NSE IPO GMP: लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹285 से गिरकर ₹55 पर, 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ₹22,569 करोड़ के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है। 21 सितंबर 2026 को ग्रे मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म्स के अनुसार GMP घटकर ₹55 प्रति शेयर रह गया, जबकि बोली अवधि के दौरान यह ₹285 प्रति शेयर के उच्चतम स्तर पर था। इसके बावजूद इश्यू को कुल मिलाकर 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो निवेशकों की समग्र रुचि दर्शाता है।
GMP में गिरावट का विवरण
पिछले 18 कारोबारी सत्रों में NSE IPO के GMP में ₹230 की गिरावट आई है। यह गिरावट अनौपचारिक बाज़ार में निवेशकों के उत्साह में आई कमी का संकेत देती है। हालाँकि बाज़ार विशेषज्ञ इस आधार पर सकारात्मक लिस्टिंग की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहे।
ताज़ा GMP और ₹1,785 प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य लगभग ₹1,840 प्रति शेयर बैठता है। इसका अर्थ है कि इश्यू मूल्य की तुलना में निवेशकों को करीब 3.08 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग लाभ मिल सकता है।
सब्सक्रिप्शन का विवरण
GMP में नरमी के बावजूद इश्यू को संस्थागत निवेशकों से जोरदार समर्थन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी सबसे मज़बूत रही और आरक्षित हिस्से के मुकाबले 12.68 गुना आवेदन प्राप्त हुए।
गैर-संस्थागत निवेशक (NII) श्रेणी 6.54 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशक (RII) श्रेणी में 1.33 गुना आवेदन आए। कुल मिलाकर इश्यू 5.67 गुना सब्सक्राइब हुआ।
आईपीओ की संरचना
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया था और न्यूनतम लॉट साइज 8 शेयर रखा गया था।
गौरतलब है कि NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेटर है और इसका आईपीओ वर्षों से निवेशकों की प्रतीक्षा सूची में था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पूंजी बाज़ार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय
बाज़ार जानकारों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक है और लिस्टिंग तक इसमें लगातार उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसे अंतिम प्रदर्शन का निश्चित पैमाना नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों के अनुसार, QIB श्रेणी में 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन यह दर्शाता है कि संस्थागत निवेशकों का NSE के व्यापार मॉडल, आय क्षमता और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर भरोसा कायम है।
आगे क्या
लिस्टिंग के दिन वास्तविक बाज़ार मूल्य GMP-आधारित अनुमान से अलग हो सकता है, क्योंकि ग्रे मार्केट अनियमित होता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक लिस्टिंग मूल्य और बाज़ार की वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लें।