2 अक्टूबर 2026
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संजय निषाद का अखिलेश पर तंज: 'बड़े नेता हैं, पर कचौड़ी-पकौड़ी से ऊपर नहीं उठ पाए'

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संजय निषाद का अखिलेश पर तंज: 'बड़े नेता हैं, पर कचौड़ी-पकौड़ी से ऊपर नहीं उठ पाए'

सारांश

UP मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव को 'कचौड़ी-पकौड़ी की राजनीति' में उलझा बताया, ओबीसी आरक्षण पर 'मिल्क-मैन के वर्चस्व' का आरोप लगाया और एक साथ मायावती, ओवैसी व INDIA गठबंधन पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव पर तंज कसा — 'बड़े नेता हैं लेकिन कचौड़ी-पकौड़ी से बाहर नहीं निकल पाए।' निषाद ने आरोप लगाया कि ओबीसी के 27 प्रतिशत कोटे पर 'मिल्क-मैन' का एकाधिकार हो गया, अन्य समुदाय पीछे रह गए।
मायावती के हमले के संदर्भ में कहा कि अखिलेश का 'पीडीए' अब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बन गया है।
'इंडिया' गठबंधन पर चुटकी ली — 'कांग्रेस से गठबंधन करने वालों की हार हो रही है।' ओवैसी के UCC विरोध को खारिज करते हुए कहा — 'देश धर्म से नहीं, संविधान से चलता है।' योगी सरकार के कार्यकाल में बढ़े पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था को 2017 से पहले की तुलना में बेहतर बताया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भले ही बड़े नेता हों, किंतु वे 'कचौड़ी-पकौड़ी' की राजनीति से ऊपर नहीं उठ पा रहे। निषाद ने एक ही बयान में मायावती, असदुद्दीन ओवैसी, 'इंडिया' गठबंधन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों पर भी अपना पक्ष रखा।

अखिलेश यादव पर निषाद का हमला

संजय निषाद ने कहा, 'वे बड़े नेता हैं लेकिन कचौड़ी-पकौड़ी से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। युवाओं और अपनी विचारधारा का मुद्दा होना चाहिए।' उन्होंने ओबीसी राजनीति पर भी चोट करते हुए आरोप लगाया कि 'ओबीसी के 27 प्रतिशत में पूरा 'मिल्क-मैन' का कब्जा हो गया और अन्य गायब हो गए।' निषाद ने यह भी कहा कि इन्हीं मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विभिन्न नेताओं की ओर से बयानबाजी की जाती है।

2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का हवाला

निषाद ने कहा कि मतदाता 2017 से पहले के माहौल को याद करते हैं — 'कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी, विकास की स्थिति क्या थी और महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए माहौल कैसा था?' उन्होंने दावा किया कि जनता पिछली सरकारों के 'दोष' को भारी मानती है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को वोट करती है। उनके अनुसार, लोग मानते हैं कि यह सरकार काम कर रही है तो सुधार भी करेगी।

मायावती और 'पीडीए' पर टिप्पणी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती द्वारा अखिलेश पर निशाना साधने के संदर्भ में निषाद ने कहा कि अखिलेश के 'पीडीए' का मतलब अब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा का टिकट निषाद और मुसलमान जैसे पिछड़े वर्गों के कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए था — 'राज्यसभा और विधान परिषद उन लोगों को शक्ति देने का अवसर होता है, जिनके पास शक्ति न हो।'

'इंडिया' गठबंधन और ओवैसी पर प्रतिक्रिया

'इंडिया' गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन पर निषाद ने कटाक्ष किया — 'जो कांग्रेस से गठबंधन कर रहा है, उसकी हार हो रही है। दल दिखते हैं लेकिन आपस में दुखते भी हैं।' ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के समान नागरिक संहिता (UCC) पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश धर्म से नहीं, संविधान से चलता है और संवैधानिक व्यवस्था में सभी वर्गों के लिए प्रावधान हैं।

पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था पर दावे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिसिंग संबंधी बयान का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि पहले एक ही ट्रेनिंग सेंटर था, अब कई हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बेहतर भर्ती और प्रशिक्षण व्यवस्था के कारण अब लोग सुरक्षित हैं और कानून-व्यवस्था पहले से बेहतर है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सत्तारूढ़ दल को घेरने में लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके जवाब में सपा ओबीसी एकीकरण का जो नैरेटिव गढ़ रही है, उसे निषाद ने 'मिल्क-मैन के वर्चस्व' का आरोप लगाकर ही काटने की कोशिश की — जो खुद BJP के सहयोगी दलों के बीच भी एक संवेदनशील मुद्दा है। गौरतलब है कि निषाद पार्टी स्वयं निषाद और मछुआरा समुदायों के प्रतिनिधित्व पर टिकी है; इसलिए ओबीसी आरक्षण की इस बहस में उनकी स्थिति रणनीतिक भी है और व्यक्तिगत भी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने अखिलेश यादव को 'कचौड़ी-पकौड़ी' क्यों कहा?
संजय निषाद ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि अखिलेश यादव बड़े नेता हैं लेकिन 'कचौड़ी-पकौड़ी से बाहर नहीं निकल पा रहे।' उनका आशय था कि अखिलेश युवाओं और विचारधारा के मुद्दों को छोड़कर प्रतीकात्मक राजनीति में उलझे हैं।
निषाद ने ओबीसी आरक्षण पर क्या आरोप लगाया?
निषाद ने आरोप लगाया कि ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण पर 'मिल्क-मैन' समुदाय का एकाधिकार हो गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के समुदाय इससे बाहर हो गए हैं। उन्होंने इसे अखिलेश यादव की ओबीसी राजनीति पर सीधी चुनौती के रूप में पेश किया।
संजय निषाद ने 'इंडिया' गठबंधन पर क्या कहा?
निषाद ने कहा कि जो दल कांग्रेस से गठबंधन कर रहे हैं, उनकी हार हो रही है और 'दल दिखते हैं लेकिन आपस में दुखते भी हैं।' यह टिप्पणी INDIA गठबंधन की आंतरिक एकता पर सवाल उठाने वाली थी।
ओवैसी के UCC बयान पर निषाद की क्या प्रतिक्रिया थी?
असदुद्दीन ओवैसी के UCC विरोध पर निषाद ने कहा कि देश धर्म से नहीं, संविधान से चलता है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में सभी वर्गों के लिए प्रावधान है और लोगों को धर्म-प्रचार की स्वतंत्रता भी दी गई है।
निषाद के अनुसार योगी सरकार में कानून-व्यवस्था कैसे बदली?
निषाद ने दावा किया कि 2017 से पहले एकमात्र पुलिस ट्रेनिंग सेंटर था, जबकि अब कई ट्रेनिंग सेंटर खुल गए हैं और भर्ती व व्यवस्था बेहतर हुई है। उनके अनुसार इसी कारण अब कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से काफी बेहतर है।
राष्ट्र प्रेस
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