असम बाढ़ 2026: फ्रांस और इज़रायल ने जताई संवेदना, 66 मौतें, 71 हज़ार लोग राहत शिविरों में
सारांश
मुख्य बातें
असम में भीषण बाढ़ ने 25 जिलों और 2,157 गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसमें अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग लापता हैं। 28 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से जारी इस प्राकृतिक आपदा में करीब 71,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया जा चुका है। इस मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने भी एकजुटता व्यक्त की है।
अंतरराष्ट्रीय एकजुटता
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथौ ने मंगलवार, 29 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री सरमा की पोस्ट साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति फ्रांस की सहानुभूति है और "इस कठिन समय में फ्रांस, असम के लोगों के साथ खड़ा है।" उन्होंने लापता लोगों के सुरक्षित मिलने और प्रभावितों के शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने की कामना भी की।
इससे एक दिन पहले, सोमवार 28 जुलाई को नई दिल्ली स्थित इज़रायली दूतावास ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएँ साझा कीं। दूतावास ने लिखा, 'असम में आई भीषण बाढ़ पीड़ित सभी परिवारों और समुदायों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। इस मुश्किल समय में इज़रायल, असम और भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।'
राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति
मुख्यमंत्री सरमा ने 28 जुलाई को बताया कि राज्य सरकार अधिक प्रभावित इलाकों तक पहुँचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी रखे हुए है। पीड़ितों की सहायता के लिए 1,690 राहत वितरण केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियाँ समन्वित तरीके से भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
गौरतलब है कि 27 जुलाई को साझा आँकड़ों के अनुसार, एक दिन पहले की तुलना में राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि बचाव दल दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने में सफल रहे। साथ ही, राहत वितरण की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए केंद्रों की संख्या में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई।
आपदा का दायरा और नुकसान
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से 27 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक की अवधि में यह प्राकृतिक आपदा 25 जिलों को प्रभावित कर चुकी है। 2,157 गाँव इसकी चपेट में आए हैं, 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग अभी भी लापता हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर मानसून सीज़न में बाढ़ की विनाशलीला झेलता है, लेकिन इस वर्ष का प्रकोप विशेष रूप से व्यापक रहा है।
आगे की राह
राज्य सरकार का ध्यान अब दूरस्थ और कटे हुए क्षेत्रों तक राहत पहुँचाने पर केंद्रित है। अंतरराष्ट्रीय संवेदनाओं के बीच, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी ढाँचे की बहाली की चुनौती सामने है। बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में और अपडेट अपेक्षित हैं।