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असम बाढ़: शिवसागर में दिखौ नदी खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर, ASDMA ने एडवाइजरी जारी की

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असम बाढ़: शिवसागर में दिखौ नदी खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर, ASDMA ने एडवाइजरी जारी की

सारांश

असम के शिवसागर में दिखौ नदी खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर बह रही है — जो 2 जुलाई 2024 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर से महज 0.09 मीटर नीचे है। ASDMA ने तत्काल एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को नदी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

मुख्य बातें

ASDMA ने शिवसागर जिले में दिखौ नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर आपातकालीन एडवाइजरी जारी की।
CWC के अनुसार, नदी का जलस्तर 94.26 मीटर — खतरे के निशान 92.40 मीटर से 1.86 मीटर ऊपर।
यह स्तर 2 जुलाई 2024 के सर्वाधिक बाढ़ स्तर 94.35 मीटर से केवल 0.09 मीटर नीचे है।
चेतावनी शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे IST तक प्रभावी रही।
नागरिकों को मछली पकड़ने, नहाने या अन्य गतिविधियों के लिए नदी के पास जाने से मना किया गया है।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात; जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहा है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने 25 जुलाई 2025 को शिवसागर जिले में दिखौ नदी के खतरनाक जलस्तर को देखते हुए नागरिकों के लिए आपातकालीन एडवाइजरी जारी की। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आँकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 9 बजे IST नदी का जलस्तर 94.26 मीटर दर्ज किया गया — जो 92.40 मीटर के खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर है। जलस्तर में मामूली गिरावट के बावजूद स्थिति अभी भी गंभीर बाढ़ की श्रेणी में बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

ASDMA ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया कि शिवसागर में दिखौ नदी का जलस्तर लगातार ऊँचा बने रहने के कारण नागरिकों को नदी के निकट जाने से बचना चाहिए। यह चेतावनी शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे IST तक प्रभावी रही। CWC ने रिपोर्ट किया कि हालाँकि जलस्तर 2 जुलाई 2024 को दर्ज किए गए अब तक के सर्वाधिक स्तर 94.35 मीटर से मात्र 0.09 मीटर नीचे है, फिर भी यह नदी के किनारे बसे निचले इलाकों के लिए गंभीर जोखिम बना हुआ है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहे हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं और यदि जलस्तर पुनः बढ़ता है या नई वर्षा से स्थिति बिगड़ती है, तो तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। अधिकारियों ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग मछली पकड़ने, नहाने या किसी भी गतिविधि के लिए नदी के पास न जाएँ।

आम जनता पर असर

दिखौ नदी के किनारे बसे शिवसागर जिले के निचले इलाकों में रहने वाले निवासी सर्वाधिक प्रभावित हैं। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ का सामना करता है और ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियाँ बार-बार खतरे के निशान को पार करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी वर्षा जारी है।

क्या करें, क्या न करें

ASDMA ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहें न फैलाएँ। बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।

आगे की स्थिति

CWC और ASDMA दोनों जलस्तर की घड़ी-घड़ी निगरानी कर रहे हैं। यदि आगामी घंटों में वर्षा तेज़ होती है, तो प्राधिकरण नई एडवाइजरी जारी कर सकता है। फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दीर्घकालिक संरचनात्मक संकट है। ASDMA की एडवाइजरी समय पर आई, लेकिन सवाल यह है कि नदी तटीय निचले इलाकों में स्थायी पुनर्वास और बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे पर राज्य सरकार की दीर्घकालिक रणनीति क्या है। हर वर्ष एडवाइजरी जारी करना और इमरजेंसी टीमें तैनात करना प्रतिक्रियात्मक उपाय है — निवारक नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिखौ नदी में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
CWC के अनुसार, शुक्रवार सुबह 9 बजे IST दिखौ नदी का जलस्तर 94.26 मीटर था, जो 92.40 मीटर के खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर है। यह स्तर 2 जुलाई 2024 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर 94.35 मीटर से केवल 0.09 मीटर नीचे है, इसलिए स्थिति गंभीर बाढ़ की श्रेणी में बनी हुई है।
ASDMA ने क्या एडवाइजरी जारी की है?
ASDMA ने शिवसागर जिले के नागरिकों को दिखौ नदी से दूर रहने की सलाह दी है। यह एडवाइजरी शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे IST तक प्रभावी थी और लोगों को मछली पकड़ने, नहाने या किसी भी गतिविधि के लिए नदी के पास न जाने का निर्देश दिया गया।
शिवसागर में बाढ़ से कौन सबसे अधिक प्रभावित है?
दिखौ नदी के किनारे बसे शिवसागर जिले के निचले इलाकों में रहने वाले निवासी सर्वाधिक जोखिम में हैं। अधिकारियों ने विशेष रूप से इन्हीं क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की अपील की है।
क्या जलस्तर में कमी आ रही है?
अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह अभी भी गंभीर बाढ़ की श्रेणी में बना हुआ है। यदि नई वर्षा होती है तो जलस्तर पुनः बढ़ सकता है, इसलिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें सतर्क हैं।
बाढ़ से जुड़ी आपात स्थिति में क्या करें?
ASDMA ने नागरिकों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें, अफवाहें न फैलाएँ और किसी भी बाढ़ संबंधी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन अधिकारियों को दें।
राष्ट्र प्रेस
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