31 जुलाई 2026
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एप्पल का भारत में जून-क्वार्टर रेवेन्यू रिकॉर्ड, टिम कुक बोले — हर बाज़ार में मिली मज़बूती

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एप्पल का भारत में जून-क्वार्टर रेवेन्यू रिकॉर्ड, टिम कुक बोले — हर बाज़ार में मिली मज़बूती

सारांश

सप्लाई चेन दबावों और विदेशी मुद्रा चुनौतियों के बावजूद एप्पल ने जून-क्वार्टर में 109.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया — भारत में मैकबुक नियो और आईफोन 17 की मांग ने एक और रिकॉर्ड तिमाही सुनिश्चित की। टिम कुक के लिए भारत अब महज़ उभरता बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक रिकॉर्ड का स्तंभ बन चुका है।

मुख्य बातें

एप्पल का जून-क्वार्टर 2026 रेवेन्यू 109.4 अरब डॉलर रहा — पिछले वर्ष से 16 प्रतिशत अधिक।
भारत समेत हर भौगोलिक क्षेत्र में जून-क्वार्टर का रेवेन्यू रिकॉर्ड दर्ज, सीईओ टिम कुक ने पुष्टि की।
वैश्विक मैक रेवेन्यू 10.4 अरब डॉलर — सालाना 29 प्रतिशत वृद्धि; मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो की मज़बूत बिक्री प्रमुख कारण।
ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत ; टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार भारत में कैलेंडर वर्ष 2026 में वैल्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद, आईफोन कीमतें बढ़ने की संभावना।

एप्पल ने जून 2026 तिमाही में भारत समेत हर भौगोलिक क्षेत्र में रेवेन्यू रिकॉर्ड दर्ज किया — यह उपलब्धि सप्लाई चेन में बड़ी रुकावटों और विदेशी मुद्रा की चुनौतियों के बावजूद हासिल हुई। कंपनी के सीईओ टिम कुक ने तिमाही नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन कंपनी की वैश्विक रणनीति की मज़बूती को दर्शाता है।

तिमाही नतीजों की मुख्य झलक

एप्पल का कुल तिमाही रेवेन्यू 109.4 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा, जिसमें टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ शामिल है। प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही — पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि — जिसमें टैरिफ रिफंड से 0.11 डॉलर का योगदान भी है।

भारत और मैक का शानदार प्रदर्शन

भारत में एप्पल ने एक और रिकॉर्ड रेवेन्यू तिमाही दर्ज की, जिसमें मैक श्रेणी का प्रदर्शन सर्वाधिक उल्लेखनीय रहा। मैकबुक नियो की जबरदस्त मांग और आईफोन 17 सीरीज की लगातार मज़बूत बिक्री इसकी प्रमुख वजह रही — यह तब और अधिक उल्लेखनीय है जब देश में आईफोन की आपूर्ति सीमित बनी रही। दुनिया भर में मैक का रेवेन्यू 10.4 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 29 प्रतिशत अधिक है और जून-क्वार्टर का नया वैश्विक रिकॉर्ड है।

टिम कुक और केवन पारेख के बयान

टिम कुक ने कहा, 'हमने हर भौगोलिक क्षेत्र में जून-क्वार्टर के रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए। हमें अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया में जून-क्वार्टर के रिकॉर्ड के साथ हर जगह मज़बूती देखकर खुशी हुई।' एप्पल के सीएफओ केवन पारेख ने कहा, 'इस बार मैक का सबसे शानदार तिमाही रहा। दुनिया भर में बहुत सारे नए लोगों ने मैक खरीदा और पुराने यूज़र्स ने भी अपग्रेड किया — इसमें अमेरिका, चीन और भारत के ग्राहक भी शामिल हैं।'

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, 'कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान भारत में वॉल्यूम में सिंगल-डिजिट लेकिन वैल्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है, और आईफोन की कीमत बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। इसके बावजूद, ब्रांड का आकर्षण नए यूज़र्स को इकोसिस्टम में लाता रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कंपोनेंट की बढ़ती लागत एंड्रॉयड इकोसिस्टम में कीमतें बढ़ाने के लिए दबाव बना रही है, हालांकि उद्योग विश्लेषकों के अनुसार एप्पल अपने मुख्य हार्डवेयर श्रेणियों में प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में है।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक टेक कंपनियाँ टैरिफ और सप्लाई चेन दबावों से जूझ रही हैं। भारत में एप्पल की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की रणनीति और बढ़ती प्रीमियम स्मार्टफोन माँग को देखते हुए, आने वाली तिमाहियों में भारत की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के बावजूद आपूर्ति की कमी क्यों बनी रही। काउंटरपॉइंट की डबल-डिजिट वैल्यू ग्रोथ की भविष्यवाणी और संभावित कीमत वृद्धि यह भी बताती है कि एप्पल भारत में मात्रा से ज़्यादा मूल्य की रणनीति अपना रही है — जो दीर्घकालिक बाज़ार पहुँच के लिए एक सीमा भी बन सकती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एप्पल ने जून-क्वार्टर 2026 में कितना रेवेन्यू कमाया?
एप्पल का जून-क्वार्टर 2026 रेवेन्यू 109.4 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से 16 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी का जून-क्वार्टर का नया रिकॉर्ड है।
भारत में एप्पल का प्रदर्शन इस तिमाही कैसा रहा?
भारत में एप्पल ने एक और रिकॉर्ड रेवेन्यू तिमाही दर्ज की, जिसमें मैकबुक नियो की मज़बूत बिक्री और आईफोन 17 सीरीज की लगातार माँग प्रमुख कारण रहे। यह उपलब्धि देश में आईफोन की सीमित आपूर्ति के बावजूद हासिल हुई।
एप्पल के मैक का इस तिमाही क्या हाल रहा?
दुनिया भर में मैक का रेवेन्यू 10.4 अरब डॉलर रहा — पिछले साल से 29 प्रतिशत अधिक और जून-क्वार्टर का नया वैश्विक रिकॉर्ड। मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो की मज़बूत बिक्री इसकी मुख्य वजह रही।
भारत में एप्पल की आगे की ग्रोथ कैसी रहने की उम्मीद है?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत में वॉल्यूम में सिंगल-डिजिट लेकिन वैल्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। आईफोन की कीमतें बढ़ने की संभावना के बावजूद ब्रांड का आकर्षण नए यूज़र्स को इकोसिस्टम में लाता रहेगा।
एप्पल का ग्रॉस मार्जिन इस तिमाही कितना रहा और टैरिफ रिफंड का क्या असर पड़ा?
एप्पल का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा, जिसमें टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ शामिल है। प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही, जिसमें टैरिफ रिफंड का 0.11 डॉलर का योगदान भी है।
राष्ट्र प्रेस
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