13 अगस्त 2026
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असम बाढ़ राहत: CM हिमंता सरमा ने बताया, 48.55 लाख किलो चावल वितरित, आपूर्ति श्रृंखला बहाल

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असम बाढ़ राहत: CM हिमंता सरमा ने बताया, 48.55 लाख किलो चावल वितरित, आपूर्ति श्रृंखला बहाल

सारांश

असम में बाढ़ के बीच CM हिमंता सरमा ने राहत अभियान के आंकड़े साझा किए — 48.55 लाख किलो चावल, 10 लाख किलो दाल और 1.63 लाख लीटर सरसों तेल वितरित। सरकार का दावा है कि पहले दिन से आपूर्ति निर्बाध बनाए रखी गई है।

मुख्य बातें

असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 अगस्त 2026 को बाढ़ राहत के आंकड़े सार्वजनिक किए।
राज्य में अब तक 48,55,864 किलोग्राम चावल बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित किया गया।
राहत सामग्री में 10,15,785 किलोग्राम दाल , 4,00,794 किलोग्राम नमक और 1,63,549 लीटर सरसों का तेल भी शामिल।
ब्रह्मपुत्र और सहायक नदियों के उफान से असम के कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित।
जिला प्रशासन और संबद्ध एजेंसियों के माध्यम से राहत एवं पुनर्वास कार्यों का समन्वय जारी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बाढ़ की शुरुआत से अब तक बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच 48,55,864 किलोग्राम चावल वितरित किया है और जरूरी खाद्य सामग्री की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखी है। गुवाहाटी से दिए गए इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ा है।

राहत वितरण के आंकड़े

मुख्यमंत्री सरमा द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चावल के अलावा राहत सामग्री में 10,15,785 किलोग्राम दाल, 4,00,794 किलोग्राम नमक और 1,63,549 लीटर सरसों का तेल भी शामिल है। ये आँकड़े बताते हैं कि सरकार ने केवल मुख्य अनाज तक सीमित न रहते हुए खाना पकाने की बुनियादी ज़रूरतों को भी प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'जब हमारे लोगों को हमारी जरूरत होती है, तो हम न तो कभी डगमगाते हैं और न ही कभी पीछे हटते हैं। पहले दिन से ही, पूरे असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक खाने-पीने का जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। हम हर कदम पर उनके साथ बने रहेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

असम में बाढ़ की स्थिति

मानसून के दौरान ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान तथा पड़ोसी राज्यों से आने वाले अतिरिक्त जल के कारण असम हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आता है। इस बार भी भारी वर्षा के चलते कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, कृषि भूमि, सड़कें और बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुए हैं। गौरतलब है कि यह असम की उन आवर्ती आपदाओं में से एक है जो दशकों से राज्य की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को प्रभावित करती रही हैं।

सरकार की समन्वय व्यवस्था

राज्य सरकार जिला प्रशासन और संबद्ध एजेंसियों के माध्यम से राहत एवं पुनर्वास कार्यों का समन्वय कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, वितरण अभियान उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहाँ सामान्य जनजीवन सर्वाधिक बाधित हुआ है और जहाँ निजी आपूर्ति श्रृंखलाएँ टूट गई हैं।

आगे की स्थिति

मुख्यमंत्री सरमा ने आश्वासन दिया है कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, सरकार प्रभावित परिवारों की सहायता जारी रखेगी। राहत कार्यों की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है और आवश्यकतानुसार सामग्री की अतिरिक्त खेप भेजे जाने की तैयारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह सामग्री सबसे दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक पहुँच रही है या नहीं — वह जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। असम में बाढ़ कोई नई आपदा नहीं है; दशकों से यही चक्र दोहराया जाता है — राहत वितरण, आंकड़े, और फिर अगले साल वही स्थिति। दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन और ब्रह्मपुत्र तटबंध सुदृढ़ीकरण पर कोई ठोस घोषणा न होना इस प्रतिक्रियात्मक रणनीति की सीमा को उजागर करता है। राहत संख्याएँ जवाबदेही का पहला कदम हैं — पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ राहत में अब तक कितना चावल वितरित किया गया है?
CM हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार, राहत अभियान की शुरुआत से अब तक पूरे असम में 48,55,864 किलोग्राम चावल बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा दाल, नमक और सरसों का तेल भी बांटा गया है।
असम बाढ़ राहत में चावल के अलावा क्या-क्या सामग्री वितरित की गई?
चावल के अतिरिक्त राहत सामग्री में 10,15,785 किलोग्राम दाल , 4,00,794 किलोग्राम नमक और 1,63,549 लीटर सरसों का तेल शामिल है। सरकार ने खाना पकाने की बुनियादी ज़रूरतों को भी प्राथमिकता दी है।
असम में बाढ़ क्यों आती है और इस बार कौन-से क्षेत्र प्रभावित हैं?
मानसून के दौरान भारी वर्षा, ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान तथा पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के कारण असम में हर वर्ष बाढ़ आती है। इस बार भी कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और कृषि भूमि व बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है।
CM हिमंता सरमा ने बाढ़ राहत को लेकर क्या कहा?
CM सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार पहले दिन से ही प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुँचाने में जुटी है और स्थिति सुधरने तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
असम में बाढ़ राहत का समन्वय कैसे हो रहा है?
राज्य सरकार जिला प्रशासन और संबद्ध एजेंसियों के माध्यम से राहत एवं पुनर्वास कार्यों का समन्वय कर रही है। प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जा रही है जहाँ सामान्य आपूर्ति श्रृंखलाएँ बाधित हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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