राप्ताडु स्कूल हमला: मांचू मनोज बोले- 'एक पिता के तौर पर यह मुझे अंदर तक हिला गया'
सारांश
मुख्य बातें
तेलुगु अभिनेता मांचू मनोज ने आंध्र प्रदेश के राप्ताडु स्थित एक स्कूल में 10वीं कक्षा की दो छात्राओं पर हुए क्रूर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि इस घटना ने उन्हें एक पिता के तौर पर बहुत गहरे स्तर पर झकझोर दिया है। दोनों घायल छात्राओं का अभी एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है।
मांचू मनोज ने क्या कहा
अभिनेता ने अपनी इंस्टाग्राम टाइमलाइन पर लिखा, 'एक पिता के तौर पर, राप्ताडु स्कूल में हुए हमले ने मुझे बहुत अंदर तक हिला दिया है। भगवान से दोनों छात्राओं के जल्दी और पूरी तरह ठीक होने और उनके परिवारों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं।' उन्होंने अपनी मित्र को बचाने के लिए सामने आई छात्रा की साहस की भी सराहना की।
मनोज ने लिखा, 'अपनी दोस्त को बचाने के लिए आगे आने वाली छोटी लड़की ने बहुत बड़ी हिम्मत दिखाई। वह हमारे गहरे सम्मान और पहचान की हकदार है।' उन्होंने डॉक्टरों, आंध्र प्रदेश सरकार, पुलिस और मेडिकल टीमों का भी आभार व्यक्त किया।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर जोर
अभिनेता ने यह जानकर संतोष व्यक्त किया कि प्रभावित छात्र-छात्राओं के लिए 20 मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर तैनात किए गए हैं। उन्होंने अनुरोध किया, 'कृपया यह सुनिश्चित करें कि इस आघात से प्रभावित हर बच्चे, शिक्षक और परिवार तक लगातार सहायता पहुँचे।' उनका यह बयान मानसिक पुनर्वास पर ध्यान दिलाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
महिलाओं के प्रति सम्मान का आह्वान
मनोज ने इस घटना को एकाकी अपराध से जोड़कर नहीं देखा, बल्कि उन्होंने समाज में महिलाओं के प्रति व्यापक सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, 'यह सिर्फ एक इंसान और एक क्राइम नहीं है। जब महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई किया जाता है और उनकी बेइज्जती की जाती है, चाहे वो आम तौर पर हो, मजे के लिए भी, घरों के अंदर और समाज में, तो यह खतरनाक सोच को जन्म देता है।' उन्होंने उत्पीड़न और हिंसा के लिए कड़े परिणाम सुनिश्चित करने की माँग की।
अभिनेता ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, 'महिलाओं की इज्जत घर से शुरू होती है। हमारे बच्चे देख रहे हैं। हम जैसा समाज चाहते हैं, वह इस बात से शुरू होता है कि हम घर पर और अपनी कम्युनिटी में महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव करते हैं।'
हमले की गंभीरता
अधिकारियों के अनुसार, हमले में एक छात्रा के चेहरे, सिर और गले पर गंभीर चोटें आईं। उसकी गर्दन और पेट पर गहरे घाव हुए और उसका दाहिना हाथ लगभग कट गया था। दूसरी छात्रा, जिसने बीच-बचाव करते हुए अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश की, वह भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों पीड़िताओं का उपचार एक निजी अस्पताल में जारी है।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब स्कूल परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो रही है। आंध्र प्रदेश सरकार ने मेडिकल और काउंसलिंग सहायता तो दी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियानों की भी तत्काल आवश्यकता है।