मुबारक गुल ने टाली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले — 'मैं फाइटर हूं, लड़ता रहूंगा'; NC में अंदरूनी तनाव उजागर
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के वरिष्ठ नेता और छह बार के विधायक मुबारक गुल ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को श्रीनगर में अपनी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस अंतिम समय पर टाल दी। मंत्रिमंडल में जगह न मिलने की नाराजगी के बीच उन्होंने कहा कि वह 'फिलहाल इस मामले पर कुछ नहीं कहेंगे' और 'उचित समय पर' अपनी बात रखेंगे। गुल ने पत्रकारों से यह अवश्य कहा, 'मैं एक फाइटर हूं और लड़ता रहूंगा।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों बुलाई और क्यों टाली
गुल ने पहले घोषणा की थी कि वे 'NC के बारे में सारे राज खोल देंगे।' यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय बुलाई गई जब 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अली मोहम्मद सागर को शामिल किया गया, लेकिन गुल को नज़रअंदाज़ किया गया।
हालांकि, अंततः उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित करने के लिए एक अलग कारण सामने रखा — उनके एक NC सहयोगी के पिता का निधन हो गया था। गुल ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात, वहां के माहौल, अपने सहयोगियों से बातचीत और अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए मैंने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को टालने का फैसला किया है।'
महासचिव का प्रस्ताव और उसकी अस्वीकृति
मंत्रिमंडल से बाहर रहे गुल को NC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी का महासचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया था। किंतु गुल ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
इसके बाद पार्टी ने एक आदेश जारी किया, जिसमें अली मोहम्मद सागर को 'अगले आदेश तक' महासचिव पद पर बने रहने को कहा गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह आदेश स्पष्ट रूप से तब सामने आया जब गुल ने पद लेने से साफ इनकार कर दिया था।
छह बार के विधायक की पीड़ा
गुल ने लोक भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की, लेकिन बाद में अपनी नाराजगी छिपाई नहीं। उन्होंने कहा कि वे अब तक 20 शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल हो चुके हैं, फिर भी हर बार उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान पाने से वंचित रखा गया।
गौरतलब है कि गुल दशकों से NC के मज़बूत आधार वाले नेता रहे हैं और उनके समर्थकों की पुरानी निष्ठा का उन्होंने सार्वजनिक रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि 'ये कार्यकर्ता सालों से उनके साथ खड़े रहे हैं।'
NC में अंदरूनी दरार के संकेत
यह घटनाक्रम नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता को रेखांकित करता है। अक्टूबर 2026 के मंत्रिमंडल विस्तार और उसके बाद हुए संगठनात्मक बदलावों ने पार्टी में गुट-आधारित असंतोष को सतह पर ला दिया है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर की राजनीति में NC सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कथित तौर पर 'NC आलाकमान ने गुल को मना लिया' — यह अटकलें राजनीतिक हलकों में जोर पकड़ रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
गुल ने साफ कर दिया है कि वे 'उचित समय' पर अपनी बात जनता के सामने रखेंगे। उनका यह बयान कि 'मैं फाइटर हूं और लड़ता रहूंगा' — यह संकेत देता है कि NC के भीतर यह असंतोष अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व का रुख और गुल का अगला कदम जम्मू-कश्मीर की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है।