बीएलए ने नया नौसैनिक विंग बनाया, पहले ऑपरेशन में तीन पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा
सारांश
Key Takeaways
- बीएलए ने नया नौसैनिक विंग बनाया है।
- पहली समुद्री कार्रवाई में तीन पाकिस्तानी सैनिकों का मारा जाना।
- 'हमाल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स' का गठन किया गया है।
- समुद्री संसाधनों के अवैध दोहन का आरोप।
- बलूच स्वतंत्रता आंदोलन का समुद्री क्षेत्र में प्रवेश।
क्वेटा, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने अपने नए नौसैनिक विंग के गठन की घोषणा की है। इस संगठन का दावा है कि उसने अपनी पहली समुद्री कार्रवाई में तीन पाकिस्तानी नौसैनिकों को मार गिराया।
बीएलए के मीडिया विंग 'हक्काल' द्वारा जारी एक वीडियो में चार नकाबपोश लड़ाके समुद्र की ओर बढ़ते हुए और एक स्पीडबोट पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में ये लड़ाके एक जहाज की ओर बढ़ते हैं, जिसे पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की नाव बताया जाता है, और उस पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए नजर आ रहे हैं।
हमले से पहले, वीडियो में लड़ाके चेतावनी देते हैं, "जब तक इस भूमि पर एक भी बलूच जीवित है, हम तुम्हें इस भूमि और समुद्र पर स्थिर नहीं रहने देंगे। हम आज भी तैयार हैं, कल भी थे और आगे भी रहेंगे। तुम्हें हर जगह निशाना बनाया जाएगा।"
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने एक बयान में कहा कि संगठन ने 'हमाल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स' (एचएमडीएफ) नाम से एक औपचारिक नौसैनिक विंग तैयार किया है, जिसका उद्देश्य 'बलूच समुद्र की रक्षा' करना है। उन्होंने बताया कि इस नई इकाई ने 12 अप्रैल की सुबह ग्वादर जिले के जीवानि क्षेत्र के 'मिल तियाब' इलाके में अपनी पहली कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रवक्ता के अनुसार, इस हमले में बीएलए लड़ाकों की भारी फायरिंग के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवान (नायक अफजल, सिपाही जमील और सिपाही उमर) मौके पर ही मारे गए। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन के बाद सभी लड़ाके सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट गए।
बीएलए ने यह भी कहा कि बलूच 'राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन' अब जमीन से आगे बढ़कर समुद्री क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुका है, और यह क्षेत्र भी दुश्मनों के लिए 'कब्रगाह' साबित होगा।
अपने बयान में संगठन ने पाकिस्तान और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे वर्षों से बलूच समुद्री संसाधनों का 'अवैध दोहन' कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरों का आर्थिक शोषण जारी है और तटीय इलाकों को सैन्य छावनियों में बदल दिया गया है।
बीएलए ने चेतावनी दी है कि अब उनकी सैन्य क्षमता केवल पहाड़ों और शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे गहरे समुद्र में भी दुश्मन के ठिकानों और संसाधनों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। संगठन ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरी तरह से दुश्मन की वापसी और एक स्वतंत्र बलूच राज्य की स्थापना नहीं हो जाती।