आंध्र प्रदेश: स्कूल में छात्रा पर चेनसॉ हमला, जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्ताडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में दसवीं कक्षा की एक छात्रा पर चेनसॉ से किए गए बर्बर हमले ने पूरे राज्य को हिला दिया है। घटना शनिवार, 31 अक्टूबर को उस समय हुई जब एक व्यक्ति सीधे कक्षा में घुसकर छात्रा पर टूट पड़ा। इस हमले ने राज्य में स्कूली सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमले का विवरण
पुलिस के अनुसार, हमलावर ने छात्रा के चेहरे, सिर और गले पर चेनसॉ से गंभीर चोटें पहुँचाईं। उसकी गर्दन और पेट पर गहरे घाव हुए, जबकि उसका दाहिना हाथ लगभग कट गया। हमले के दौरान पीड़िता को बचाने की कोशिश करने वाली एक अन्य छात्रा भी गंभीर रूप से घायल हो गई। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी का घायल छात्रा से पहले से कोई परिचय था या नहीं।
जगन मोहन रेड्डी की प्रतिक्रिया
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस घटना को 'जंगल राज' का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह हमला टीडीपी गठबंधन सरकार की विफलता को उजागर करता है।
रेड्डी ने सवाल उठाया कि एक हमलावर सरकारी स्कूल की कक्षा में इतनी आसानी से कैसे घुस सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शासन की प्राथमिकता राजनीतिक प्रतिशोध और 'रेड बुक' के ज़रिए शासन करने पर केंद्रित हो जाती है, तो अपराधियों में कानून का डर समाप्त हो जाता है।
रेड्डी की माँगें
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने सरकार से तीन प्रमुख माँगें रखीं — पहली, घायल छात्राओं को तत्काल सर्वोत्तम आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके परिवारों को भरोसे में लिया जाए; दूसरी, हमलावर को तुरंत गिरफ्तार कर पारदर्शी जाँच के ज़रिए न्याय सुनिश्चित किया जाए; और तीसरी, आंध्र प्रदेश के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए। उन्होंने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तथा नारा लोकेश की जवाबदेही तय करने की भी माँग की।
मुख्यमंत्री नायडू की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना की जानकारी मिलने पर अधिकारियों से सीधे बात की और घायल छात्राओं के इलाज की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने चिकित्सा टीम को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और पुलिस को हमलावर को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
नायडू ने घायल छात्रा की माँ से फोन पर बात कर उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्कूली सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ व्यक्त की जाती रही हैं।
आगे की राह
पुलिस मामले की जाँच कर रही है और हमलावर की तलाश जारी है। राज्य सरकार पर अब दबाव है कि वह न केवल इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करे, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को भी मज़बूत करे। यह घटना शैक्षणिक परिसरों में बच्चों की सुरक्षा के सवाल को नए सिरे से राज्य की राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आई है।