बलूचिस्तान में बीएलए के 25 हमले: 18 पाकिस्तानी जवान मारे गए, कई इलाकों में हिंसा
सारांश
मुख्य बातें
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 24 सितंबर 2026 को दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 14 से 23 सितंबर के बीच बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में 25 अलग-अलग ऑपरेशन अंजाम दिए, जिनमें कथित तौर पर 18 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और अनेक घायल हुए। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने द बलूचिस्तान पोस्ट को जारी एक बयान में इन ऑपरेशनों का विस्तृत विवरण दिया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्य घटनाक्रम
बीएलए के बयान के अनुसार, हमले पंजगुर, केच, खारान, खुजदार, मस्तुंग, वाशुक, नुश्की और अन्य क्षेत्रों में किए गए। संगठन ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य काफिलों, चौकियों, निगरानी ढाँचे, आपूर्ति मार्गों और जिसे समूह 'डेथ स्क्वॉड' कहता है, उन पर हमले किए।
22 सितंबर को क्वेटा के पास दश्त के टेरा माइल इलाके में सेना के बम निरोधक दस्ते के सदस्यों को कथित तौर पर एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से निशाना बनाया गया। बीएलए के दावे के अनुसार इस हमले में एक जवान मारा गया और एक घायल हुआ।
खुजदार और नुश्की में बड़ी कार्रवाइयाँ
बयान में कहा गया कि 22 सितंबर को ही बीएलए के लड़ाकों ने खुजदार में बागबाना पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया और वहाँ रखे हथियार व उपकरण जब्त कर लिए। बाद में पुलिस एंटी-टेररिस्ट फोर्स (एटीएफ) और कथित 'डेथ स्क्वॉड' के सदस्यों के इलाके में घुसने की कोशिश पर हमला किया गया, जिसमें कई सदस्य मारे गए और थानाध्यक्ष मुनीर आलम जट्टक सहित पुलिसकर्मी घायल हुए।
20 सितंबर को नुश्की में बाईपास रोड पर शहीद बालाच खान स्टेडियम के पास पाकिस्तानी सैन्य बलों पर हमले में बीएलए ने दो जवानों के मारे जाने और चार के घायल होने का दावा किया। इसके अलावा, बुलेदा के कोश्क इलाके में एक सैन्य चौकी पर ग्रेनेड लॉन्चर से कई राउंड फायरिंग का भी दावा किया गया।
मांड में नाकाबंदी और ड्रोन का आरोप
बीएलए ने बताया कि 21 सितंबर को उसके लड़ाकों ने मांड में रादिग पर कब्जा कर प्रमुख स्थानों पर नाकाबंदी की और भारी व स्वचालित हथियारों से पाकिस्तानी सेना के मुख्य शिविर पर हमला किया। 18 सितंबर को मांड के बलोचाबाद और बुल्लो में भी कब्जे का दावा किया गया, जहाँ लड़ाकों ने कथित तौर पर जनसभाओं को भी संबोधित किया।
बीएलए ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी बलों ने बाद में नागरिक बस्तियों पर क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया, जिसमें 5 लोग घायल हुए। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने एक ड्रोन मार गिराया।
बीएलए का रुख और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने बयान में कहा: 'हमारे लड़ाकों द्वारा दिए गए ये बलिदान और आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति हर मोर्चे पर कब्जा करने वाली सेना को हार का सामना करा रही है। स्वतंत्र और संप्रभु बलूचिस्तान की स्थापना होने तक पाकिस्तान के खिलाफ बीएलए का सशस्त्र संघर्ष जारी रहेगा।' गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई।
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में अलगाववादी हिंसा की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और पाकिस्तानी सेना तथा सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष कई मोर्चों पर जारी है। बीएलए ने बलूचिस्तान के संसाधनों के शोषण, कथित राज्य-समर्थित सशस्त्र समूहों और 'शोषणकारी नीतियों' के विरुद्ध अपने अभियान को जारी रखने की शपथ दोहराई है।