30 जून 2026
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आविन ने दूध किल्लत की खबरों को बताया भ्रामक, चेन्नई में रोज़ाना 14.82 लाख लीटर आपूर्ति जारी

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आविन ने दूध किल्लत की खबरों को बताया भ्रामक, चेन्नई में रोज़ाना 14.82 लाख लीटर आपूर्ति जारी

सारांश

आविन ने दूध संकट की खबरों को 'निराधार' बताया और आँकड़ों से पलटवार किया — जून 2026 में दैनिक बिक्री 14.82 लाख लीटर रही, जो पिछले साल से 36,000 लीटर ज़्यादा है। लेकिन मिल्क एजेंट्स एसोसिएशन के आरोप निजी डेयरी और सहकारी क्षेत्र के बीच गहरे खरीद-मूल्य संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।

मुख्य बातें

आविन ने 30 जून 2026 को चेन्नई में दूध किल्लत की खबरों को 'निराधार और भ्रामक' बताकर खारिज किया।
जून 2026 में औसत दैनिक बिक्री 14.82 लाख लीटर रही, जो जून 2025 की 14.46 लाख लीटर से प्रतिदिन लगभग 36,000 लीटर अधिक है।
तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स एंड वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि निजी डेयरियाँ अधिक खरीद मूल्य देकर उत्पादकों को आकर्षित कर रही हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति पर 30% तक असर पड़ा।
आविन वर्तमान में चेन्नई में प्रतिदिन औसतन 14.50 लाख लीटर दूध की आपूर्ति कर रहा है।
संस्था ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि सभी श्रेणियों के दूध पैकेट बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध रहेंगे।

तमिलनाडु की राज्य संचालित डेयरी सहकारी संस्था आविन ने 30 जून 2026 को दूध आपूर्ति में व्यवधान संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'निराधार और भ्रामक' करार दिया। संस्था ने स्पष्ट किया कि चेन्नई में दूध की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और जून 2026 में औसत दैनिक बिक्री बढ़कर 14.82 लाख लीटर पहुँच गई है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह खंडन तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स एंड वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के उन आरोपों के जवाब में आया है, जिनमें दावा किया गया था कि निजी डेयरी कंपनियाँ आविन की तुलना में अधिक खरीद मूल्य देकर दूध उत्पादकों को अपनी ओर खींच रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, इस प्रतिस्पर्धा के चलते आविन की दूध खरीद में गिरावट आई है और कुछ इलाकों में आपूर्ति पर 30 प्रतिशत तक असर पड़ा है।

गौरतलब है कि निजी डेयरी क्षेत्र का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से हुआ है, और सहकारी संस्थाओं पर खरीद मूल्य को लेकर दबाव बढ़ना एक व्यापक राष्ट्रीय प्रवृत्ति बन चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य डेयरी संस्थाओं को निजी प्रतिस्पर्धा से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा हो।

आविन के आँकड़े क्या कहते हैं

आविन ने जून माह के तुलनात्मक वितरण आँकड़े सार्वजनिक किए। आँकड़ों के अनुसार, जून 2025 में संस्था की औसत दैनिक बिक्री 14.46 लाख लीटर थी, जो जून 2026 में बढ़कर 14.82 लाख लीटर हो गई — यानी पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिदिन लगभग 36,000 लीटर की वृद्धि।

संस्था ने यह भी बताया कि वह वर्तमान में चेन्नई में औसतन 14.50 लाख लीटर प्रतिदिन आपूर्ति कर रही है और अपने व्यापक वितरण नेटवर्क के ज़रिए निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

संस्था की आधिकारिक प्रतिक्रिया

आविन के आधिकारिक बयान में कहा गया कि दूध की खरीद या वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आई है। संस्था ने दोहराया कि चेन्नई के उपभोक्ताओं को सभी श्रेणियों के दूध के पैकेट बिना किसी कमी के उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आविन ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे आपूर्ति संकट संबंधी खबरों से गुमराह न हों और आश्वस्त किया कि निर्बाध दूध आपूर्ति संस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आगे क्या होगा

आविन ने स्पष्ट किया कि वह दूध खरीद और वितरण की निरंतर निगरानी जारी रखेगी ताकि उपभोक्ताओं को भरोसेमंद सेवा मिलती रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी और निजी डेयरी क्षेत्र के बीच खरीद मूल्य को लेकर यह तनाव आने वाले समय में नीतिगत हस्तक्षेप की माँग कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मिल्क एजेंट्स एसोसिएशन का खरीद-मूल्य वाला तर्क एक अलग और गहरी समस्या की ओर संकेत करता है — सहकारी संस्थाएँ निजी डेयरियों की आक्रामक खरीद रणनीति के सामने कितने समय तक टिक पाएँगी? वितरण के आँकड़े भले ही सामान्य दिखें, लेकिन यदि उत्पादक आधार धीरे-धीरे निजी क्षेत्र की ओर खिसकता रहा तो भविष्य में आपूर्ति दबाव अपरिहार्य होगा। राज्य सरकार के लिए यह उचित समय है कि वह आविन की खरीद मूल्य नीति की समीक्षा करे — खंडन से संकट टलता है, संरचनात्मक सुधार से नहीं।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आविन ने दूध किल्लत की खबरों को क्यों खारिज किया?
आविन ने इन खबरों को 'निराधार और भ्रामक' बताया क्योंकि जून 2026 में उसकी दैनिक बिक्री 14.82 लाख लीटर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36,000 लीटर अधिक है। संस्था के अनुसार खरीद और वितरण में कोई बाधा नहीं आई है।
चेन्नई में आविन प्रतिदिन कितने लीटर दूध की आपूर्ति करता है?
आविन वर्तमान में चेन्नई में प्रतिदिन औसतन 14.50 लाख लीटर दूध की आपूर्ति कर रहा है। जून 2026 में औसत दैनिक बिक्री 14.82 लाख लीटर दर्ज की गई।
मिल्क एजेंट्स एसोसिएशन ने आविन पर क्या आरोप लगाए थे?
तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स एंड वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि निजी डेयरी कंपनियाँ आविन से अधिक खरीद मूल्य देकर दूध उत्पादकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार इससे कुछ इलाकों में आपूर्ति पर 30 प्रतिशत तक असर पड़ा है।
क्या चेन्नई में दूध की वास्तविक कमी है?
आविन के जारी आँकड़ों के अनुसार चेन्नई में दूध की कोई कमी नहीं है और बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है। हालाँकि मिल्क एजेंट्स एसोसिएशन के आरोप खरीद स्तर पर दबाव की ओर संकेत करते हैं, जिसे आविन ने अस्वीकार किया है।
आविन और निजी डेयरियों के बीच विवाद का उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल आविन ने आश्वस्त किया है कि सभी श्रेणियों के दूध पैकेट बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध रहेंगे। भविष्य में खरीद मूल्य की प्रतिस्पर्धा यदि जारी रही तो राज्य सरकार को नीतिगत हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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