31 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक की 'मॉक पार्लियामेंट' पर संजय निरुपम का हमला — 'नौटंकी से बड़ा ड्रामा नहीं'

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इंडिया ब्लॉक की 'मॉक पार्लियामेंट' पर संजय निरुपम का हमला — 'नौटंकी से बड़ा ड्रामा नहीं'

सारांश

इंडिया ब्लॉक ने 'मॉक पार्लियामेंट' को लोकतंत्र की रक्षा का प्रतीक बताया, लेकिन शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इसे सीधे 'नौटंकी' करार दिया। असली परीक्षा 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली है — जहाँ भीड़ का आकार ही गठबंधन की ताकत का पैमाना बनेगा।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने 31 अक्टूबर को 'मॉक पार्लियामेंट' का आयोजन किया, जिसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया गया।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस आयोजन को 'नौटंकी' और 'बड़ा ड्रामा' करार दिया।
भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता नकार चुकी है और वे 'अराजकता फैला रहे हैं'।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि वे 20 लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा नेता आशुतोष वर्मा ने रैली को 'लोकतंत्र की रक्षा' की लड़ाई बताया।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की बड़ी रैली प्रस्तावित है।

इंडिया ब्लॉक द्वारा 31 अक्टूबर को आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस आयोजन को सीधे तौर पर 'नौटंकी' और 'बड़ा ड्रामा' करार दिया, जबकि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया। यह आयोजन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित बड़ी रैली से ठीक एक दिन पहले हुआ।

निरुपम का तीखा प्रहार

मुंबई में मीडिया से बातचीत में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी बहुत बड़ी नौटंकी है और कुछ नहीं, बल्कि एक बड़ा ड्रामा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद से कांग्रेस ने संसदीय कार्यवाही को कभी गंभीरता से नहीं लिया।

निरुपम ने कहा कि विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के कारण बार-बार संसद सत्र बाधित होते हैं, जिससे जनता का पैसा बर्बाद होता है। उनके अनुसार, 'जब संसद का सत्र चल रहा होता है, तो वे चर्चाओं में हिस्सा लेने के बजाय कार्यवाही में बाधा डालते हैं — और अब सड़कों पर मॉक पार्लियामेंट चला रहे हैं। इससे बड़ी नौटंकी नहीं हो सकती।'

भाजपा सांसदों की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने कहा कि इंडिया गठबंधन को भारत की जनता पहले ही नकार चुकी है। उन्होंने कहा, 'संसद में उन्हें बहुत कम सीटें मिली हैं, इसीलिए वे सड़क पर हैं। उन्हें किसी भी संवैधानिक संस्था पर भरोसा नहीं है और वे आए दिन देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं।' पटेल ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियाँ निभाने के बजाय 'छुटभैया नेता' की तरह आचरण कर रहे हैं।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि वे 20 लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके क्षेत्र में किसी एक भी मतदाता का वोट नहीं कटा।

इंडिया ब्लॉक का पक्ष

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इस आयोजन का संदेश पूरे देश में जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र को लूटा जा रहा है, और हम इस संकट में घिरे लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहाँ आए हैं।' मसूद ने दावा किया कि 1 नवंबर की रैली में लोग स्वाभाविक रूप से बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं और यह एक 'बहुत सफल रैली' होगी।

समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, 'देश करवट बदल रहा है, हम सभी इसके साक्षी हैं। यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और हम सभी साथ हैं।'

आम जनता और राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक आम चुनाव परिणामों के बाद सत्ता पक्ष के विरुद्ध अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि 'मॉक पार्लियामेंट' जैसे प्रतीकात्मक आयोजन भारतीय विपक्षी राजनीति में नए नहीं हैं — इससे पहले भी विभिन्न दलों ने इसी तरह के प्रदर्शन किए हैं। सत्ता पक्ष इसे जनादेश की अवहेलना बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का माध्यम।

आगे क्या होगा

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली की सफलता या विफलता यह तय करेगी कि गठबंधन की एकजुटता कितनी मजबूत है। रैली के बाद दोनों पक्षों की राजनीतिक दिशा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इससे कोई ठोस राजनीतिक एजेंडा उभरेगा। इंडिया ब्लॉक की आंतरिक एकता और साझा कार्यक्रम की कमी मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नजरअंदाज होती है — यही वह कमज़ोर कड़ी है जिसे सत्ता पक्ष भुनाने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 'मॉक पार्लियामेंट' क्या है?
'मॉक पार्लियामेंट' इंडिया ब्लॉक द्वारा 31 अक्टूबर को आयोजित एक प्रतीकात्मक संसदीय सत्र है, जिसे 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली से पहले लोकतंत्र बचाने के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया और सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
संजय निरुपम ने 'मॉक पार्लियामेंट' को नौटंकी क्यों कहा?
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक वास्तविक संसद सत्रों में बाधा डालते हैं और चर्चाओं से बचते हैं, इसलिए सड़क पर मॉक पार्लियामेंट चलाना महज दिखावा है। उनके अनुसार यह जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली किसलिए है?
इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का आयोजन किया है, जिसका मकसद लोकतंत्र की रक्षा का संदेश देना और सरकार के विरुद्ध विपक्षी एकता प्रदर्शित करना है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया कि लोग बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे।
भाजपा ने इंडिया ब्लॉक के आयोजन पर क्या कहा?
भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता नकार चुकी है और संसद में कम सीटें मिलने के कारण वे सड़क पर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन किसी संवैधानिक संस्था पर भरोसा नहीं करता और देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहा है।
समाजवादी पार्टी का इंडिया ब्लॉक की रैली में क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने इंडिया ब्लॉक का समर्थन करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है और उनकी पार्टी गठबंधन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश करवट बदल रहा है और वे इसके साक्षी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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