5 नवंबर 2026
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गोकुल संस्था पर कब्जे को लेकर वडेट्टीवार का BJP पर हमला, '5 लाख लोगों का अपमान'

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गोकुल संस्था पर कब्जे को लेकर वडेट्टीवार का BJP पर हमला, '5 लाख लोगों का अपमान'

सारांश

कांग्रेस नेता वडेट्टीवार का आरोप है कि ₹3,000 करोड़ की गोकुल संस्था पर नियंत्रण के लिए 'पिछले दरवाज़े' का सहारा लिया गया — यह 5 लाख सदस्यों के जनादेश की अनदेखी है। 9 नवंबर के मोर्चे में बड़ी भागीदारी का आह्वान, और BJP पर सहयोगी दलों को तोड़ने का सीधा आरोप।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने 5 नवंबर 2026 को मुंबई में BJP पर गोकुल संस्था पर 'पिछले दरवाज़े से कब्जे' का आरोप लगाया।
गोकुल ₹3,000 करोड़ की संस्था है; वडेट्टीवार के अनुसार इसे 5 लाख सदस्यों के जनादेश की अनदेखी करके हथियाया गया।
आरोप — महायुति ने पहली बैठक में जानबूझकर सदस्यों को अनुपस्थित रखा ताकि संख्या 25 तक न पहुँचे।
वडेट्टीवार ने कहा, BJP ने पहले दो दल तोड़े, अब महायुति के सहयोगी दलों के भी चार टुकड़े करने की तैयारी है।
विपक्ष ने 9 नवंबर को बड़े मोर्चे का आह्वान किया है।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने 5 नवंबर 2026 को मुंबई में महायुति गठबंधन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि ₹3,000 करोड़ की संस्था गोकुल पर नियंत्रण हासिल करने के लिए 'पिछले दरवाज़े' का सहारा लिया गया, जो 5 लाख सदस्यों का घोर अपमान है।

मुख्य आरोप और बयान

वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि यदि सुधार की वाकई ज़रूरत थी, तो पहले क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, 'यदि महायुति के 13 सदस्य हो जाते, तो क्या वे यह बिल लाते? क्या सदस्य संख्या बढ़ाते? अब वे कहते हैं कि यह लोकशाही बचाने के लिए किया गया है।' कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि जिस पक्ष के पास बहुमत था, उसने जानबूझकर पहली बैठक में अपने सदस्यों को उपस्थित नहीं रहने दिया, जिससे संख्या 25 तक पहुँचने से रोकी जा सके।

प्रक्रियागत सवाल

वडेट्टीवार ने बैठक की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दूसरी बैठक में गणपूर्ति (कोरम) की अनिवार्यता नहीं होती — 13 सदस्यों में भी अध्यक्ष चुना जा सकता है और बैठक को एक घंटे के लिए स्थगित कर पुनः बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'अब आपके दिमाग में बेईमानी है। लोगों ने आपको नकार दिया है। पाँच लाख लोगों ने आपको नकारा है।'

जनादेश और 9 नवंबर के मोर्चे का आह्वान

वडेट्टीवार ने कहा कि जनता ने बंटी पाटिल के नेतृत्व में बनी समविचारी आघाड़ी को जिताकर अपना स्पष्ट जनादेश दे दिया था। उन्होंने आगे का दरवाज़ा बंद होने पर पिछले दरवाज़े से 'घर पर कब्जा' करने की बात को 5 लाख लोगों का अपमान करार दिया। कांग्रेस नेता ने 9 नवंबर को प्रस्तावित मोर्चे में बड़ी जन-भागीदारी का आह्वान किया।

BJP पर गठबंधन तोड़ने का आरोप

वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले दो दलों को तोड़ा और अब महायुति के सहयोगी दलों के भी 'चार टुकड़े' करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि महायुति की मुख्य पार्टी ऐसा माहौल बना रही है कि सहयोगी दल खुद ही सत्ता से बाहर हो जाएँ, ताकि अकेले की सत्ता कायम रहे। उन्होंने मराठी मुहावरे का हवाला देते हुए कहा, 'गरज सरो, वैद्य मरो' — यानी ज़रूरत पूरी होते ही, जिसने साथ दिया उसकी कोई परवाह नहीं।

आगे की राह

गोकुल संस्था को लेकर यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोर्चा खोल सकता है। 9 नवंबर का मोर्चा इस विरोध की तीव्रता और जन-समर्थन का पहला बड़ा परीक्षण होगा, और विपक्ष की रणनीति की दिशा भी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वैद्य मरो' वाला मुहावरा चुनाव के बाद की उस राजनीतिक सच्चाई को रेखांकित करता है जहाँ गठबंधन धर्म की जगह एकल-दलीय वर्चस्व की भूख हावी होती दिखती है। मुख्यधारा की कवरेज इस प्रकरण को 'विपक्षी हमले' तक सीमित कर देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सहकारी संस्थाओं में प्रक्रियागत हेरफेर के खिलाफ कोई जवाबदेही तंत्र मौजूद है। 9 नवंबर का मोर्चा बताएगा कि यह आक्रोश केवल बयानबाज़ी है या जमीनी राजनीति का नया मोर्चा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोकुल संस्था को लेकर विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का आरोप है कि ₹3,000 करोड़ की गोकुल सहकारी संस्था पर नियंत्रण हासिल करने के लिए महायुति ने प्रक्रियागत हेरफेर किया। उन्होंने इसे 5 लाख सदस्यों के जनादेश की अनदेखी और 'पिछले दरवाज़े से घर पर कब्जा' करार दिया।
विजय वडेट्टीवार ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले दो दलों को तोड़ा और अब महायुति के सहयोगी दलों — NCP व अन्य — को भी विभाजित करने की तैयारी कर ली है। उनके अनुसार, महायुति की मुख्य पार्टी चाहती है कि सहयोगी खुद ही सत्ता से बाहर हो जाएँ।
9 नवंबर का मोर्चा किस बारे में है?
वडेट्टीवार ने 9 नवंबर को प्रस्तावित मोर्चे में बड़ी जन-भागीदारी का आह्वान किया है, जो गोकुल संस्था विवाद और महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होगा।
बंटी पाटिल और समविचारी आघाड़ी कौन है?
वडेट्टीवार के अनुसार, जनता ने बंटी पाटिल के नेतृत्व में बनी समविचारी आघाड़ी को गोकुल संस्था के चुनाव में स्पष्ट जनादेश दिया था। उनका कहना है कि इसी वैध जनादेश को दरकिनार कर 'पिछले रास्ते' से संस्था पर कब्जा किया गया।
महायुति गठबंधन में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP), एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं। वडेट्टीवार का आरोप है कि BJP इन सहयोगी दलों को भी कमज़ोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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