुद्री ऑपरेशन का दावा किया था, जिसमें कथित तौर पर तीन पाकिस्तानी नौसेना कर्मियों के मारे जाने की बात कही गई थी। जिवानी का 12 अक्टूबर 2026 का हमला उस ऑपरेशन के बाद एचएमडीएफ का दूसरा बड़ा समुद्री अभियान बताया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब ग्वादर और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के आसपास के इलाकों में सुरक्षा तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। बीएलए ने पहले भी CPEC परियोजनाओं और चीनी नागरिकों को निशाना बनाने के कई ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है।
हमले से पहले लड़ाकों का बयान
वीडियो में हमले से पहले लड़ाकों ने कहा — 'जब तक बलूच का एक भी बेटा इस जमीन पर रहेगा, हम तुम्हें इस समुद्र या इस जमीन पर नहीं रहने देंगे।' बीएलए ने पाकिस्तानी सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि उसका सैन्य दायरा अब पहाड़ों और शहरों तक सीमित नहीं रहा।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
रिपोर्ट लिखे जाने तक पाकिस्तानी सेना या इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) की ओर से इस हमले की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया था। बीएलए के सभी दावे फिलहाल स्वतंत्र रूप से असत्यापित हैं। जिवानी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा स्थिति पर आने वाले दिनों में अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है।