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समर दावोस 2025: एआई को चिंतन और रचनात्मकता के लिए जगह बनानी चाहिए — इंडस्ट्री लीडर्स

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समर दावोस 2025: एआई को चिंतन और रचनात्मकता के लिए जगह बनानी चाहिए — इंडस्ट्री लीडर्स

सारांश

डालियान के समर दावोस में विशेषज्ञों ने एआई की भूमिका को नए नजरिए से परिभाषित किया — उत्पादकता से परे, चिंतन और रचनात्मकता की ओर। ईईजी-आधारित रोबोटिक आर्टवर्क 'डूइंग नथिंग विद एआई' ने दिखाया कि मशीनें इंसानी दिमाग के संकेतों पर कैसे प्रतिक्रिया दे सकती हैं।

मुख्य बातें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के समर दावोस ( डालियान, चीन ) में 23 जून को विशेषज्ञों ने एआई को मानव-केंद्रित बनाने पर जोर दिया।
आर्टिस्ट इमैनुएल गोलाब् का इंस्टॉलेशन ईईजी हेडसेट के जरिए दिमाग के संकेतों को पढ़कर रोबोट को नियंत्रित करता है।
बेंगलुरु साइंस गैलरी की निदेशक जाह्नवी फाल्के और शोधकर्ता रयान जेफरीज ने इस परियोजना की जानकारी दी।
आर्टवर्क का नाम 'डूइंग नथिंग विद एआई' है, जिसका उद्देश्य दर्शकों को अपने विचारों की गति धीमी करने और मानसिक स्थिति पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूरल एक्टिविटी को समझने से एआई अधिक सहानुभूतिपूर्ण और व्यक्तिगत तरीके से प्रतिक्रिया कर सकता है।

डालियान (चीन) में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 'एनुअल न्यू चैंपियंस मीटिंग' (समर दावोस) में मंगलवार, 23 जून को विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा केवल उत्पादकता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए — इसे चिंतन, रचनात्मकता और गहन मानवीय अनुभवों के लिए भी स्थान बनाना चाहिए। कला, न्यूरोसाइंस और एआई के संगम को प्रदर्शित करते हुए शोधकर्ताओं और क्यूरेटर्स ने बताया कि ब्रेन-सेंसिंग तकनीकें किस तरह इंसानों और मशीनों के बीच अधिक सहानुभूतिपूर्ण संवाद को संभव बना रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम: ईईजी और रोबोटिक्स का संगम

बेंगलुरु साइंस गैलरी की निदेशक जाह्नवी फाल्के ने समर दावोस में एक विशेष इंस्टॉलेशन की जानकारी दी, जिसे आर्टिस्ट इमैनुएल गोलाब् ने साइंस गैलरी मेलबर्न के सहयोग से तैयार किया है। इस इंस्टॉलेशन में दर्शक अपने माथे पर एक चश्मेनुमा उपकरण पहनते हैं, जो मस्तिष्क की ईईजी गतिविधि और विद्युत संकेतों को पकड़ता है। इसके बाद एक रोबोट उन संकेतों के आधार पर प्रतिक्रिया करता है जो उस व्यक्ति के दिमाग में उस क्षण चल रहे होते हैं।

फाल्के के अनुसार, 'इस मूर्ति के पीछे का विचार यह है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सिद्धांतों पर काम करती है। विजिटर अपने माथे पर एक ऐसा डिवाइस पहनते हैं जो दिमाग से निकलने वाली ईईजी एक्टिविटी और इलेक्ट्रिकल सिग्नल को डिटेक्ट करता है, और रोबोट उस पर प्रतिक्रिया देता है जो व्यक्ति के दिमाग के अंदर चल रहा होता है।'

'डूइंग नथिंग विद एआई': धीमे होने का आमंत्रण

साइंस गैलरी मेलबर्न के शोधकर्ता रयान जेफरीज ने इस इंटरैक्टिव आर्टवर्क को 'डूइंग नथिंग विद एआई' नाम दिया है। उन्होंने बताया, 'इसमें एक ईईजी हेडसेट का इस्तेमाल होता है जो दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को पकड़ता है और उसे एक बड़े रोबोटिक से जोड़ता है, जो उस एक्टिविटी के हिसाब से हिलता-डुलता है।'

जेफरीज के अनुसार, इस आर्टवर्क का मूल उद्देश्य दर्शकों को रुकने और अपने विचारों की गति धीमी करने के लिए प्रेरित करना है — ताकि वे एक बुद्धिमान मशीन के साथ संवाद करते हुए अपनी मानसिक स्थिति पर विचार कर सकें। यह ऐसे समय में आया है जब एआई की चर्चा प्रायः केवल दक्षता और स्वचालन तक सीमित रहती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं: एआई और मानवीय संवेदना

