लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए रेकी करने वाला गणित शिक्षक गिरफ्तार, ₹10 करोड़ रंगदारी मामले में दिल्ली स्पेशल सेल की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 जुलाई 2026 को लॉरेंस बिश्नोई-हरि बॉक्सर गैंग से जुड़े ₹10 करोड़ के रंगदारी मामले में एक गणित शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पीड़ित कारोबारी की रेकी करने और उसकी जानकारी सीधे गैंग के सदस्यों तक पहुँचाने का आरोप है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित बिश्नोई उर्फ रुद्र प्रताप सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हिसार, हरियाणा का निवासी है और गिरफ्तारी के समय दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रह रहा था। अमित बिश्नोई मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थानों में यूपीएससी और एसएससी अभ्यर्थियों को गणित पढ़ाता था। उसने फरीदाबाद से बीटेक की पढ़ाई की है और स्वयं भी मुखर्जी नगर में यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। वर्ष 2018 से वह विभिन्न कोचिंग संस्थानों में गणित शिक्षक के रूप में कार्यरत था।
मुख्य घटनाक्रम
15 जून 2026 को मुखर्जी नगर निवासी एक कारोबारी को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को हरि बॉक्सर बताया और ₹10 करोड़ की रंगदारी की माँग की। धमकी दी गई कि रकम नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
जाँच में सामने आया कि अमित बिश्नोई ने कथित तौर पर पीड़ित के कार्यालय और उसकी दैनिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई। आरोप है कि उसने पीड़ित के ऑफिस का वीडियो बनाकर हरि बॉक्सर को भेजा, जिसका इस्तेमाल गैंग ने धमकी देने और कार्यालय को नुकसान पहुँचाने की चेतावनी देने के लिए किया।
गैंग से संबंध कैसे बना
पुलिस की जाँच के अनुसार, अमित बिश्नोई और लॉरेंस बिश्नोई की पहचान वर्ष 2014 में हरियाणा में एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी। बाद में वह हरि बॉक्सर के संपर्क में आया, जिसने कथित तौर पर उसे पीड़ित कारोबारी और उसके व्यवसाय से जुड़ी सूचनाएँ एकत्र करने का काम सौंपा। गौरतलब है कि एक शिक्षक के रूप में उसकी साख ने उसे संदेह के दायरे से बाहर रखा, जो इस मामले को विशेष रूप से चिंताजनक बनाता है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में मुखर्जी नगर थाने में एफआईआर नंबर 254/2026, दिनांक 8 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) और 351(4) के तहत दर्ज किया गया था। स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज टीम इस मामले की जाँच कर रही है।
आगे की जाँच
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमित बिश्नोई गैंग के लिए कितने समय से काम कर रहा था और क्या अन्य रंगदारी मामलों में भी उसकी भूमिका रही है। यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि संगठित अपराध गिरोह अब पेशेवर और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ बना रहे हैं।