14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए रेकी करने वाला गणित शिक्षक गिरफ्तार, ₹10 करोड़ रंगदारी मामले में दिल्ली स्पेशल सेल की कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए रेकी करने वाला गणित शिक्षक गिरफ्तार, ₹10 करोड़ रंगदारी मामले में दिल्ली स्पेशल सेल की कार्रवाई

सारांश

यूपीएससी अभ्यर्थियों को गणित पढ़ाने वाला एक शिक्षक निकला लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुखबिर — दिल्ली स्पेशल सेल ने ₹10 करोड़ रंगदारी मामले में अमित बिश्नोई को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने पीड़ित कारोबारी के ऑफिस का वीडियो बनाकर हरि बॉक्सर को भेजा, जिसका इस्तेमाल धमकी देने में हुआ।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 जुलाई 2026 को गणित शिक्षक अमित बिश्नोई उर्फ रुद्र प्रताप सिंह (35) को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई-हरि बॉक्सर गैंग के लिए पीड़ित कारोबारी के कार्यालय की रेकी की और वीडियो साझा किया।
15 जून 2026 को कारोबारी को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर ₹10 करोड़ की रंगदारी माँगी गई थी।
आरोपी वर्ष 2014 से लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में था; 2018 से मुखर्जी नगर में गणित शिक्षक के रूप में कार्यरत था।
मामला बीएनएस की धारा 308(4) और 351(4) के तहत मुखर्जी नगर थाने में दर्ज; पूछताछ जारी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 जुलाई 2026 को लॉरेंस बिश्नोई-हरि बॉक्सर गैंग से जुड़े ₹10 करोड़ के रंगदारी मामले में एक गणित शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पीड़ित कारोबारी की रेकी करने और उसकी जानकारी सीधे गैंग के सदस्यों तक पहुँचाने का आरोप है।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित बिश्नोई उर्फ रुद्र प्रताप सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हिसार, हरियाणा का निवासी है और गिरफ्तारी के समय दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रह रहा था। अमित बिश्नोई मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थानों में यूपीएससी और एसएससी अभ्यर्थियों को गणित पढ़ाता था। उसने फरीदाबाद से बीटेक की पढ़ाई की है और स्वयं भी मुखर्जी नगर में यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। वर्ष 2018 से वह विभिन्न कोचिंग संस्थानों में गणित शिक्षक के रूप में कार्यरत था।

मुख्य घटनाक्रम

15 जून 2026 को मुखर्जी नगर निवासी एक कारोबारी को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को हरि बॉक्सर बताया और ₹10 करोड़ की रंगदारी की माँग की। धमकी दी गई कि रकम नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

जाँच में सामने आया कि अमित बिश्नोई ने कथित तौर पर पीड़ित के कार्यालय और उसकी दैनिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई। आरोप है कि उसने पीड़ित के ऑफिस का वीडियो बनाकर हरि बॉक्सर को भेजा, जिसका इस्तेमाल गैंग ने धमकी देने और कार्यालय को नुकसान पहुँचाने की चेतावनी देने के लिए किया।

गैंग से संबंध कैसे बना

पुलिस की जाँच के अनुसार, अमित बिश्नोई और लॉरेंस बिश्नोई की पहचान वर्ष 2014 में हरियाणा में एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी। बाद में वह हरि बॉक्सर के संपर्क में आया, जिसने कथित तौर पर उसे पीड़ित कारोबारी और उसके व्यवसाय से जुड़ी सूचनाएँ एकत्र करने का काम सौंपा। गौरतलब है कि एक शिक्षक के रूप में उसकी साख ने उसे संदेह के दायरे से बाहर रखा, जो इस मामले को विशेष रूप से चिंताजनक बनाता है।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में मुखर्जी नगर थाने में एफआईआर नंबर 254/2026, दिनांक 8 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) और 351(4) के तहत दर्ज किया गया था। स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज टीम इस मामले की जाँच कर रही है।

आगे की जाँच

स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमित बिश्नोई गैंग के लिए कितने समय से काम कर रहा था और क्या अन्य रंगदारी मामलों में भी उसकी भूमिका रही है। यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि संगठित अपराध गिरोह अब पेशेवर और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक शिक्षक की विश्वसनीय छवि ही उसे आदर्श मुखबिर बनाती है। यह पहली बार नहीं है जब बिश्नोई गैंग ने दिल्ली-एनसीआर के व्यापारियों को निशाना बनाया हो, लेकिन इस बार रेकी के लिए एक स्थापित कोचिंग शिक्षक का इस्तेमाल गैंग की परिष्कृत होती रणनीति की ओर इशारा करता है। स्पेशल सेल की जाँच का असली इम्तिहान यह होगा कि क्या वह इस गिरफ्तारी से गैंग के व्यापक नेटवर्क तक पहुँच पाती है, या यह मामला एक अकेले आरोपी तक सिमट कर रह जाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में गिरफ्तार गणित शिक्षक पर क्या आरोप हैं?
अमित बिश्नोई उर्फ रुद्र प्रताप सिंह पर आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई-हरि बॉक्सर गैंग के लिए मुखर्जी नगर के एक कारोबारी के कार्यालय की रेकी की और उसका वीडियो गैंग को भेजा। इस वीडियो का इस्तेमाल कथित तौर पर ₹10 करोड़ की रंगदारी माँगने और धमकी देने में किया गया।
लॉरेंस बिश्नोई-हरि बॉक्सर गैंग का इस रंगदारी मामले से क्या संबंध है?
15 जून 2026 को एक विदेशी नंबर से कारोबारी को व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को हरि बॉक्सर बताया और ₹10 करोड़ की रंगदारी माँगी। जाँच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने पीड़ित की जानकारी जुटाकर गैंग को दी थी, जिसका इस्तेमाल धमकी देने में हुआ।
आरोपी अमित बिश्नोई का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संपर्क कब और कैसे हुआ?
पुलिस जाँच के अनुसार, अमित बिश्नोई और लॉरेंस बिश्नोई की पहचान वर्ष 2014 में हरियाणा में एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी। बाद में वह हरि बॉक्सर के संपर्क में आया, जिसने उसे रेकी का काम सौंपा।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं और एफआईआर कब दर्ज हुई?
मुखर्जी नगर थाने में एफआईआर नंबर 254/2026, दिनांक 8 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4) और 351(4) के तहत दर्ज किया गया था। स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज टीम मामले की जाँच कर रही है।
क्या पुलिस को इस गिरफ्तारी से गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की उम्मीद है?
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, अमित बिश्नोई से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगा रही है कि वह गैंग के लिए कितने समय से काम कर रहा था तथा अन्य रंगदारी मामलों में उसकी भूमिका थी या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले