31 अक्टूबर 2026
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अदाणी यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह: IISc निदेशक गोविंदन रंगराजन बोले — एआई में अपार संभावनाएं, पर सत्य और भरोसे की चुनौती भी

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अदाणी यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह: IISc निदेशक गोविंदन रंगराजन बोले — एआई में अपार संभावनाएं, पर सत्य और भरोसे की चुनौती भी

सारांश

IISc के निदेशक प्रो. गोविंदन रंगराजन ने अदाणी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एआई की ताकत के साथ उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी भी सामने रखी — जब सब कुछ तैयार किया जा सकता है, तो सच क्या है? 374 नए स्नातकों के लिए यह सिर्फ डिग्री का दिन नहीं, एक बड़े सवाल से सामना करने का मौका था।

मुख्य बातें

गोविंदन रंगराजन ने 31 अक्टूबर 2026 को अदाणी यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।
रंगराजन ने कहा कि एआई वैज्ञानिक अनुसंधान में तेज़ी ला सकता है, लेकिन सत्य, भरोसे और मानवीय संबंधों पर इसके प्रभाव को लेकर सचेत रहना ज़रूरी है।
2026 बैच के 374 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं; 10 विद्यार्थियों को पदक — 5 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य ।
प्रीति अदाणी ने उद्योग-शिक्षा सहयोग को दो-तरफा बताया — न कि केवल उद्योग का शिक्षा पर निर्देश।
अदाणी यूनिवर्सिटी की स्थापना 2022 में हुई; लक्ष्य — बहुविषयक अनुसंधान-केंद्रित संस्थान बनना।

अहमदाबाद में अदाणी यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के निदेशक प्रो. गोविंदन रंगराजन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की अपार संभावनाओं के साथ-साथ सत्य, भरोसे और मानवीय संबंधों पर इसके गहरे प्रभाव को लेकर गंभीर चेतावनी दी। समारोह में 2026 बैच के 374 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं।

मुख्य संबोधन: एआई की संभावनाएं और चेतावनियाँ

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रो. रंगराजन ने कहा, 'एआई शिक्षा और अनुसंधान में अपार संभावनाएं प्रदान करता है। यह जटिल समस्याओं को हल करने और वैज्ञानिक खोजों में तेज़ी लाने में हमारी मदद कर सकता है। लेकिन हमें इसके परिणामों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब तस्वीरें, वीडियो और जानकारी इतनी विश्वसनीय तरीके से तैयार की जा सकती हैं, तो हम कैसे जानेंगे कि क्या सच है? और जब तकनीक हमें डिजिटल रूप से करीब ला रही है, तो क्या हम एक-दूसरे से और दूर होते जा रहे हैं? हमें एआई की क्षमताओं को अपनाना चाहिए, लेकिन इस बारे में भी गंभीरता से सोचना चाहिए कि हम क्या खो सकते हैं।'

डिग्रियाँ और पदक: शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान

374 विद्यार्थियों को स्नातक डिग्रियाँ प्रदान की गईं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 10 विद्यार्थियों को पदकों से सम्मानित किया गया — जिनमें 5 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।

डॉ. प्रीति अदाणी की अध्यक्षता: उद्योग-शिक्षा सेतु पर ज़ोर

अदाणी यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, 'हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रो. रंगराजन हमारे मुख्य अतिथि हैं। गणित, अनुसंधान और शैक्षणिक नेतृत्व में उनका विशिष्ट योगदान हमारे स्नातक विद्यार्थियों और हम सभी के लिए एक शक्तिशाली प्रेरणा है।'

उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संबंधों पर डॉ. अदाणी ने स्पष्ट किया, 'इसका उद्देश्य यह नहीं है कि उद्योग जगत किसी विश्वविद्यालय को केवल यह बताए कि उसे क्या पढ़ाना चाहिए। बल्कि वास्तविक दुनिया की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से मिलने वाला अनुभव ऐसे सवालों को सामने ला सकता है, जिन्हें न तो उद्योग जगत और न ही शिक्षा जगत अकेले उठा पाता।'

उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे नए आविष्कारों पर काम करने का आग्रह किया, जिनका लाभ समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुँच सके। उनका यह वक्तव्य उस समय आया जब भारत बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के निर्माण के बाद अब नवाचार-केंद्रित विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है।

वार्षिक रिपोर्ट और विश्वविद्यालय का विज़न

प्रोवोस्ट प्रो. (डॉ.) धवल पुजारा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए संकाय, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उद्योग भागीदारों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने शैक्षणिक आधार को सुदृढ़ करने, अनुसंधान-संस्कृति विकसित करने और उद्योग एवं समाज के साथ निकटता से कार्य करने के प्रयासों की जानकारी दी।

2022 में स्थापित अदाणी यूनिवर्सिटी उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक शिक्षण और अनुसंधान पर केंद्रित है। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य एक बहुविषयक संस्थान के रूप में उभरना है जो भारत के विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक समयानुकूल चेतावनी है। गौरतलब है कि IISc जैसे शीर्ष संस्थान के प्रमुख का यह बयान भविष्य के शोधकर्ताओं के लिए एक नैतिक ढाँचे की माँग करता है, जो अभी भारतीय उच्च शिक्षा में काफी हद तक अनुपस्थित है। अदाणी यूनिवर्सिटी का उद्योग-शिक्षा मॉडल दिलचस्प है, लेकिन इसकी असली परख तब होगी जब अनुसंधान-आउटपुट और सामाजिक प्रभाव मापने योग्य आँकड़ों में सामने आएंगे।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी यूनिवर्सिटी का तीसरा दीक्षांत समारोह कब और कहाँ हुआ?
अदाणी यूनिवर्सिटी का तीसरा दीक्षांत समारोह 31 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में आयोजित हुआ। इस अवसर पर 2026 बैच के 374 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं।
IISc निदेशक गोविंदन रंगराजन ने एआई पर क्या कहा?
प्रो. रंगराजन ने कहा कि एआई जटिल समस्याओं को सुलझाने और वैज्ञानिक खोजों में तेज़ी लाने में सहायक है, लेकिन जब छवियाँ, वीडियो और जानकारी इतनी विश्वसनीय ढंग से गढ़ी जा सकती हैं तो सत्य की पहचान और मानवीय भरोसा कमज़ोर पड़ सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से एआई की क्षमताओं के साथ-साथ उसके जोखिमों के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया।
अदाणी यूनिवर्सिटी में कितने विद्यार्थियों को पदक मिले?
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कुल 10 विद्यार्थियों को पदक दिए गए — 5 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक।
अदाणी यूनिवर्सिटी की स्थापना कब हुई और इसका लक्ष्य क्या है?
अदाणी यूनिवर्सिटी की स्थापना 2022 में हुई। इसका उद्देश्य उद्योग जगत की ज़रूरतों के अनुरूप व्यावहारिक शिक्षण और अनुसंधान प्रदान करना है तथा दीर्घकालिक रूप से एक बहुविषयक अनुसंधान-केंद्रित संस्थान के रूप में भारत के विकास में योगदान देना है।
डॉ. प्रीति अदाणी ने उद्योग-शिक्षा संबंध पर क्या कहा?
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि उद्योग-शिक्षा सहयोग का अर्थ यह नहीं कि उद्योग केवल पाठ्यक्रम तय करे, बल्कि वास्तविक दुनिया की चुनौतियाँ ऐसे प्रश्न उठाती हैं जिन्हें दोनों मिलकर ही सुलझा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे आविष्कारों पर काम करने का आह्वान किया जो समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुँचें।
राष्ट्र प्रेस
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