24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

NSE का BSE पर ₹1,800 पर कमज़ोर लिस्टिंग डेब्यू, इश्यू प्राइस से महज़ 0.84% प्रीमियम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
NSE का BSE पर ₹1,800 पर कमज़ोर लिस्टिंग डेब्यू, इश्यू प्राइस से महज़ 0.84% प्रीमियम

सारांश

लंबे इंतज़ार के बाद दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने वाले एनएसई को निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरने में संघर्ष करना पड़ा — ₹200 के ग्रे मार्केट प्रीमियम का सपना ₹43 पर सिमट गया और लिस्टिंग महज़ 0.84% प्रीमियम पर हुई। भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ, सुस्त शुरुआत के साथ।

मुख्य बातें

NSE का शेयर 24 सितंबर 2026 को BSE पर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ — इश्यू प्राइस ₹1,785 से केवल 0.84% अधिक।
आईपीओ का कुल आकार ₹22,568.94 करोड़ ; निवेशकों की बोलियाँ ₹90,287.33 करोड़ — कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन।
QIB हिस्सा 12.68 गुना , NII हिस्सा 6.55 गुना और रिटेल हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹200 से घटकर कथित तौर पर ₹43 प्रति शेयर पर आ गया।
यह हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ (2024) के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू ।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इक्विटी ऑप्शंस में एनएसई की हिस्सेदारी घटकर 68.48% रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 24 सितंबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर अपनी बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग में निराशाजनक शुरुआत की। एनएसई का शेयर ₹1,800 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ — जो ₹1,785 के इश्यू प्राइस से केवल 0.84 प्रतिशत अधिक है। यह उन निवेशकों के लिए स्पष्ट रूप से निराशाजनक रहा, जिन्होंने शुरुआती ग्रे मार्केट संकेतों के आधार पर 8 प्रतिशत से अधिक के लिस्टिंग गेन की उम्मीद पाल रखी थी।

आईपीओ का आकार और सब्सक्रिप्शन विवरण

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक खुला था और इसे 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इश्यू का कुल आकार ₹22,568.94 करोड़ था, जबकि निवेशकों ने ₹90,287.33 करोड़ की बोलियाँ लगाईं। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की और इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,700–₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया था।

श्रेणीवार सब्सक्रिप्शन और निवेशक रुचि

निवेशकों की विभिन्न श्रेणियों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के हिस्से में सबसे अधिक माँग रही और यह 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RII) का हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों की अपेक्षाकृत कम भागीदारी इस बात का संकेत है कि आम निवेशकों में उत्साह सीमित रहा।

ग्रे मार्केट प्रीमियम में तेज़ गिरावट

लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर का प्रीमियम कथित तौर पर लगभग ₹200 प्रति शेयर तक पहुँच गया था, जो 8 प्रतिशत से अधिक के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा था। हालाँकि, बुधवार तक यह प्रीमियम घटकर कथित तौर पर केवल ₹43 प्रति शेयर रह गया था। यह गिरावट बाज़ार की बदलती धारणा और लिस्टिंग से पहले निवेशकों में बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है।

एनएसई की बाज़ार हिस्सेदारी और राजस्व संरचना

एनएसई की आय का एक बड़ा हिस्सा ट्रांज़ैक्शन चार्ज से आता है। वित्त वर्ष 2026 में परिचालन राजस्व में ट्रांज़ैक्शन चार्ज का योगदान 78.65 प्रतिशत रहा, जिसमें अकेले ऑप्शंस ट्रेडिंग का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक था। यह एक्सचेंज की डेरिवेटिव्स गतिविधियों पर गहरी निर्भरता को उजागर करता है।

मुख्य बाज़ार क्षेत्रों में एनएसई की स्थिति मज़बूत बनी हुई है — वित्त वर्ष 2026 में इक्विटी कैश सेगमेंट में बाज़ार हिस्सेदारी करीब 93 प्रतिशत, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 प्रतिशत, इक्विटी ऑप्शंस (प्रीमियम टर्नओवर आधार) में 74.71 प्रतिशत और करेंसी फ्यूचर्स में 99.48 प्रतिशत रही। हालाँकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इक्विटी ऑप्शंस बाज़ार में एनएसई की हिस्सेदारी घटकर 68.48 प्रतिशत रह गई, जो प्रतिस्पर्धी दबाव का संकेत देती है।

भारत के आईपीओ इतिहास में एनएसई की स्थिति

गौरतलब है कि एनएसई का यह आईपीओ 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू रहा। आगे देखें तो, अब निवेशकों की निगाहें एनएसई के पोस्ट-लिस्टिंग प्रदर्शन और डेरिवेटिव्स-केंद्रित राजस्व मॉडल की दीर्घकालिक स्थिरता पर टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

568 करोड़ का पूरा इश्यू OFS था, यानी कंपनी को एक रुपया नहीं मिला — पुराने शेयरधारकों ने एग्जिट किया। डेरिवेटिव्स पर 60% से अधिक राजस्व निर्भरता और ऑप्शंस सेगमेंट में घटती हिस्सेदारी (74.71% से 68.48%) दीर्घकालिक निवेशकों के लिए वास्तविक जोखिम है, जिसे ग्रे मार्केट के शुरुआती जोश ने दबा दिया था।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSE का शेयर BSE पर किस भाव पर लिस्ट हुआ?
एनएसई का शेयर 24 सितंबर 2026 को BSE पर ₹1,800 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो ₹1,785 के इश्यू प्राइस से केवल 0.84 प्रतिशत अधिक है। यह निवेशकों की उम्मीदों से काफी कम रहा।
NSE आईपीओ को कितना सब्सक्रिप्शन मिला?
NSE आईपीओ को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इश्यू आकार ₹22,568.94 करोड़ के मुकाबले निवेशकों ने ₹90,287.33 करोड़ की बोलियाँ लगाईं। QIB हिस्सा सबसे अधिक 12.68 गुना, NII 6.55 गुना और रिटेल 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ।
NSE आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम लिस्टिंग से पहले क्यों गिरा?
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम कथित तौर पर ₹200 प्रति शेयर से घटकर ₹43 प्रति शेयर रह गया। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की बदलती धारणा और आईपीओ के OFS स्वरूप ने माँग को कमज़ोर किया।
NSE आईपीओ भारत के आईपीओ इतिहास में कहाँ खड़ा है?
₹22,568.94 करोड़ के आकार के साथ NSE का आईपीओ 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल था, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे।
एनएसई की बाज़ार हिस्सेदारी और राजस्व की स्थिति कैसी है?
वित्त वर्ष 2026 में एनएसई की इक्विटी कैश सेगमेंट में हिस्सेदारी करीब 93%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79% और करेंसी फ्यूचर्स में 99.48% रही। हालाँकि, इक्विटी ऑप्शंस में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घटकर 68.48% रह गई, जो प्रतिस्पर्धी दबाव का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले