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असम बाढ़ 2026: फ्रांस और इज़रायल ने जताई संवेदना, 66 मौतें, 71 हज़ार लोग राहत शिविरों में

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असम बाढ़ 2026: फ्रांस और इज़रायल ने जताई संवेदना, 66 मौतें, 71 हज़ार लोग राहत शिविरों में

सारांश

असम में 29 अप्रैल से जारी बाढ़ ने 25 जिलों को तबाह किया, 66 जानें गईं और 71,000 लोग शिविरों में हैं। फ्रांस के राजदूत और इज़रायली दूतावास ने एक्स पर एकजुटता जताई। 1,690 राहत केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।

मुख्य बातें

असम बाढ़ 2026 में 29 अप्रैल से 27 जुलाई तक 25 जिले और 2,157 गाँव प्रभावित।
66 लोगों की मौत , 8 लोग लापता , 71,000 से अधिक राहत शिविरों में।
पीड़ितों की सहायता के लिए 1,690 राहत वितरण केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय।
फ्रांस के राजदूत थियरी माथौ ने एक्स पर संवेदना जताई — 'फ्रांस, असम के लोगों के साथ खड़ा है।' इज़रायली दूतावास ने भी 28 जुलाई को एक्स पर एकजुटता व्यक्त की।
राहत शिविरों में एक दिन में 50% वृद्धि; वितरण केंद्रों में 14% बढ़ोतरी।

असम में भीषण बाढ़ ने 25 जिलों और 2,157 गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसमें अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग लापता हैं। 28 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से जारी इस प्राकृतिक आपदा में करीब 71,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया जा चुका है। इस मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने भी एकजुटता व्यक्त की है।

अंतरराष्ट्रीय एकजुटता

भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथौ ने मंगलवार, 29 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री सरमा की पोस्ट साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति फ्रांस की सहानुभूति है और "इस कठिन समय में फ्रांस, असम के लोगों के साथ खड़ा है।" उन्होंने लापता लोगों के सुरक्षित मिलने और प्रभावितों के शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने की कामना भी की।

इससे एक दिन पहले, सोमवार 28 जुलाई को नई दिल्ली स्थित इज़रायली दूतावास ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएँ साझा कीं। दूतावास ने लिखा, 'असम में आई भीषण बाढ़ पीड़ित सभी परिवारों और समुदायों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। इस मुश्किल समय में इज़रायल, असम और भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।'

राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति

मुख्यमंत्री सरमा ने 28 जुलाई को बताया कि राज्य सरकार अधिक प्रभावित इलाकों तक पहुँचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी रखे हुए है। पीड़ितों की सहायता के लिए 1,690 राहत वितरण केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियाँ समन्वित तरीके से भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

गौरतलब है कि 27 जुलाई को साझा आँकड़ों के अनुसार, एक दिन पहले की तुलना में राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि बचाव दल दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने में सफल रहे। साथ ही, राहत वितरण की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए केंद्रों की संख्या में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई।

आपदा का दायरा और नुकसान

मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से 27 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक की अवधि में यह प्राकृतिक आपदा 25 जिलों को प्रभावित कर चुकी है। 2,157 गाँव इसकी चपेट में आए हैं, 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग अभी भी लापता हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर मानसून सीज़न में बाढ़ की विनाशलीला झेलता है, लेकिन इस वर्ष का प्रकोप विशेष रूप से व्यापक रहा है।

आगे की राह

राज्य सरकार का ध्यान अब दूरस्थ और कटे हुए क्षेत्रों तक राहत पहुँचाने पर केंद्रित है। अंतरराष्ट्रीय संवेदनाओं के बीच, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी ढाँचे की बहाली की चुनौती सामने है। बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में और अपडेट अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली सवाल यह है कि 29 अप्रैल से 27 जुलाई तक तीन महीने की आपदा के बाद भी 8 लोग लापता क्यों हैं और 2,157 गाँव क्यों बार-बार डूबते हैं। राहत वितरण केंद्रों की संख्या बढ़ाना तात्कालिक राहत है, न स्थायी हल। ब्रह्मपुत्र बेसिन में बाढ़ नियंत्रण के लिए दशकों से प्रस्तावित परियोजनाएँ कागज़ों पर ही रह गई हैं — यही वह असली कहानी है जो मौसमी कवरेज में दब जाती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2026 में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल से 27 जुलाई 2026 तक 25 जिले और 2,157 गाँव प्रभावित हुए हैं, 66 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग अभी भी लापता हैं। 71,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया है।
फ्रांस के राजदूत ने असम बाढ़ पर क्या कहा?
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथौ ने एक्स पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पोस्ट साझा करते हुए कहा कि 'इस कठिन समय में फ्रांस, असम के लोगों के साथ खड़ा है।' उन्होंने लापता लोगों के सुरक्षित मिलने और प्रभावितों के शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने की कामना की।
असम में राहत और बचाव कार्य कैसे चल रहा है?
राज्य सरकार के 1,690 राहत वितरण केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। बचाव दल दूरदराज के क्षेत्रों से लोगों को निकाल रहे हैं, जिससे एक दिन में राहत शिविरों में 50% वृद्धि दर्ज की गई। प्रशासन भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है।
इज़रायल ने असम बाढ़ पर क्या प्रतिक्रिया दी?
नई दिल्ली स्थित इज़रायली दूतावास ने 28 जुलाई को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'इज़रायल, असम और भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।' दूतावास ने बाढ़ पीड़ित परिवारों और समुदायों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
असम बाढ़ 2026 कब से शुरू हुई और कितने जिले प्रभावित हैं?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा साझा आँकड़ों के अनुसार, यह आपदा 29 अप्रैल 2026 से जारी है और 25 जिलों को प्रभावित कर चुकी है। 2,157 गाँव इसकी चपेट में आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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