21 अगस्त 2026
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निषाद समुदाय आरक्षण पर संजय निषाद का BJP को सीधा सवाल — 'यह उनका अपना वादा है'

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निषाद समुदाय आरक्षण पर संजय निषाद का BJP को सीधा सवाल — 'यह उनका अपना वादा है'

सारांश

यूपी के मंत्री संजय निषाद ने निषाद समुदाय के आरक्षण पर BJP को सीधे कठघरे में खड़ा किया — कहा 'यह उनका अपना वादा है।' एनडीए के भीतर यह बयान आंतरिक दबाव का संकेत है, जबकि मंत्री नरेंद्र कश्यप ने मामले को सार्वजनिक नहीं, कैबिनेट में उठाने की नसीहत दी।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 21 अगस्त को निषाद समुदाय के आरक्षण पर BJP को सीधे जवाबदेह ठहराया, कहा 'यह उनका अपना वादा है।' निषाद ने कहा कि उन्होंने 14 किताबें लिखी हैं और 'दलील दल' बनाकर ठोस तर्कों से समुदाय की वकालत की है।
यूपी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सुझाया कि आरक्षण के मुद्दे को जनता के बजाय कैबिनेट बैठक में उठाया जाए।
मेरठ SSP अविनाश पांडे द्वारा किसान नेता पर कथित हमले पर कश्यप ने कहा — योगी सरकार में कानून के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।
यह बयान एनडीए के भीतर निषाद पार्टी और BJP के बीच आंतरिक तनाव का संकेत देता है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने 21 अगस्त को निषाद समुदाय के आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे जवाबदेह ठहराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रश्न भाजपा से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि यह उनका अपना वादा और एजेंडे का हिस्सा रहा है। इस बीच, यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने संजय निषाद को सलाह दी कि इन मुद्दों को सार्वजनिक मंच की बजाय कैबिनेट बैठकों में उठाया जाए।

संजय निषाद का BJP पर सीधा प्रहार

संजय निषाद ने बातचीत में कहा, 'यह सवाल भाजपा से पूछा जाना चाहिए, यह उनका अपना वादा है और उनके एजेंडे का हिस्सा रहा है। मैं खुद एक वकील हूं और इस मुद्दे की वकालत करता रहूंगा। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब वे खुद इसकी वकालत करते थे। अब पार्टी खुद ही जज हो गई है, तो उनकी जवाबदेही है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब निषाद समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण में शामिल किए जाने की माँग कर रहा है।

निषाद का 'वकालत' वाला तर्क

निषाद ने अपनी भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं एक वकील हूं और वकालत ही करूंगा। समुदाय ने मुझे इसी काम के लिए यहां भेजा है।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 14 किताबें लिखी हैं और 'दलील दल' बनाकर ठोस तर्कों के आधार पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो कथित तौर पर विरोधी पार्टियों से धन लेकर समुदाय में बाँटते हैं।

मंत्री नरेंद्र कश्यप की प्रतिक्रिया

यूपी सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने संजय निषाद को एनडीए का 'अहम सदस्य और बड़े नेता' बताते हुए कहा, 'आरक्षण की माँग करना पूरी तरह से सही है, लेकिन इन मुद्दों को जनता के सामने ले जाने के बजाय, उन्हें कैबिनेट और सही मंच पर उठाना चाहिए ताकि सरकार समाधान पर विचार कर सके।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कैबिनेट और एनडीए की बैठकें नियमित रूप से होती हैं।

मेरठ SSP विवाद पर कश्यप का बयान

मेरठ के निवर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे द्वारा एक किसान नेता पर कथित हमले के सवाल पर नरेंद्र कश्यप ने कहा, 'कानून सबसे ऊपर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।' उन्होंने योगी सरकार की भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' नीति का हवाला दिया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि निषाद समुदाय की आरक्षण माँग उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक संवेदनशील और लंबे समय से लंबित मुद्दा है। संजय निषाद का यह बयान एनडीए के भीतर आंतरिक तनाव का संकेत देता है। अब देखना यह होगा कि भाजपा नेतृत्व इस माँग पर औपचारिक रुख कब स्पष्ट करता है और क्या इसे आगामी किसी कैबिनेट बैठक में स्थान मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनडीए के भीतर बढ़ते दबाव का सार्वजनिक प्रकटीकरण है — जो आमतौर पर बंद कमरों में रहता है। भाजपा के विपक्ष में रहते हुए निषाद आरक्षण की वकालत करने और सत्ता में आने के बाद चुप्पी साधने का विरोधाभास अब खुलकर सामने आ रहा है। मंत्री कश्यप की 'कैबिनेट में उठाओ' वाली सलाह दरअसल एक राजनीतिक संदेश है कि सहयोगियों की माँगें सार्वजनिक मंच पर नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे निपटाई जाएं। सवाल यह है कि क्या यह रणनीति निषाद समुदाय को संतुष्ट कर पाएगी, जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ठोस नतीजे चाहता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने निषाद समुदाय के आरक्षण पर क्या कहा?
संजय निषाद ने कहा कि निषाद समुदाय के आरक्षण का सवाल BJP से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि यह उनका अपना वादा और एजेंडे का हिस्सा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब BJP विपक्ष में थी, तब वह खुद इसकी वकालत करती थी।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने संजय निषाद को क्या सलाह दी?
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि आरक्षण की माँग उठाना सही है, लेकिन इसे जनता के सामने नहीं, बल्कि कैबिनेट और एनडीए की बैठकों में उठाना चाहिए ताकि सरकार समाधान पर विचार कर सके।
निषाद समुदाय किस आरक्षण की माँग कर रहा है?
निषाद समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल किए जाने की माँग कर रहा है। संजय निषाद इस माँग को अपनी पार्टी और सरकार में रहते हुए उठाते रहे हैं।
मेरठ SSP अविनाश पांडे विवाद क्या है?
मेरठ के निवर्तमान SSP अविनाश पांडे पर एक किसान नेता पर कथित हमले का आरोप है। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस पर कहा कि योगी सरकार में कानून सर्वोपरि है और किसी को भी उसके साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं।
क्या संजय निषाद का बयान एनडीए में दरार का संकेत है?
संजय निषाद का सार्वजनिक रूप से BJP को जवाबदेह ठहराना एनडीए के भीतर आंतरिक तनाव का संकेत माना जा रहा है। हालाँकि, दोनों नेता अभी भी गठबंधन में हैं और मंत्री कश्यप ने निषाद को 'अहम सदस्य' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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