भारत का विशाल युवा टैलेंट पूल वैश्विक एआई इनोवेशन की अगुआई करेगा: समर दावोस में विशेषज्ञ
सारांश
मुख्य बातें
डालियान (चीन) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के 'एनुअल मीटिंग ऑफ द न्यू चैंपियंस' — जिसे समर दावोस भी कहा जाता है — में 25 जून 2026 को विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वैश्विक चुनौतियों — सस्टेनेबल शहरों के निर्माण से लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान की गति बढ़ाने तक — के समाधान में निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का विशाल और कुशल युवा टैलेंट पूल उसे वैश्विक एआई इकोसिस्टम में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करता है।
भारत की ताकत: युवा और कुशल कार्यबल
कनाडा स्थित कंपनी इंट्यूटिव एआई के सह-संस्थापक विवेक व्यास ने कहा कि भारत एक बड़ी और तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जिसकी सबसे बड़ी संपत्ति उसका युवा, कुशल और प्रतिभाशाली कार्यबल है। उन्होंने कहा, "युवा, स्किल्ड और इंटेलिजेंट वर्कफोर्स देश की सबसे बड़ी मजबूती है।" एटिनरी टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक और सीईओ डॉ. हरमन ट्रिबुकैट ने भी भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि देश में टैलेंटेड इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और युवा इनोवेटर्स का एक बड़ा समूह मौजूद है।
एआई से सस्टेनेबल शहरों का सपना
इंट्यूटिव एआई ने एआई-संचालित वेस्ट मैनेजमेंट समाधान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य शहरों को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ बनाना है। व्यास के अनुसार, यह स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट उत्पाद एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह तकनीक कचरे को पर्यावरण-जिम्मेदार तरीके से प्रोसेस करने और निपटाने के लिए एआई का उपयोग करती है।
वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई की भूमिका
डॉ. ट्रिबुकैट ने कहा कि एआई वैज्ञानिकों को अनुसंधान एवं विकास (R&D) की रफ्तार बढ़ाने और अधिक दक्षता से समाधान खोजने में सक्षम बना रहा है। उनके शब्दों में, "एआई, R&D की गति बढ़ाकर और वैज्ञानिकों को तेजी से समाधान खोजने में मदद करके वैज्ञानिक अनुसंधान में बुनियादी बदलाव ला रहा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि त्वरित वैज्ञानिक इनोवेशन, दवा, स्वच्छ ऊर्जा और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने वाले क्षेत्रों में बड़ी सफलताएँ दिला सकता है। ट्रिबुकैट ने यह भी रेखांकित किया कि विज्ञान और एआई का विकास इस प्रकार होना चाहिए जो मानवता के हित में हो।
भारत की वैश्विक एआई भूमिका
डॉ. ट्रिबुकैट ने कहा, "एआई-आधारित अनुसंधान में सही निवेश के साथ, भारत वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति में अहम योगदान दे सकता है।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार और निजी क्षेत्र दोनों एआई अवसंरचना और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारी निवेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी प्रतिभा आधारों में से एक है, जो उसे वैश्विक एआई दौड़ में एक स्वाभाविक दावेदार बनाता है।
समर दावोस 2026: इनोवेशन पर वैश्विक संवाद
23 जून से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय सम्मेलन 25 जून 2026 को संपन्न हुआ। 'इनोवेटिंग एट स्केल' थीम के तहत आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था और इनोवेशन पर चर्चा के लिए 1,700 से अधिक वैश्विक नेता एकत्र हुए। यह मंच उन उभरती तकनीकों और नीतियों पर केंद्रित था जो आने वाले दशक में दुनिया की दिशा तय करेंगी।