जम्मू-कश्मीर के रामबन में भूस्खलन ने एनएच-44 को फिर से अवरुद्ध किया

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जम्मू-कश्मीर के रामबन में भूस्खलन ने एनएच-44 को फिर से अवरुद्ध किया

सारांश

जम्मू-कश्मीर में रामबन जिले में भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित रहने के लिए यात्रा न करें।

Key Takeaways

  • भीषण भूस्खलन ने एनएच-44 को अवरुद्ध कर दिया है।
  • यातायात विभाग ने सुरक्षा के लिए आवागमन रोक दिया है।
  • सड़क खोलने का समय मौसम पर निर्भर करेगा।
  • यह राजमार्ग घाटी के लिए एक जीवन रेखा है।
  • राजमार्ग पर निर्भरता बनी रहेगी जब तक मालगाड़ियाँ नहीं चलतीं।

श्रीनगर, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक भीषण भूस्खलन ने फिर से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है।

यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को दोपहर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर डिगडोल और खूनी नाला के बीच में भूस्खलन हुआ, जिसके कारण सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई और वाहनों का आवागमन रुक गया।

मलबा और बड़े पत्थर राजमार्ग पर गिर गए हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।

यातायात अधिकारियों ने जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस व्यस्त राजमार्ग पर तुरंत आवागमन रोकने का निर्णय लिया है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एनएच-44 पर तब तक यात्रा न करें, जब तक कि सफाई कार्य पूरा न हो जाए और सड़क को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता।

मौसम में सुधार आने पर जल्दी ही मरम्मत कार्य शुरू होने की संभावना है।

लगभग 300 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग घाटी के लिए एक जीवन रेखा है, क्योंकि यहां की अधिकांश आवश्यक वस्तुएं इसी राजमार्ग के माध्यम से घाटी में लाए जाते हैं।

हालांकि जम्मू और घाटी के बीच रेल संपर्क पूर्ण रूप से चालू है, लेकिन एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, मटन, मुर्गी उत्पाद और सब्जियां अभी भी टैंकरों और ट्रकों के जरिए घाटी में पहुंचाई जाती हैं।

जब तक मालगाड़ियाँ जीवन की आवश्यक वस्तुएं लाना शुरू नहीं करतीं, तब तक घाटी की इस राजमार्ग पर निर्भरता बनी रहेगी।

नए पुलों, फ्लाईओवरों और सुरंगों के निर्माण के कारण श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा का समय पहले के 10 से 12 घंटों से घटकर 5 घंटे रह गया है।

फिर भी, रामसू से रामबन कस्बे तक का मार्ग खतरनाक होने के कारण यह राजमार्ग मौसम पर बहुत निर्भर है।

बारिश से होने वाले भूस्खलन और पत्थर गिरने से अक्सर इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होता है और मरम्मत कार्य में कई दिन लग जाते हैं।

Point of View

जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह समय है कि सरकार और प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं के लिए बेहतर तैयारी करें।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

भूस्खलन के कारण एनएच-44 कब खुल सकता है?
भूस्खलन के कारण एनएच-44 के खोलने का समय मौसम पर निर्भर करेगा। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
यात्री एनएच-44 पर यात्रा क्यों नहीं कर सकते?
यात्री एनएच-44 पर यात्रा नहीं कर सकते क्योंकि सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध है और जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात रोक दिया गया है।
इस भूस्खलन का प्रभाव क्या है?
इस भूस्खलन का प्रभाव यातायात अवरोध के रूप में देखा जा रहा है, जिससे घाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
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