4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीएलए का दावा: बलूचिस्तान में जियारत-सुराब हमलों में 25 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीएलए का दावा: बलूचिस्तान में जियारत-सुराब हमलों में 25 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए

सारांश

बीएलए ने 4 सितंबर को दावा किया कि जियारत और सुराब में दो हमलों में 25 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए — एक काफिले पर घात और एक रिमोट विस्फोट। पिछले महीने भी 36 ऑपरेशन में 33 जवानों के मारे जाने का दावा हो चुका है। पाकिस्तान की ओर से पुष्टि नहीं।

मुख्य बातें

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 4 सितंबर को बलूचिस्तान में दो हमलों की जिम्मेदारी ली।
जियारत क्रॉस पर काफिले पर घात में कथित तौर पर 18 जवान मारे गए, दो गाड़ियाँ नष्ट हुईं।
सुराब के हाजिका इलाके में रिमोट विस्फोट में कथित तौर पर 7 जवान मारे गए।
बीएलए ने पिछले महीने 36 ऑपरेशन्स में 33 जवानों के मारे जाने का दावा किया था।
पाकिस्तानी सेना या सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बीएलए ने 'आर्थिक नाकेबंदी' और हाईवे जाम की कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी।

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 4 सितंबर को दावा किया कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के जियारत और सुराब जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर दो अलग-अलग हमले किए, जिनमें कथित तौर पर 25 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

जियारत क्रॉस हमले का विवरण

बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने एक बयान में कहा कि संगठन के 'फतेह स्क्वाड' ने जियारत क्रॉस पर पाकिस्तानी सेना के काफिले की चार गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया। उनके अनुसार, इस हमले में दो गाड़ियाँ — जिनमें एक मिलिट्री ट्रक भी शामिल था — नष्ट कर दी गईं और 18 जवान मारे गए। बयान में यह भी दावा किया गया कि पाँच घायल जवान मौके से भाग निकले और काफिले से हथियार जब्त किए गए।

बीएलए के आधिकारिक मीडिया आउटलेट 'हक्कल' ने 1 मिनट 11 सेकंड का एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें कथित तौर पर जियारत क्रॉस हमले के दृश्य दिखाए गए हैं। फुटेज में हथियारबंद लड़ाके आग की लपटों में घिरी गाड़ियों के पास खड़े और घटनास्थल से शव व हथियार ले जाते दिखाई दिए।

सुराब में दूसरा ऑपरेशन

बयान के अनुसार, सुराब के हाजिका इलाके में बीएलए के स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड (एसटीओएस) ने रिमोट से एक विस्फोटक-युक्त वाहन में धमाका किया। इस हमले में सेना की एक गाड़ी नष्ट हुई और कथित तौर पर सात जवान मारे गए। दोनों हमलों को मिलाकर बीएलए ने कुल 25 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है।

बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ

ये घटनाएँ ऐसे समय में हुई हैं जब बलूचिस्तान में बलूच सशस्त्र समूहों द्वारा पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि पिछले महीने बीएलए ने बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में 36 ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी ली थी और दावा किया था कि उनमें 33 जवान मारे गए तथा कई अन्य घायल हुए।

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है और क्षेत्र में सशस्त्र संघर्ष की तीव्रता बढ़ती जा रही है।

आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी

बीएलए ने अपने बयान में बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और तथाकथित 'औपनिवेशिक शोषण' वाली परियोजनाओं के विरुद्ध 'आर्थिक नाकेबंदी' की नीति जारी रखने का संकल्प लिया। संगठन ने कहा, "बलूचिस्तान के मुख्य व्यापारिक रास्तों पर हाईवे जाम करने की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी और कब्जा करने वाली सेना के आर्थिक हितों की रक्षा करने वाले सभी वाहनों और परियोजनाओं को निशाना बनाया जाता रहेगा।"

समूह ने स्थानीय ड्राइवरों, ठेकेदारों और व्यापारियों को भी चेतावनी दी कि वे सेना को राशन या कोई सहायता न दें, अन्यथा उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।

आगे की स्थिति

बीएलए ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपनी कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक बलूचिस्तान की तथाकथित 'राष्ट्रीय आजादी' का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पाकिस्तानी सेना की चुप्पी खुद एक कहानी है — इस्लामाबाद लंबे समय से बलूचिस्तान में हताहतों के आँकड़े सार्वजनिक करने से परहेज करता रहा है। पिछले महीने 36 ऑपरेशन्स का दावा और अब दो और हमले — यह संख्या बताती है कि संघर्ष की तीव्रता घट नहीं रही। आर्थिक नाकेबंदी की रणनीति और स्थानीय ठेकेदारों को दी गई धमकी यह संकेत देती है कि बीएलए अब केवल सैन्य लक्ष्यों तक सीमित नहीं है — यह नागरिक आपूर्ति श्रृंखला को भी निशाना बना रहा है, जो क्षेत्र में मानवीय स्थिति के लिए एक नई चिंता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएलए ने बलूचिस्तान में 4 सितंबर को कौन से हमले किए?
बीएलए ने दावा किया कि उसने जियारत क्रॉस पर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया और सुराब के हाजिका इलाके में रिमोट विस्फोट किया। दोनों हमलों में कुल 25 सैनिकों के मारे जाने का दावा है, हालाँकि पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
बीएलए का 'फतेह स्क्वाड' और 'एसटीओएस' क्या है?
बीएलए के अनुसार, 'फतेह स्क्वाड' उसकी एक विशेष इकाई है जिसने जियारत क्रॉस हमले को अंजाम दिया। 'स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड (एसटीओएस)' ने सुराब में रिमोट विस्फोट किया। ये दोनों इकाइयाँ बीएलए की सशस्त्र शाखाएँ बताई जाती हैं।
क्या पाकिस्तान ने इन हमलों की पुष्टि की है?
नहीं। 4 सितंबर तक पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। बीएलए के दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।
बलूचिस्तान में बीएलए के हमले हाल के महीनों में कितने बढ़े हैं?
बीएलए ने दावा किया कि पिछले महीने उसने बलूचिस्तान में 36 ऑपरेशन्स किए, जिनमें 33 सैनिक मारे गए। 4 सितंबर के दो नए हमले इसी बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा हैं, जो क्षेत्र में संघर्ष की तेज होती गति को दर्शाते हैं।
बीएलए की 'आर्थिक नाकेबंदी' नीति क्या है?
बीएलए ने घोषणा की है कि वह बलूचिस्तान के मुख्य व्यापारिक मार्गों पर हाईवे जाम करेगा और सेना को आपूर्ति करने वाले वाहनों व परियोजनाओं को निशाना बनाएगा। स्थानीय ड्राइवरों और ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि वे सेना को राशन या सहायता न दें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले