NSE शेयर IPO मूल्य से नीचे फिसला, मार्केट कैप में ₹41,000 करोड़ की कमी; शीर्ष-10 सूची से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध होने के मात्र दो सप्ताह के भीतर ही अपने IPO मूल्य ₹1,785 रुपए से नीचे आ गया है, जिससे लिस्टिंग के दिन की पूरी बढ़त समाप्त हो गई। अपने उच्चतम स्तर से अब तक कंपनी के बाजार पूंजीकरण में करीब ₹41,000 करोड़ की कमी दर्ज की जा चुकी है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जिन्होंने देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की पहली सार्वजनिक पेशकश में दांव लगाया था।
लिस्टिंग से गिरावट तक: मुख्य घटनाक्रम
NSE का शेयर 24 सितंबर को BSE पर ₹1,800 रुपए प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इसके IPO मूल्य से एक प्रतिशत से भी कम प्रीमियम पर था। लिस्टिंग के शुरुआती घंटे में निवेशकों की मजबूत खरीदारी की बदौलत शेयर 5 प्रतिशत से अधिक उछलकर ₹1,878 रुपए के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुँच गया था।
उस समय NSE का बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग ₹4.64 लाख करोड़ तक जा पहुँचा था। हालांकि यह उत्साह लंबे समय तक टिक नहीं सका और इसके बाद से शेयर पर लगातार बिकवाली का दबाव बढ़ता रहा।
सोमवार को सबसे निचला स्तर
सोमवार को NSE का शेयर गिरकर ₹1,712 रुपए तक पहुँच गया — यह लिस्टिंग के बाद का इसका सबसे निचला स्तर था। यह भाव लिस्टिंग के दिन के उच्च स्तर से लगभग 9 प्रतिशत और IPO मूल्य से करीब 4 प्रतिशत नीचे था।
इस गिरावट के बाद NSE का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब ₹4.27 लाख करोड़ रह गया। गौरतलब है कि इस कमज़ोरी ने एक्सचेंज को देश की शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों की सूची से बाहर कर दिया और वह अब 12वें स्थान पर आ गया है।
मार्केट कैप रैंकिंग में बदलाव
मार्केट कैप के लिहाज से NSE से आगे अब रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), TCS, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा जैसी दिग्गज कंपनियाँ हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बड़े IPO के बाद के प्रदर्शन को लेकर बाजार में पहले से ही बहस चल रही है। हाल के कुछ बड़े सार्वजनिक निर्गमों में लिस्टिंग के बाद के शुरुआती महीनों में इसी तरह की बिकवाली देखी गई थी।
मंगलवार को आंशिक सुधार
मंगलवार को NSE के शेयर में कुछ राहत देखने को मिली। शेयर 1.53 प्रतिशत यानी ₹26.35 रुपए की बढ़त के साथ ₹1,749.85 रुपए पर बंद हुआ। हालांकि यह अभी भी IPO मूल्य ₹1,785 रुपए से नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे IPO निवेशक फिलहाल घाटे में बने हुए हैं।
व्यापक बाजार का रुख और RBI पर नज़र
NSE की कमज़ोरी के बावजूद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में व्यापक तेजी रही। निवेशकों ने फार्मा, निजी बैंकिंग और तेल एवं गैस शेयरों में खरीदारी की। BSE सेंसेक्स कारोबार के अंत में 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत चढ़कर 73,067.81 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,776.10 पर पहुँच गया।
बाजार की निगाहें अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीति बैठक के नतीजों पर टिकी हैं, जो निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। NSE के शेयर के लिए भी यह बैठक एक अहम कसौटी साबित हो सकती है।