31 जुलाई 2026
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क्या जोधपुर में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सड़कों और भवनों की स्थिति को लेकर दिए निर्देश?

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क्या जोधपुर में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सड़कों और भवनों की स्थिति को लेकर दिए निर्देश?

सारांश

राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जोधपुर में बारिश के कारण सड़कों और सरकारी भवनों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जल्द मरम्मत का कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। जानिए मंत्री के दिशा-निर्देशों के बारे में और आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों के बारे में।

मुख्य बातें

सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू होगा।
निकाय चुनावों की तैयारी की जा रही है।
सरकारी भवनों के निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं।
भवनों की मरम्मत के लिए 625 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध है।
लापरवाह अभियंताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जोधपुर, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार में शहरी विकास एवं आवास मंत्री (यूडीएच) झाबर सिंह खर्रा ने सोमवार को जोधपुर प्रवास के दौरान प्रदेश में बारिश के कारण सड़कों की बिगड़ती हालत, आगामी निकाय चुनावों और जर्जर सरकारी भवनों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही बारिश थमे, सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू किया जाए।

मंत्री खर्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बारिश के चलते कुछ सड़कों की स्थिति थोड़ी खराब हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। फिलहाल जहां गड्ढे अधिक हैं, वहां तत्काल सुधार किया जा रहा है। जैसे ही बारिश रुकेगी, समस्त सड़कों का संपूर्ण सुधार किया जाएगा।

दिसंबर में संभावित निकाय और नगर निगम चुनाव पर उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 312 नगर निकाय हैं, जिनमें से मात्र 5 निकाय ऐसे हैं जिनके वार्ड पुन: सीमांकन संबंधी मामले न्यायालय में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मंत्रिमंडलीय उप समिति ने इन मामलों पर निर्णय ले लिया है। अगर कोर्ट याचिका खारिज करता है तो नए परिसीमन का प्रस्ताव बनाकर अधिसूचना जारी की जाएगी। नहीं तो न्यायालय के निर्णय के अनुसार नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार राज्य निर्वाचन आयोग से अनुरोध करेगी कि अक्टूबर तक मतदाता सूची का कार्य पूरा कर लिया जाए, जिससे दिसंबर तक मतदान कराए जा सकें।

झालावाड़ जिले में हाल ही में स्कूल की छत गिरने की घटना के बाद प्रदेश में जर्जर सरकारी भवनों की स्थिति को लेकर भी यूडीएच मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी सरकारी भवनों का निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भवन मरम्मत योग्य है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी और यदि बहुत अधिक जर्जर है तो आवश्यकतानुसार भवन को खाली कर नया निर्माण कराया जाएगा। सरकार ने गत बजट में 250 करोड़ रुपए और इस बजट में 375 करोड़ रुपए की राशि सरकारी भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए घोषित की है। साथ ही विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 20 फीसदी यानी एक करोड़ रुपए तक की राशि भवनों पर खर्च करने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने आगे कहा कि झालावाड़ की घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित किया जा चुका है। अब यह कार्रवाई सर्व शिक्षा अभियान के अभियंताओं तक पहुंचेगी। जिन भी अभियंताओं की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सड़कों की मरम्मत के लिए कोई समय सीमा दी है?
मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जैसे ही बारिश थमे, सड़कों की मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू किया जाए।
राज्य में कितने नगर निकाय हैं?
राज्य में कुल 312 नगर निकाय हैं।
सरकार ने सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए कितनी राशि घोषित की है?
सरकार ने गत बजट में 250 करोड़ रुपए और इस बजट में 375 करोड़ रुपए की राशि घोषित की है।
क्या जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर कोई विशेष कार्रवाई की गई है?
हाँ, मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों का निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
भवनों की मरम्मत के लिए विधायक को कितनी राशि खर्च करने की अनुमति है?
विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 20 फीसदी यानी एक करोड़ रुपए तक की राशि भवनों पर खर्च कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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