दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आरोग्य मंदिर खर्च में गड़बड़ी के आरोप किए खारिज
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने गुरुवार, 28 मई को उन मीडिया रिपोर्टों और अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण और संचालन पर हुए खर्च में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों का विकास पूरी तरह केंद्र सरकार के स्वीकृत दिशानिर्देशों के अनुरूप हुआ है।
मंत्री का स्पष्टीकरण
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि इन केंद्रों का विकास और संचालन भारत सरकार द्वारा निर्धारित वित्तीय मानदंडों, तकनीकी दिशानिर्देशों और स्वीकृत फंडिंग ढाँचे के अनुसार ही किया गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह सुझाव कि मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं में केवल ऊपरी तौर पर बदलाव किए गए थे या खर्च स्वीकृत मानदंडों से अधिक हो गया है, 'तथ्यात्मक रूप से गलत' है।
स्वीकृत वित्तीय ढाँचा
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के स्वीकृत ढाँचे के अंतर्गत प्रत्येक केंद्र के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए ₹25 लाख आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फर्नीचर, फिक्स्चर और आवश्यक कामकाजी ज़रूरतों के लिए ₹1 लाख अलग से दिए गए हैं। सेवा सुधार, मरीज़ अनुभव, जाँच सुविधाएँ और प्राथमिक स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़े सभी कार्य इन्हीं स्वीकृत सीमाओं के भीतर पूरे किए गए हैं।
दिल्ली में 370 केंद्र चालू
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दिल्ली भर में कुल 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चालू किए गए। इनमें से प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत 244 केंद्र और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 126 केंद्र संचालित हैं। ये केंद्र केंद्र सरकार प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत शुरू किए गए थे, जिनका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाना और निवारक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है।
जारी की गई कुल धनराशि
मंत्री ने बताया कि अब तक जारी की गई वास्तविक धनराशि इस प्रकार है: PM-ABHIM के तहत ₹58.30 करोड़ और NHM के तहत ₹8.50 करोड़ — इस तरह कुल ₹66.80 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह समूचा आवंटन स्वीकृत योजना के प्रावधानों और उपयोग के मानदंडों के पूरी तरह अनुरूप है।
आगे की राह
इन केंद्रों के माध्यम से दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की कोशिश जारी है। गौरतलब है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार की केंद्रीय रणनीति का हिस्सा है, और दिल्ली में इसके क्रियान्वयन पर अब राजनीतिक और मीडिया निगरानी बढ़ गई है।