एनएसई आईपीओ बीएसई पर लिस्ट: ₹1,817 पर बंद, सीईओ आशीष चौहान बोले — 'अपेक्षानुसार रही लिस्टिंग'
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 24 सितंबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर अपना ऐतिहासिक डेब्यू किया। NSE के शेयर लिस्टिंग के दौरान 1.79% की बढ़त के साथ ₹1,817 पर बंद हुए, जो इसके आईपीओ प्राइस बैंड ₹1,785 से अधिक है। इस प्रकार देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज अब स्वयं एक सूचीबद्ध कंपनी बन गया है।
लिस्टिंग पर सीईओ की प्रतिक्रिया
NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने लिस्टिंग को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा, "लिस्टिंग के बाद जो दाम आए हैं — सेलिंग शेयर होल्डर्स को भी फेयर प्राइस मिली है और जिन्होंने आईपीओ में पैसा लगाया है उन्हें भी थोड़ा मुनाफा हुआ है। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक अच्छा आउटकम हुआ है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि लिस्टिंग अपेक्षानुसार रही और बाज़ार ने NSE को उचित मूल्यांकन दिया है।
32 वर्षों की विकास यात्रा
NSE के विकास क्रम पर बोलते हुए चौहान ने कहा, "नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का परफॉर्मेंस जब से यह शुरू हुआ है, पिछले 32 सालों से, काफी अच्छा रहा है। 700 ट्रेड से शुरू हुआ था, आज 30 करोड़ ट्रेड हो रहे हैं, और लगातार इसका प्रॉफिट बढ़ रहा है।" उन्होंने जोड़ा कि जैसे जैसे भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी, NSE की वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी।
गौरतलब है कि NSE अपने शुरुआती दिनों में मात्र कुछ सौ ट्रेड से काम करता था। आज यह 13 करोड़ निवेशकों, 27 करोड़ खातों और 9 करोड़ परिवारों के लिए रियल टाइम में काम करता है — जो इसे भारत के किसी भी क्षेत्र का सबसे बड़ा संगठित मंच बनाता है।
स्व लिस्टिंग पर नीतिगत सवाल
एक्सचेंज की स्व लिस्टिंग के सवाल पर चौहान ने कहा कि विश्व के कई एक्सचेंज अपने ही मंच पर सूचीबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि भारत में जब नियामक ढाँचा बना, तब यह तय किया गया कि NSE को किसी दूसरे एक्सचेंज पर लिस्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा, "जहाँ तक मेरा मानना है कि सेबी (SEBI) चेयरमैन, या दूसरे जो पॉलिसी मेकर्स हैं, हमें जब भी मौका मिलेगा हम अपने इस केस को उनके समक्ष रखेंगे।"
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एक्सचेंजों की स्व लिस्टिंग एक सामान्य प्रचलन है, लेकिन भारतीय नियामक संरचना में हितों के टकराव की आशंका के चलते इसे अभी तक अनुमति नहीं दी गई है।
सहायक कंपनियों की लिस्टिंग पर स्थिति
NSE की अनुषंगी कंपनियों (सब्सिडरीज) की संभावित लिस्टिंग पर चौहान ने संकेत दिया कि अभी कोई तत्काल योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सहायक कंपनी बड़ी हो जाती है और नियामकों को लिस्टिंग उचित लगे, तो उस पर विचार किया जाएगा।
पूँजी बाज़ार और समाज की भूमिका
लिस्टिंग समारोह में चौहान ने पूँजी बाज़ार को एक व्यापक सामाजिक संस्था के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा, "मेरे लिए, कैपिटल मार्केट अच्छी तरह से काम करने वाले मानव समाज का अहम हिस्सा हैं। अनिश्चितताओं और तेज़ी से बदलती दुनिया के बीच, कैपिटल मार्केट समाज की सामूहिक उम्मीदों, डर, खुशियों, दुखों, भविष्य की अपेक्षाओं, तरक्की और संभावनाओं को रियल टाइम में जाहिर करते हैं।"
NSE की इस लिस्टिंग के साथ भारतीय पूँजी बाज़ार एक नए युग में प्रवेश कर चुका है — अब बाज़ार नियामक के रूप में काम करने वाला संस्थान स्वयं भी बाज़ार की पारदर्शिता के दायरे में आ गया है।