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NSE शेयर IPO मूल्य से नीचे फिसला, मार्केट कैप में ₹41,000 करोड़ की कमी; शीर्ष-10 सूची से बाहर

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NSE शेयर IPO मूल्य से नीचे फिसला, मार्केट कैप में ₹41,000 करोड़ की कमी; शीर्ष-10 सूची से बाहर

सारांश

सूचीबद्ध हुए दो हफ्ते भी नहीं हुए और NSE का शेयर अपने IPO मूल्य से नीचे आ गया। ₹41,000 करोड़ की मार्केट कैप स्वाहा, शीर्ष-10 सूची से बाहर — देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की यह शुरुआत निवेशकों के लिए असहज सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

NSE का शेयर सूचीबद्ध होने के दो सप्ताह से भी कम में IPO मूल्य ₹1,785 से नीचे आ गया।
उच्चतम स्तर ₹1,878 से गिरकर सोमवार को ₹1,712 पर पहुँचा — लिस्टिंग के बाद का सबसे निचला स्तर।
मार्केट कैप ₹4.64 लाख करोड़ से घटकर ₹4.27 लाख करोड़ रह गया — ₹41,000 करोड़ से अधिक की कमी।
NSE शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची से बाहर होकर 12वें स्थान पर आ गया।
मंगलवार को 1.53% की रिकवरी के बाद शेयर ₹1,749.85 पर बंद, फिर भी IPO मूल्य से नीचे।
सेंसेक्स मंगलवार को 685.34 अंक उछलकर 73,067.81 पर बंद; निफ्टी 22,776.10 पर।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध होने के मात्र दो सप्ताह के भीतर ही अपने IPO मूल्य ₹1,785 रुपए से नीचे आ गया है, जिससे लिस्टिंग के दिन की पूरी बढ़त समाप्त हो गई। अपने उच्चतम स्तर से अब तक कंपनी के बाजार पूंजीकरण में करीब ₹41,000 करोड़ की कमी दर्ज की जा चुकी है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जिन्होंने देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की पहली सार्वजनिक पेशकश में दांव लगाया था।

लिस्टिंग से गिरावट तक: मुख्य घटनाक्रम

NSE का शेयर 24 सितंबर को BSE पर ₹1,800 रुपए प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इसके IPO मूल्य से एक प्रतिशत से भी कम प्रीमियम पर था। लिस्टिंग के शुरुआती घंटे में निवेशकों की मजबूत खरीदारी की बदौलत शेयर 5 प्रतिशत से अधिक उछलकर ₹1,878 रुपए के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुँच गया था।

उस समय NSE का बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग ₹4.64 लाख करोड़ तक जा पहुँचा था। हालांकि यह उत्साह लंबे समय तक टिक नहीं सका और इसके बाद से शेयर पर लगातार बिकवाली का दबाव बढ़ता रहा।

सोमवार को सबसे निचला स्तर

सोमवार को NSE का शेयर गिरकर ₹1,712 रुपए तक पहुँच गया — यह लिस्टिंग के बाद का इसका सबसे निचला स्तर था। यह भाव लिस्टिंग के दिन के उच्च स्तर से लगभग 9 प्रतिशत और IPO मूल्य से करीब 4 प्रतिशत नीचे था।

इस गिरावट के बाद NSE का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब ₹4.27 लाख करोड़ रह गया। गौरतलब है कि इस कमज़ोरी ने एक्सचेंज को देश की शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों की सूची से बाहर कर दिया और वह अब 12वें स्थान पर आ गया है।

मार्केट कैप रैंकिंग में बदलाव

मार्केट कैप के लिहाज से NSE से आगे अब रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), TCS, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा जैसी दिग्गज कंपनियाँ हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बड़े IPO के बाद के प्रदर्शन को लेकर बाजार में पहले से ही बहस चल रही है। हाल के कुछ बड़े सार्वजनिक निर्गमों में लिस्टिंग के बाद के शुरुआती महीनों में इसी तरह की बिकवाली देखी गई थी।

मंगलवार को आंशिक सुधार

मंगलवार को NSE के शेयर में कुछ राहत देखने को मिली। शेयर 1.53 प्रतिशत यानी ₹26.35 रुपए की बढ़त के साथ ₹1,749.85 रुपए पर बंद हुआ। हालांकि यह अभी भी IPO मूल्य ₹1,785 रुपए से नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे IPO निवेशक फिलहाल घाटे में बने हुए हैं।

व्यापक बाजार का रुख और RBI पर नज़र

NSE की कमज़ोरी के बावजूद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में व्यापक तेजी रही। निवेशकों ने फार्मा, निजी बैंकिंग और तेल एवं गैस शेयरों में खरीदारी की। BSE सेंसेक्स कारोबार के अंत में 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत चढ़कर 73,067.81 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,776.10 पर पहुँच गया।

बाजार की निगाहें अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीति बैठक के नतीजों पर टिकी हैं, जो निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। NSE के शेयर के लिए भी यह बैठक एक अहम कसौटी साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

785 के IPO मूल्य पर NSE को जो वैल्यूएशन दी गई थी, उस पर शुरू से ही बाजार विश्लेषकों के एक वर्ग ने सवाल उठाए थे। असली परीक्षा यह है कि क्या RBI की आगामी नीति बैठक और व्यापक बाजार की तेजी NSE के शेयर को IPO मूल्य के ऊपर टिकाए रख सकती है — या यह लंबे समय तक दबाव में रहेगा। निवेशकों के लिए सबक यह है कि 'टू बिग टू फेल' का तर्क शेयर बाजार में शायद ही कभी काम करता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSE का शेयर IPO मूल्य से नीचे क्यों आ गया?
NSE का शेयर लिस्टिंग के बाद शुरुआती उत्साह के बावजूद लगातार बिकवाली के दबाव में आ गया। ₹1,878 के इंट्राडे उच्च स्तर से यह सोमवार को ₹1,712 तक फिसल गया, जो IPO मूल्य ₹1,785 से लगभग 4 प्रतिशत नीचे था।
NSE के मार्केट कैप में कितनी कमी आई है?
NSE का बाजार पूंजीकरण अपने उच्चतम स्तर ₹4.64 लाख करोड़ से घटकर करीब ₹4.27 लाख करोड़ रह गया है — यानी उच्चतम स्तर से करीब ₹41,000 करोड़ की कमी। इस गिरावट के चलते एक्सचेंज शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची से बाहर होकर 12वें स्थान पर आ गया।
NSE का शेयर BSE पर कब और किस मूल्य पर सूचीबद्ध हुआ था?
NSE का शेयर 24 सितंबर को BSE पर ₹1,800 रुपए प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इसके ₹1,785 रुपए के IPO मूल्य से एक प्रतिशत से भी कम प्रीमियम पर था।
मार्केट कैप रैंकिंग में NSE से आगे कौन-सी कंपनियाँ हैं?
वर्तमान में NSE से आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, LIC, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा हैं — कुल 11 कंपनियाँ, जो NSE को 12वें पायदान पर रखती हैं।
मंगलवार को व्यापक भारतीय बाजार का क्या हाल रहा?
NSE शेयर की कमज़ोरी के बावजूद मंगलवार को व्यापक बाजार में मज़बूत तेजी रही। BSE सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत चढ़कर 73,067.81 पर और NSE निफ्टी 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776.10 पर बंद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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