क्या लखनऊ में निषाद पार्टी के नेताओं ने संवैधानिक अधिकारों की मांग के लिए संकल्प लिया?
सारांश
Key Takeaways
- निषाद पार्टी ने 13वें संकल्प दिवस पर शक्ति प्रदर्शन किया।
- संजय निषाद ने संवैधानिक हक और सम्मान की मांग की।
- कार्यकर्ताओं ने सत्ता में हिस्सेदारी के लिए संकल्प लिया।
- कांग्रेस पर निषाद ने आलोचना की।
- संकल्प दिवस पर भगवान राम का जिक्र किया गया।
लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने निषाद पार्टी के 13वें संकल्प दिवस पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। निषाद समाज की आवाज को मजबूती देने, संवैधानिक हक और सम्मान की मांग को बुलंद करने के उद्देश्य से निषाद पार्टी के कार्यकर्ता 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम के लिए लखनऊ में एकत्र हुए हैं।
संजय निषाद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमारे पूर्वजों ने दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ संकल्प लिया था और देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने भगवान राम को नदी पार कराने में सहायक बने और अंग्रेजों और मुगलों को पराजित किया।
उन्होंने आगे कहा, "मैंने संकल्प लिया है कि मैं निषाद समाज को जागरूक करूंगा और उन्हें सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने का प्रयास करूंगा। इसी दिशा में हमने एक बार फिर संकल्प लिया है।"
संजय निषाद ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं। हमने संकल्प लिया है कि हम बूथ से लेकर सेक्टर और विधानसभा तक जीत सुनिश्चित करेंगे। यह भी संकल्प लिया कि जिन्हें सत्ता में आने के लिए हकों की लूट मचाई, उन्हें कभी भी सत्ता में नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा, "जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं और अन्य वर्गों को आरक्षण दिया, उसी प्रकार निषाद समाज के लिए भी आरक्षण का प्रावधान करेंगे।"
एनडीए संगठन पर उन्होंने कहा, "संकल्प दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत हम निश्चित रूप से जीत का मंत्र लेकर आगे बढ़ेंगे। सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जीताने के लिए प्रयास करेंगे।"
संजय निषाद ने भगवान राम और हिंदू धर्म पर कांग्रेस नेताओं के बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग भारतीय संस्कृति के साथ-साथ राष्ट्रविरोधी भी हैं। वे केवल एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए हिंदू धर्म के खिलाफ बयान देते हैं।
राहुल गांधी के अयोध्या स्थित राम मंदिर के दौरे की चर्चाओं पर संजय निषाद ने कहा, "उनका स्वागत है कि कम से कम राहुल गांधी की सोच में परिवर्तन हुआ है।"