जानकारों के मुताबिक, मस्तिष्क की संवेदनाओं और न्यूरल एक्टिविटी को समझने से बुद्धिमान प्रणालियाँ लोगों के साथ अधिक व्यक्तिगत और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से प्रतिक्रिया कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीकें एआई और इंसानी भावनाओं के बीच की दूरी को पाटने में सहायक हो सकती हैं।

गौरतलब है कि यह प्रदर्शनी साइंस गैलरी इंटरनेशनल नेटवर्क के माध्यम से विश्वभर में एआई की भूमिका को नए नजरिए से परिभाषित करने की कोशिश का हिस्सा है।

आम जनता पर असर

फाल्के ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना दर्शाती है कि एआई सिर्फ काम की तेजी और उत्पादकता पर ध्यान देने के बजाय अधिक सार्थक और मानव-केंद्रित अनुभव बनाने में भी सक्षम है। यह दृष्टिकोण भविष्य में शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मक क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग को नई दिशा दे सकता है।

क्या होगा आगे

समर दावोस में हो रही इन चर्चाओं से संकेत मिलता है कि वैश्विक तकनीकी समुदाय एआई को केवल उद्योग-केंद्रित उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय अनुभव को समृद्ध करने वाले माध्यम के रूप में देखने लगा है। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और न्यूरो-आर्ट जैसे क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में और अधिक शोध और निवेश की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि ब्रेन-सेंसिंग तकनीकें व्यापक स्तर पर कब और कैसे आम लोगों तक पहुँचेंगी। 'डूइंग नथिंग विद एआई' जैसे आर्टवर्क वैचारिक रूप से प्रेरक हैं, परंतु एआई नीति-निर्माण में मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मकता को प्राथमिकता देने की ठोस पहल अभी भी दुर्लभ है। मुख्यधारा की एआई चर्चा जहाँ नौकरियों और स्वचालन पर केंद्रित है, वहीं यह मंच यह याद दिलाता है कि तकनीक का असली मूल्य तब है जब वह इंसान को अधिक इंसान बनाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समर दावोस 2025 में एआई पर विशेषज्ञों ने क्या कहा?
डालियान में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एनुअल न्यू चैंपियंस मीटिंग में 23 जून को विशेषज्ञों ने कहा कि एआई को केवल उत्पादकता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे चिंतन, रचनात्मकता और गहन मानवीय अनुभवों के लिए भी स्थान बनाना चाहिए। कला, न्यूरोसाइंस और एआई के संगम को प्रदर्शित करने वाले इंस्टॉलेशन के जरिए यह संदेश दिया गया।
'डूइंग नथिंग विद एआई' आर्टवर्क क्या है?
यह आर्टिस्ट इमैनुएल गोलाब् का एक इंटरैक्टिव आर्टवर्क है, जिसमें एक ईईजी हेडसेट दर्शक के मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को पकड़ता है और उसे एक रोबोट से जोड़ता है जो उसी के अनुसार हिलता-डुलता है। इसका उद्देश्य लोगों को रुककर अपने विचारों की गति धीमी करने और मानसिक स्थिति पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है।
बेंगलुरु साइंस गैलरी की इस परियोजना में क्या खास है?
बेंगलुरु साइंस गैलरी की निदेशक जाह्नवी फाल्के के अनुसार, यह प्रदर्शनी साइंस गैलरी मेलबर्न के सहयोग से तैयार की गई है और साइंस गैलरी इंटरनेशनल नेटवर्क का हिस्सा है। यह दिखाती है कि एआई इंसानी दिमाग के संकेतों को कैसे समझ सकता है और अधिक सार्थक, मानव-केंद्रित अनुभव बना सकता है।
ब्रेन-सेंसिंग तकनीक एआई को कैसे बेहतर बनाती है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मस्तिष्क की न्यूरल एक्टिविटी को समझने से बुद्धिमान प्रणालियाँ लोगों के साथ अधिक व्यक्तिगत और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से प्रतिक्रिया कर सकती हैं। इस तरह की तकनीकें एआई और इंसानी भावनाओं के बीच की दूरी को कम करने में सहायक हो सकती हैं।
इस एआई और कला के संगम का भविष्य में क्या महत्व होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और न्यूरो-आर्ट जैसे क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मक उद्योगों में एआई के नए अनुप्रयोग सामने आएंगे। यह दृष्टिकोण एआई को केवल उद्योग-केंद्रित उपकरण से आगे मानवीय अनुभव को समृद्ध करने वाले माध्यम के रूप में स्थापित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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